भोपाल~समाजसेवी का सना खान ने मासूम बेटी को दिलवाई आंख- अब वह दुनिया देखेगी~~

भोपाल( सैयद रिजवान अली ) I

जीता तो हर कोई है जिंदगी यहां...  पर जीते हैं कितने लोग सार्थक जिंदगी.... जीता तो वही है जो दूसरों के लिए जीता है और दूसरों के लिए सहयोग करता है, हम बात कर रहे हैं उसी समाज के विकास में जिनका नाम है सना खान सना का शाब्दिक अर्थ होता है तारीफ और कुदरत का करिश्मा देखो कि वह क्यों आए दिन सभी समाज के लोगों की मदद करती है तो उनके तारीफ खुद ब खुद होती है या शायराना अंदाज में हम तो हैं तो कुछ इस तरह होगा " चमक सूरज की नहीं मेरे किरदार की है
खबर ये आसमाँ के अखबार की है "
मैं चलूँ तो मेरे संग कारवाँ चले….
बात गुरूर की नहीं, मेरे ऐतबार की है...सना खान के ऊपर बिल्कुल फिट बैठती हैं, जिन्होंने एक और बीमार जरूरतमंद को एक नई रोशनी, एक नई जिंदगी दी l
प्राप्त जानकारी के अनुसार  13 साल की बच्ची   अक्सा बी पितामुन्ना भाई मेकेनिक और उनकी भी तबियत  ठीक नहीं रहती l   उनकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नही हैं जिसमें इस बच्ची का इलाज करवा पाना बहुत मुश्किल हो गया था और ये रहने वाले चंदन नगर इंदौर के हैं, इस बच्ची को एक आंख से बिल्कुल भी नही दिखता था बच्ची के पिता अपनी हैसियत के मुताबिक  बच्ची का इलाज बचपन से ही करवा रहे थे लेकिन हर जगह मदद के नाम पर ना कामयाबी मिल रही थी रही थी ऐसे में उनको समाज सेविका सना खान मदीना नगर इंदौर  के बारे में जानकारी मिली बच्ची के पिता ने समाज सेविका सना खान से मुलाकात कर  बच्ची की आंख के इलाज के बारे में उन्हें पूरी बात बताई, पूरी बात सुनकर  सना जी ने उनसे आयुष्मान कार्ड के लिए पूछा तो पता चला आयुष्मान कार्ड हैं बच्ची का l सना खान ने बिना देर किए रेटीना हॉस्पिटल इंदौर के जिम्मेदार अनुराग व्यास  से बात की और बच्ची की सारी रिपोर्ट उन्हें व्हाट्सप्प की l अनुराग जी ने दूसरे ही दिन बच्ची को हॉस्पिटल लाने को कहा और जब बच्ची को Dr अरुण भार्गव सर ने देखा तो बताया के इसका एक ही आंख को इलाज की जरूरत है हैं के इस बच्ची की आंख ही बदलना पड़ेगी जो की अभी आई बैंक में नही है उन्होंने कहा आप कुछ जांचे बाहर से करवा लो उसके बाद जेसे ही आई बैंक में आंख आती हैं तो बच्ची का ऑपरेशन कर के दूसरी आंख लगा देंगे कहने में बड़ा आसान लग रहा था लेकिन में बहुत ही दुविधा में थी क्योंकि वो मासूम सी बच्ची और उसके माता पिता ने सना जी से बहुत बड़ी उम्मीद लगा ली थी कि उनकी बच्ची की अंधेरी जिंदगी में रोशनी आ जायेगी, सना  ने उस बच्ची की जो जांच डॉक्टर ने लिखी थी वो करवा ली
अब इंतजार था आई बैंक में आंख आने का, 11/11/2021 को वो दिन भी आ गया रेटीना हॉस्पिटल से अनुराग व्यास सर का कॉल आया कि  आई बैंक में आंख आ गई हैं  सना  आप कल बच्ची को एडमिट कर दो और सना जी ने 12/11/2021 को बच्ची को एडमिट किया और  रात 9:30 बजे बच्ची का डॉक्टर अरुण भार्गव सर ने ऑपरेशन कर के दूसरी आंख लगा दी ये पूरा ऑपरेशन आयुष्मान कार्ड से ही हुआ और उस मासूम बच्ची के अंधेरे जीवन में रोशनी आ गई
ईश्वर-अल्लाह से यही दुआएं हैं कि इन्हें और कामयाबी तरक्की दे इनके ख़िदमतो के हौसलों को कायम रखे और ऐसे ही गरीब, जरूरतमंदों की खिदमते करती रहे और इन्हें इसका बेहतर से बेहतर सिला दे l आमीन


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