झाबुआ~ बदलते मौसम में बीमारियों ने भी बदला रंग......मरीजों को देना पड़ रहा दवाइयों का डबल डोज~~



झाबुआसंजय जैन~~

बदलते मौसम में बीमारियों ने भी रंग बदल लिया है। ऐसे में बॉडी का तापमान असामान्य हो गया है। कभी तापमान बढऩे तो कभी अचानक गिरावट होने से शरीर में ये बदलाव हो रहे हैं। जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मार्च-2020 से शुरू हुए कोरोना काल के बाद से अब तक के 21 माह में कोरोना,डेंगू,कोल्ड वायरस और अब वायरल इंफेक्शन के साथ ही कोविड के बढ़ते मरीजों के बीच ओमिक्रॉन का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में मरीजों को सायरप के 10 एमएल की बजाए 20 एमएल और एंटीबायोटिक 100 की बजाए 200 एमजी का डोज देना पड़ रहा है यानी सीधे डोज डबल।






देना पड़ रहा है सीधे डोज डबल.........
जनरल फिजिसियन डॉ.किराड़ का कहना है कि लाइन ऑफ ट्रीटमेंट के तहत मरीज के वजन के अनुसार एक किलो वजन पर मरीज को 10 एमजी के अनुमान से दवाई देना होती है लेकिन बीमारियों के दौर में तय डोज से स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा है। इस वजह से डॉक्टर्स मरीजों को 100 एमजी की बजाए 200 एमजी की दवाइयां दे रहे हैं,यानी सीधे डोज डबल।। वायरस में लगातार हो रहे बदलाव के चलते ऐसा हो रहा है।
वायरस का असर कमजोर करने के लिए अब हाई डोज देना पड़ रहा......
कोरोना काल से अब तक लोगों की इम्युनिटी भी कमजोर हुई है,जिससे मरीजों को हाई डोज की आवश्यकता पडऩे लगी है। मरीजों में विटामिन-डी की कमी भी देखी जा रही है। पूर्व के लाइन ऑफ  ट्रीटमेंट के तहत मरीजों के स्वास्थ्य में तय समय सीमा में सुधार नहीं हो पा रहा है। पहले एमोक्सीलिन, केफलोप्रोइन का असर मरीजों पर अच्छे से हो जाता था और अब इससे हायर दवाई या इंजेक्शन का उपयोग करना पड़ रहा है। बदलते मौसम में शरीर का तापमान एक जैसा नहीं रह पा रहा है। ऐसे में लोग बीमार तो हो ही रहे हैं,उन्हें ठीक होने में लंबा वक्त लग रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी बाह्य रोगी विभाग में हर दिन सर्दी-खांसी व बुखार के 65 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं।
लंबे समय तक असर........
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.सचिन बामनिया का कहना है वायरस में आ रहे बदलाव से विशेष रूप से बच्चों में बीमारी लंबे समय तक रहती है। कोरोना और उसके बाद से लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम हुई है और विटामिन-डी की कमी भी आई है। जिसके चलते लोग जल्द बीमार हो रहे हैं और उनके बीमारी लंबे समय तक देखी जा रही है।
डॉक्टर्स से परामर्श लें....
जनरल फिजिसियन डॉ.किराड़ का कहना है कि वायरल फीवर या सर्दी-खांसी के मरीजों के स्वस्थ्य होने में पहले की तुलना में डबल समय लग रहा है। मेडिकल से दवाई लेकर उपयोग करने से मरीजों की बॉडी में रेजिस्टेंट पैदा हो रहा है,मरीज सीधे मेडिकल से दवाइयां लेने की बजाए चिकित्सक से परामर्श लें।
ये 5 बड़े कारण......
1-बॉडी का टेम्प्रेचर इम्बैलेंस हो जाना।
2-वायरस में लगातार हो रहा बदलाव।
3-मरीजों की बॉडी में रेजिस्टेंट पैदा होना।
4-इम्युनिटी कमजोर होना।
5-विटामिन-डी की कमी।




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