*मुख्यमन्त्री योगी की कुण्डली पर भविष्यवाणी , योगी पीएम. बनेंगे या सीएम. ही रहेंगे ~( डाँ.अशोक शास्त्री )*

        
मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री ने एक विशेष मुलाकात मे यू. पी. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे मे बडी भविष्य वाणी करते हुए बताया कि सी. एम. योगी की जन्म कुंडली मे लग्नेश सूर्य दशम भाव मे धनेश लाभेश बुध के साथ बुधादित्य योग तथा षष्ठेश सप्तमेश शनि के साथ दशम मे एक और योग बना रहा है । इसी योग के कारण यै अपना घर  - बार , जन्म स्थान को छोड़कर गोरखनाथ पीठ के महंत बने ।
          डाँ.अशोक शास्त्री ने बताया कि श्री योगी आदित्यनाथ जी का जन्म दिनांक 05 जून 1972 को उत्तराखंड के गढवाल में जन्मे अजय सिंह बिष्ट का गढवाल से गोरखपुर और फिर यूपी के सीएम बनने तक का सफर बहुत रोचक था । गोरखपुर मठ के पूर्व महंत अद्वैयनाथ के संपर्क मे आने के बाद इनके जीवन मे बदलाव आया । योगी जी को आध्यात्मिक झुकाव बचपन से ही था , रही सही कसर महंत अद्वैयनाथ जी के मार्गदर्शन मे पूरा हो गया ।
          डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक राजनीतिक और अध्यात्म दोनो अलग अलग है और दोनो मे ही योगी आदित्यनाथ को महारत और लोकप्रियता प्राप्त हुई । वे गोरखनाथ मठ के मठाधीश के साथ राजनीति मे भी आगे है । ये सब दोनो स्थानों मे राजा जैसी स्थिति , उच्च पद और लोकप्रियता योगी की जन्म कुंडली मे अच्छे युग्म का प्रतिफल है ।
          ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री ने बताया कि योगी आदित्यनाथ ( अजय सिंह बिष्ट ) जन्म दिन  05 जून 1972 जन्म समय दोपहर 12:00 अनुमानित ( गुप्त ) जन्म स्थान पंचूर , पौढी गढवाल , उत्तराखंड मे जन्म हुआ । इनकी कुंडली मे सिंह लग्न सूर्य है और  राशि स्वामी शनि के साथ केंद्र मे है । योगी की चंद्र राशि कुंभ और जन्म नक्षत्र पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र के द्वितीय चरण मे हुआ है । इन पर वर्तमान मे केतु की महादशा व अंतर्दशा चल रही है । डाँ. शास्त्री ने बताया कि इनकी कुंडली मे गुरु - चंद्रमा की युति योगी की लोकप्रियता का कारक है । इसी कारण देश और राज्य की राजनीतिक मे योगी का ओहदा गुरु - चंद्र की युति सेवन उच्च रहेगा । साथ मंगल के कारण शत्रु भी प्रबल रहेंगे । लेकिन कुंडली मे ग्रहों की अच्छी स्थिति से सितारे बुलंद रहेंगे ।
           डाँ.अशोक शास्त्री के अनुसार भारतीय जनता पार्टी से इन्होने अपना पहला चुनाव अपने आध्यात्मिक गुरु और गोरखनाथ पीठ के महंत अवैद्यनाथ की सीट यानि गोरखपुर से लडा और विजयी हुए फिर इसके बाद पलट कर नही देखा और लगातार 5 बार सांसद रहे । यदि देखा जाए तो योगी आदित्यनाथ की कुंडली मे राज व सन्यास के योग दिखाई देते है । इन ग्रहों की दशा एसी है कि ये सत्ता के पीछे नही बल्कि सत्ता इनके पीछे - पीछे चलती हुई प्रतित होती है ।
          ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की कुंडली सिंह लग्न की है । एसे जातक के चेहरे पर हमेशा तेज और चमक रहती है । ऐसे व्यक्ति को समाज मे मान सम्मान के साथ आलोचना अपयश के भी शिकार होते है । योगी की जन्म राशि कुंभ है , स्वामी शनि है जो अपने मित्र शुक्र के घर पिता सूर्य और बुध के साथ केंद्र मे स्थित है । तीन ग्रह एक साथ केंद्र मे बेठने से वह हर तरह के लोगों के संपर्क मे आता है । डाँ. शास्त्री ने बताया कि साथ गुरु बलवान होने के कारण इस कुंडली के जातक को भरपूर मान सम्मान के साथ पूजनीय होता है । केंद्र मे सूर्य होने से जातक राजा सी जिंदगी या राजा का प्रिय होता है । जैसे योगी जी को हर क्षेत्र मे अपने से उच्चस्थ का सानिध्य और सम्मान मिलता रहा है । उदाहरण के लिए योगी पीएम मोदी की टाप लिस्ट मे आते है ।
          ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक योगी जी की कुंडली मे शुक्र की महादशा मे शनि की अंतर्दशा चल रही है । शनि कुंडली मे सूर्य के साथ केंद्र मे है , इस कारण पुनः सीएम बनने की पूरी संभावना है , लेकिन पीएम या कहे प्रधान मंत्री बनने की अभी संभावना नही है । लेकिन कुंडली मे ग्रहों के प्रबल योग सीएम योगी को केंद्र मे उच्च पद पर और मुख्य भूमिका मे लेकर आएगा , इसकी पूरी संभावना है ।
          *योगी को 2022 मे राजनीतिक सफलता के योग*
          डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक लग्नेश सूर्य दशम भाव मे धनेश लाभेश बुध के साथ बुधादित्य योग तथा षष्ठेश सप्तमेश शनि के साथ दशम मे एक और योग बना रहा है । इसी योग के कारण ये अपना घर बार , जन्म स्थान को छोड़कर गोरखनाथ पीठ के महंत बने तथा वहां के लगभग 800 करोड धन संपत्ती के संरक्षक है इनमे बडे बडे निर्णय की क्षमता है । इनकी कथनी और करनी मे अंतर नही होता है । ये एक स्पष्टवादी संत है । धनेश लाभेश बुध सूर्य के साथ नयी भूमि भवन का सृजन करता है सुखेश का एकादश भाव मे होना बहुत बडी फ्रेंड फालोइंग देखता है । सुख भाव जनता का भाव है ये योगी आदित्यनाथ को जनता के चहेता बनाता है , इनको जनता का बडा समर्थन और प्रसिद्धि दे रहा है जो चुनाव के दौरान वोट मे लाभ दिलवाती है ।
          डाँ. शास्त्री के अनुसार पराक्रमेश राज्येश शुभ लाभ मे भाग्येश सुखेश शुक्र मंगल के साथ दो राजयोग का सृजन कर रहा है ये योग पंचमेश गुरु से दृष्ट है । दशम भाव और एकादश भाव मे राशि परिवर्तन है शुक्र बुध के बीच इस पर और दशम भाव पर गुरु का प्रभाव है इसी राजयोग के कारण गोरखपुर से पांच बार सांसद और फिर उत्तर प्रदेश जैसे बडे राज्य के मुख्य मंत्री बने यह बहुत बडी बात है । पंचमेश अष्टमेश गुरु और राज्येश पराक्रमेश शुक्र भी एक राजयोग का सृजन कर रहा है ।
          छठे स्थान का राहु व्यय का केतु राजयोग कारक बन गया है । सुख भाव का एकादश भाव मे गुरु से दृश्य होना व्यक्ति को नई सफलता देता है । जातक की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढती रहती है । छठे स्थान पर मंगल की ओर केतु की दृष्टि विरोधियों और अपराधियों का अंत करने मे सक्षम है । यही योग इनको कडक प्रशासक और नेता बनाता है । इसी योग के चलते पिछले 4 सालों मे उत्तर प्रदेश मे अपराधियों के लगातार एनकाउंटर हुए । और यूपी मे ला एंड आर्डर सुधारा ।
          स्वराशि पंचमेश गुरु इनको ज्ञानी बनाता है । गुरु धर्म का कारक है यहां बृहस्पति इनको धर्म से जुड़ाव दे रहा है और मठ प्रमुख बनने मे योगदान दे रहा है ।
          क्या योगी जी 2022 मे दुबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे या केंद्र मे इनको कोई बडी जिम्मेदारी मिलेगी इस संदर्भ मे डाँ.अशोक शास्त्री ने बताया कि 2022 मे फरवरी-मार्च माह मे यूपी के चुनाव होंगे और रिजल्ट आएगा उस समय इनका केतु शनि बुध का समय चल रहा होगा और शनि बुध दोनो राजयोग कारक है । शनि केतु की महादशा जहां राजकीय विरोधाभास पैदा करेगी । यहां योगी जी का सामना अखिलेश यादव और मायावती कर पाए इसकी संभावना कम है । अतः योगी आदित्यनाथ जी एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे ।

                 *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
          श्रीमंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

           *~~:  शुभम्  भवतु  :~~*


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