झाबुआ~1 अप्रैल से आमजन की जेब पर पड़ेगा भार-जमकर शोषण कर रहा दुग्ध संघ ~~

दूध- गाय का 5 रुपए,भैंस का 12 रुपए लीटर होगा महंगा~~



झाबुआसंजय जैन~~

पेट्रोल,डीजल,रसोई गैस,सोया तेल,शक्कर व किराना सामग्री के बढ़ते दाम ने आमजन का बजट गड़बड़ा रखा है। अब 1 अप्रैल से दूध भी जनता की जेब पर भार बढ़ा देगा। जिला दूध उत्पादक संघ ने दूध में भावों में बढ़ोतरी का फैसला ले लिया है। उन्होंने गाय के दूध में पांच रुपए व भैंस के दूध में 12 रुपए लीटर की वृद्धि की है। दूध के दाम बढ़ने से दही,पनीर, घी भी अप्रैल से महंगा हो जाएगा। इस बढ़ोतरी से आमजन की जेब पर प्रति माह 150 से 350 रुपए तक अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। जिले में प्रशासन की तरफ  से मूल्य नियंत्रण नहीं होने से आमजन को दूध के भाव में रियायत मिलने की संभावना नहीं है। सांची दुग्ध संघ ने भी दूध के दाम में 2 से 4 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी है।






1 अप्रैल से आमजन की जेब पर पड़ेगा भार.......
महंगाई की मार से मवेशी पालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खल,कपास,घास,भूसा लगातार महंगा होने से आर्थिक परेशानी उठाना पड़ रही थी। दूध उत्पादक संघ द्वारा तीन साल पहले दूध के दाम 80 रुपए लीटर करने का प्रस्ताव रखा था। जिस पर सभी की सहमति बन गई थी। कोरोना काल के कारण संघ द्वारा भाव बढ़ाने के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था। संक्रमण की स्थिति सामान्य हो गई। पशुओं के आहार में महंगाई की मार जारी है। इसको देखते हुए दूध उत्पादक संघ ने 1 मार्च से दाम बढ़ाने की तैयारी की थी। लेकिन उस पर सहमति नहीं बनी थी। अब 1 अप्रैल से दूध भी जनता की जेब पर भार बढ़ा देगा। जिला दूध उत्पादक संघ ने दूध में भावों में बढ़ोतरी का फैसला ले लिया है।






मिलावट की जा रही.....
दूध विक्रेता गुर्जर ने बताया कि पशु आहार के रूप में भूसा 18 रुपए किलो,घास का पुला 30 रुपए का एक,खल 45 रुपए किलो,कपास 55 रुपए किलो खरीदना पड़ रहा है। लगातार भाव बढ़ने के बावजूद खल-कपास के थोक विक्रेताओं द्वारा इनमें कंकर,मिट्टी की मिलावट की जा रही है। इसको मवेशी खाने के बाद बीमार हो जाते हैं।





 
सांची का दूध महंगा .....
सहकारी दुग्ध संघ ने सांची पैक्ड दूध के दामों में 2 से 4 रुपए तक की बढ़ोतरी कर नई दरें 21 मार्च से लागू कर दी है। ग्राहकों को सांची का दूध महंगा खरीदना पड़ रहा हैं।  ग्राहकों को डेयरी व पार्लर से सांची दूध में हाई फेट 1 लीटर 57 रुपए, स्टैंडर्ड 54 रु.,चाह दूध 52 रुपए, टीएम -ताजा दूध 44 रुपए,चाय स्पेशल 46 रुपए लीटर में मिलेगा। जबकि डीटीएम 500 एमएल 22 रुपए तथा परिवार दूध 500 एमएल 19 रुपए की नई दरें 21 मार्च से लागू कर दी है। सबसे उच्च क्वालिटी के दूध में फैट की मात्रा 6 होती है। इसे फुल क्रीम दूध-गोल्ड के नाम से बेचा जाता है। दुग्ध संघ इस क्वालिटी का दूध पहले 38 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीदता था। जबकि आम आदमी को यह 54 रुपए में मिलता था। जबकि दुग्ध संघ इसे मात्र 40 रुपए प्रतिकिलो की दर से खरीदेगा। खरीद-बिक्री के रेट का अंतर पहले 14 रुपए था अब 18 रुपए होगा।






जमकर शोषण कर रहा दुग्ध संघ ....
नई दर से दुग्ध उत्पादक किसान भारी नाराज हैं। उनका कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी दुग्ध संघ ने अपनी जेब भरने पर जोर दिया है। कि सान, विक्रेता और ग्राहक तीनों का वह जमकर शोषण कर रहा है। समितियों का कहना है कि दुग्ध संघ इतना मुनाफा कमा रहा है कि उसे रेट बढ़ाने की भी जरूरत नहीं थी। अगर रेट बढ़ाना भी है तो वह 2 रुपए प्रति किलो का बदलाव कर सकता था।






नई दरें लागू होने से इस तरह हो जाएंगे भाव.......
सामग्री              पुरानी रेट             नई रेट
दूध-गाय          40-45 रु.           50-55 रु.लीटर
दूध-भैंस            50 रु.               62 रु.लीटर
दही               60-70 रु.            70-80 रु.किलो
पनीर             300-320 रु.        340-360 रु. किलो
घी                500-550 रु.        600-650 रु.किलो




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