झाबुआ~1 माह में खाने का तेल 60 रुपये.लीटर महंगा 137 दिन बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े~~

सोमवार से सांची दूध का रेट भी 2 से 5 रुपए तक बढ़ा~~


 
झाबुआ। संजय जैन~~

चढ़ते पारे के साथ आम आदमी पर महंगाई का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। अभी तेल और मसालों के दाम बढ़ने से आमजन पहले ही परेशान थे। अब घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम 50 रुपए बढ़ने से उनका बजट गड़बड़ा गया है। सोमवार से सांची दूध का रेट भी 2 से 5 रुपए तक बढ़ा है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। आम आदमी पर दोहरी मार पड़ रही है। 137 दिन बाद पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़े हैं। हालांकि इसके आसार पहले से ही नजर आ रहे थे। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम 945 से 995 रुपए पर पहुंच गए हैं।


मार्च की शुरुआत से ही लोगों को महंगाई की मार .....
मार्च की शुरुआत से लोगों को महंगाई की मार झेलना पड़ रही है। पिछले एक महीने में खाने-पीने की वस्तुओं के साथ घर बनाना भी महंगा हो गया है। लोहा और सीमेंट के दामों में भी तेजी आई है। इसका बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण मंदी की स्थिति को माना जा रहा है। वस्तुओं के आयात-निर्यात पर असर पड़ने से लोहा और स्टील के दाम 50 से 70 रुपए तक बढ़े हैं। वहीं सीमेंट की बोरी भी 30 से 50 रुपए महंगी हुई है। अभी कुछ महीने इनके दाम कम होने के आसार नहीं हैं। वहीं इस बार खराब मौसम के कारण मसाला फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे हल्दी, धनिया और मिर्च भी महंगी हो गई है। इन सभी वस्तुओं के दाम बढऩे से आम आदमी पर बोझ काफी बढ़ गया है।




चुनाव के कारण क्रूड ऑयल महंगा होने पर भी नहीं बढ़ाए.....
नवंबर में पेट्रोल के दाम कम हुए थे। 4 नवंबर को पेट्रोल 120.50 रुपये से 109.07 रुपए और डीजल 108.10 रुपए से 92.58 रुपए पर पहुंचा था। तब केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी और प्रदेश सरकार ने चार प्रतिशत वेट टैक्स कम किया था। मंगलवार से पेट्रोल 1.75 रुपए महंगा होकर 109.99 रुपए और डीजल 1.66 रुपए महंगा होकर 93.46 रुपए हो गया है। माना जा रहा है कि अब पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी होगी। ऐसा होता है तो पेट्रोल-डीजल के दाम फिर चार महीने पहले के स्तर पर पहुंच जाएंगे।


डेढ़ माह पहले 110 रु. किलो था सोयाबीन तेल,अब 175 तक हुआ.....
आम आदमी पर सबसे ज्यादा बोझ खाने के तेल के कारण बढ़ा है। डेढ़ महीने पहले 110 रुपए में मिलने वाले सोयाबीन तेल के भाव बढ़कर 165 से 175 रुपए किलो पर पहुंच गए हैं। इसमें भी कालाबाजारी हो रही है। सबसे ज्यादा उपयोग जिले में सोयाबीन तेल का ही होता है। गर्मी के मौसम में पाम ऑयल की मिलावट भी बढ़े स्तर पर होती है। क्योंकि गर्मी के कारण पाम ऑयल जमता नहीं है, ऐसे में मिलावट का पता करना काफी मुश्किल हो जाता है।

 
मिर्च-हल्दी 60 व धनिया 40 रुपए महंगा हुआ-दूध भी 2 से 5 रुपए तक बढ़ा
फसलें खराब होने और उत्पादन कम होने के कारण मिर्च, हल्दी और धनिया के भाव भी बढ़े हैं। एक महीने में मिर्च-हल्दी 60 और धनिया 40 रुपए किलो तक महंगा हुआ है। मिर्च के दाम 260 से बढ़कर 320, हल्दी के दाम 140 से 200 और धनिया के दाम 160 से 200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। पिछले छह महीने में बेहतर गुणवत्ता के चावल के दाम भी 20 रुपए तक बढ़े हैं। सांची दुग्ध संघ ने भी दूध का रेट 2 से 5 रुपए तक बढ़ा दिया है। नई दरें सोमवार से लागू हो गई हैं।

पेट्रोल और डीजल की खपत पर अभी कोई असर नहीं...
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से जिले के पंप संचालकों की खपत पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाला है। सितंबर-अक्टूबर में दाम बढ़ने पर लोग जिले से लगे महाराष्ट्र जाकर पेट्रोल-डीजल भरवाते थे,क्योंकि वहां दाम कम थे। लेकिन नवंबर में वेट टैक्स कम होने के बाद जिले में पेट्रोल-डीजल के दाम महाराष्ट्र की तुलना में डेढ़ रुपए तक कम हैं। इसलिए फिलहाल खपत पर किसी तरह का असर नहीं होगा।


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