झाबुआ~किसानों को समर्थन मूल्य से ज्यादा मंडी में मिल रहे गेहूं के दाम,अब तक 20 हजार क्विंटल बेची~~

कृषि विभाग का दावा इस बार 3.5 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की उम्मीद~~

झाबुआसंजय जैन~~

जिले में समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए पिछले साल की तुलना में इस बार सिर्फ  80 फीसदी किसानों ने पंजीयन कराया है। इस बार जिले में 9 हजार 735 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है। जबकि जिले में पिछले साल 2021-22 में 11 हजार 983 किसानों के पंजीयन हुए थे। इसका प्रमुख कारण यह है कि किसानों को मंडी में अपनी फसल के अच्छे दाम मिल रहे हैं। जिले की मंडियों में अभी से बंपर आवक दिखने लगी है।


 
अच्छे दाम मिल रहे मंडी में फसल के.......
इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का काम 25 मार्च से शुरू होना है,लेकिन कृषि उपज मंडी में 18 मार्च तक 20 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीदी हो चुकी है। मंडी से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि किसान इसलिए मंडियों में गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं,क्योंकि उन्हें समर्थन मूल्य से अधिक रेट मंडियों में मिल रहा है। इस बार समर्थन का रेट 2015 रुपए प्रति क्विंटल है जबकि मंडी में किसान को उसी गेहूं का रेट 2100 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे है। झाबुआ कृषि उपज मंडी के प्रभारी सचिव नब्बू सिंह मेड़ा ने बताया कि 18 मार्च तक किसानों से 20 हजार क्विंटल गेहूं खरीदी हो चुकी है।



3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उत्पादन का अनुमान .......
कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस साल जिले में 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उत्पादन का अनुमान है। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि जब किसान को समर्थन मूल्य से अधिक भाव मंडी में मिलेंगे तो समर्थन मूल्य पर किसान कम ही अपनी फसलों को बेचेगा।



गेहूं खरीदी का इस बार लक्ष्य 49 हजार मीट्रिक टन पहुंचना मुश्किल....
जिले में पिछले साल किसानों से 49 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हुई थी,लेकिन इस बार अभी समर्थन मूल्य से ज्यादा मंडी में किसानों को गेहूं का भाव मिल रहा है। 5 साल में इस बार समर्थन मूल्य में सबसे कम बढ़ोत्तरी गेहूं के समर्थन मूल्य पर नजर डालें तो इस बार सबसे कम सिर्फ  40 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। साल 2017 में गेहूं का समर्थन मूल्य 1625 रुपए था,जो 2018 में 110 बढ़कर 1735,2019 में 105 रुपए बढ़कर1840, 2020 में 85 रुपए बढ़कर 1925,2021 में 50 रुपए बढ़कर 1975 और इस बाद साल 2022 में सिर्फ  40 रुपए बढ़कर 2015 रुपए पर समर्थन मूल्य पहुंचा है।



नहीं भेजा जाएगा मैसेज...
किसान खुद चुनेंगे केंद्र इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के नए नियम बने हैं। इसमें किसानों को मोबाइल पर एसएमएस मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एसएमएस की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। फसल बेचने के लिए किसान निर्धारित पोर्टल से नजदीक के गेहूं खरीदी केंद्र,तिथि और समय का चयन स्वयं 20 मार्च तक कर सकेंगे।



 इस बार कम उत्पादन रहेगा ...
जिले में इस बार 92 हजार 146 हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की गई है। सुनील राणा भू-अभिलेख शाखा,झाबुआ के अनुसार जिले में इस बार 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होगा,जबकि पिछली बार 4.1 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ था।  जिन्होंने नवंबर के आखिरी या दिसंबर के पहले सप्ताह में बोवनी की थी उन्हीं खेतों की कटाई हुई है। इस बार मक्के का रकबा कुछ बढ़ा है व साथ ही बारिश भी कम होने के कारण गेहूं का रकबा घट गया है। जिससे बीते वर्ष की तुलना में इस बार कम उत्पादन रहेगा।



लक्ष्य के हिसाब से खरीदी हो पाना संभव नहीं दिख रहा.....
इस बार समर्थन का रेट 2015 रुपए प्रति क्विंटल है जबकि मंडी में किसान को उसी गेहूं का रेट 2100 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे है। मंडी में किसानों को बेहतर भाव मिलने के चलते इस बार लक्ष्य के हिसाब से खरीदी हो पाना संभव नहीं दिख रहा है।
................................एम.के. त्यागी -जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी-झाबुआ।


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