झाबुआ~मसालों में महंगाई की मार,एक महीने में जीरा पर 60 और सौंफ  पर 40 रुपए प्रति किलो तक बढ़े~~

 160 रुपए प्रति किलो का जीरा अब 220 रुपए से 230 रुपए प्रति किलो बिक रहा-नई फसलों की आवक पर मिल सकती है थोड़ी राहत~~

झाबुआसंजय जैन

बढ़ती महंगाई के बीच किचन का बजट लगातार बिगड़ रहा है। खाने के तेल पहले से महंगे थे, जिनमें बीते दिनों थोड़ी राहत मिली, लेकिन अब मसालों के भाव में तेजी दिखने लगी है। बीते एक महीने में हल्दी,जीरा,धनिया,लौंग,डोडा इचायची,बड़ी सौंफ  और मिर्ची के दामों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। जीरा जहां पहले 160 रुपए प्रति किलो था,वह अब 220 रुपए से 230 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। वहीं बड़ी सौंफ  के दाम में भी 40 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है। जनवरी से हल्दी की आवक शुरू हो गई है। फिर भी अब तक इसके दाम घटने की जगह बढ़े हैं। सिर्फ  हरी इलायची के दामों में गिरावट देखने को मिली है। पहले जहां हरी इलायची 2200 रुपए प्रति किलो बिक रही थी, अब वह 1800-2000 रुपए किलो बिक रही है।



पिछले एक महीने में मसालों के दाम में आई तेजी....
मसाले अभी महंगे ही रहेंगे। मार्च के आखिरी तक जीरा और धनिया की नई फसलों की आवक शुरू होने पर तेजी कुछ थम सकती है। उन्होंने बताया कि बड़े व्यापारी पुराने माल को निकालने के लिए स्टॉक की शार्टेज बता देते हैं। जिससे एकाएक दामों में उछाल देखने को मिल रहा है। नई फसल की आवक होते ही निश्चित मसाले के दामों में थोड़ी राहत देखने मिल सकती है। उन्होंने कहा कि 2021 के नवंबर और दिसंबर में महाराष्ट्र के कई जगहों पर बेमौसम हुई बारिश का असर भी मसालों के दामों पर पड़ा है। महाराष्ट्र में किसान मसाला फसल काटने की तैयारी में थे,तभी बेमौसम बारिश के कारण फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। अत्यधिक बारिश से कटी हुई मिर्च को नुकसान हुआ। जिसके कारण मसालों के दामों में एकाएक तेजी देखने को मिली। लाल मिर्च का भीतरी भाग पानी से काला होने से आवक पर असर पड़ा है। ऐसे में अब मिर्ची की कमी को देखते हुए इस समय 40 रुपए प्रति किलो ग्राम का इजाफा पिसी हुई लाल मिर्ची में देखने को मिल रहा है।





........राजु मेहता- पद्मावती किराना




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