*चैत्र नवरात्र मे विभिन्न योगों के साथ विशेष होगी फलदाई एवं घोडे की सवारी के साथ आएँगी*~~

          मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री ने एक विशेष मुलाकात मे बताया की हमारी धार्मिक परंपरानुसार हिंदू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र नवरात्री से ही होता है । इस वर्ष चैत्र नवरात्र दिनांक 02 अप्रेल 2022 से आरंभ हो रहा है । और 11 अप्रेल 2022 सोमवार समाप्त होगी । इस बार नवरात्रि पूरे नौ दिन मनाई जाएगी । दिनांक 10 अप्रेल 2022 रविवार के दिन राम नवमी मनाई जाएगी । डाँ.अशोक शास्त्री ने बताया कि हर नवरात्री मे माँ दुर्गा अलग-अलग वाहनों मे सवार होकर आती है और बिदाई के समय अलग वाहन होता है । इस बार माँ घोडे पर सवार होकर आएगी ।
          डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक  दिनांक 02 अप्रेल 2022 से नवरात्र आरंभ हो रहे है और उस दिन सर्वार्थ सिद्ध योग के साथ ही अमृत सिद्ध योग भी है । ये दोनो ही योग बहुत शुभ फलदायक है और इन शुभ योगों मे नवरात्र का आरंभ होने से व्रतियों को मनोवांछित फल एवं सिद्धि की प्राप्ति होती है । डाँ. शास्त्री के अनुसार  दिनांक 02 अप्रेल के अलावा 3 , 5 , 6 , 9 , और 10 अप्रैल को भी सर्वार्थ सिद्ध योग का शुभ संयोग बन रहा है । इस परम फलदायी योग के साथ - साथ दिनांक 04 , 06 और अंत मे 10 अप्रेल को इस बार रवि योग का होना परम फलदायक माना गया है ।
          डाँ. शास्त्री ने बताया की रवि पुष्य योग पुष्य नक्षत्र और रविवार के संयोग से बनता है । यह योग नया कार्य प्रारंभ करने , वाहन , जमीन खरीदने , नया व्यापार आरंभ करने से भविष्य मे शुभ फल प्राप्त होता है ।
          डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक इस बार नवरात्र मे दो महत्वपूर्ण ग्रहों का भी राशि परिवर्तन हो रहा है । स्वभाव से उग्र और गुस्सैल माने जाने वाले मंगल दिनांक 07 अप्रेल 2022 को शनि कुंभ राशि मे भ्रमण करेंगे , तो वहीं ग्रहों के राजकुमार कहे जाने वाले बुध 08 अप्रेल 2022 को मेष राशि मे प्रवेश करेंगे ।
          नवरात्र के बीच मे ग्रहों का यह परिवर्तन बहुत महत्वपूर्ण माना गया है ।
          नवरात्रि मे जो व्यक्ति पूरे विधि - विधान से माँ शक्ति की की पूजा करने से उस पर माँ दुर्गा की विशेष कृपा होती है । डाँ. शास्त्री के मुताबिक  जातकों को कुछ कामों को भूलकर भी नही करना चाहिए नही तो आपको कई मुसिबतों का सामना करना पड सकता है । नवरात्रि मे इन कामों को करने से बचना चाहिए ।
*नखून काटने से बचे* मान्यतानुसार नवरात्र के 09 दिन नाखून नही काटना चाहिए । माना जाता है कि ऐसा करने से देवी क्रोधित होती है ।
*बाल कटवाने से परहेज करे* इस दौरान बालों को कटवाने के साथ शेविंग से भी बचना चाहिए । ऐसा करने से व्यक्ति को भविष्य मे कम सफलता मिलती है ।
*तामसी खाद्य पदार्थ सेवन से बचे*
ये 09 दिन बहुत पवित्र माने जाते है । मान्यतानुसार तामसी भोजन सेवन से मानसिक थकान आती है । इसलिए 09 दिनों तक सात्विक भोजन के साथ शराब का सेवन , नॉनवेज के सेवन नही करना चाहिए । इससे माँ दुर्गा का क्रोध झेलना पडता है । साथ ही बनते काम भी बिगडने शुरु हो जाएंगे ।
          यदि आप सप्तशती का पाठ कर रहे है या मंत्रों का जाप कर रहे है तो इस दौरान बीच मे कोई भी दुसरी बात न करे , अपने स्थान से उठने की गल्ती न करे इससे जातक की पूजा पाठ का फल नही मिलता है ।।


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