धार~सड़कों पर चक्काजाम, भाजपा कार्यालय में सीएम गुमशुदा के पोस्टर लहराए, ~~

महिलाओं ने की नारेबाजी मानदेय, पेंशन सहित कई मांगों को लेकर करीब 1 माह से धरना प्रदर्शन कर रही है आंगनवाड़ी की महिला कार्यकर्ता-सहायिका~~

मांगों का निराकरण शासन स्तर पर होने के कारण जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारी तक आश्वासन देने की स्थिति में नहीं~~

चक्काजाम के बाद वाहनों का मार्ग हुआ डायवर्ट, इंदौर नाके से मगजपुरा होते हुए बसें पहुंची बस स्टैंड~~

धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )।

जिला मुख्यालय पर बुधवार को प्रदर्शनकारी महिलाओं का सरकारी बेरूखी पर आक्रोश फूट पड़ा। धरना स्थल से उठकर महिलाओं ने आदर्श सड़क के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम की इस तरह किलेबंदी   की गई कि दुपहिया वाहन तक पार नहीं हो सका। घटनाक्रम की जानकारी के बाद दोनों थानों से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। चक्काजाम खुलवाने के लिए समझाईश का दौर चला। करीब पौन घंटे की मशक्कत के बाद महिलाओं ने मार्ग खोला। महिला प्रदर्शनकारी होने के कारण पुलिस चक्काजाम के मामले में कमजोर नजर आई। महिला डीएसपी और पुलिसकर्मियों के आने के बाद मान-मनोव्वल और सख्त लहजे से जाम खुलवाया गया। मार्ग से चक्काजाम हटते ही महिलाओं का जत्था भाजपा कार्यालय पहुंच गया। यहां पर जमकर नारेबाजी की गई। परिसर में महिलाएं  धरने की मुद्रा में बैठ गई। करीब 1 घंटे बाद भाजपा कार्यालय से मिले आश्वासन के बाद महिलाएं लौट गई। इस दौरान महिला अजाक डीएसपी सहित टीआई समीर पाटीदार सहित पुलिस जवान मौजूद थे।
बेरूखी से उपजा आक्रोश
जिला मुख्यालय पर बुलंद आवाज नारी संगठन के बैनर तले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका अपनी मांगों को लेकर करीब 1 माह से आंदोलनरत है। इस दौरान होली और नवरात्र जैसे पर्व भी नहीं मनाए गए। होली काली होली के रूप में मनाई गई। वहीं नवरात्र में उपवास के दौरान भी प्रदर्शन बदस्तुर जारी रहा। शासन और अधिकारियों का ध्यान प्रदर्शन की और आकर्षित करने के लिए कभी चौराहे पर भीख मांगी तो कभी सीएम लापता जैसे पोस्टर लगाए गए। तमाम प्रयासों के बावजूद क्षेत्रीय सांसद से लेकर विधायक या अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारियों से संवाद के लिए कोई कोशिश नहीं की। दरअसल जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की दिक्कत यह थी कि प्रदर्शनकारियों की मांगों का निराकरण शासन स्तर का था। यह सिर्फ एक जिले का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में लागू होने वाली मांगे थी। इसके कारण कोई भी नेता आश्वासन देने की स्थिति में नहीं था। तेज गर्मी में टीन शेड के नीचे प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बुधवार को अपनी मांग को बुलंद आवाज में उठाते हुए चक्काजाम और भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन जैसे कदम उठाए।
जाम देखकर पलटाए वाहन
आदर्श सड़क पर चक्काजाम के दौरान करीब 300 के लगभग महिलाएं मौजूद थी। सड़क मार्ग ही नहीं बल्कि सर्विस रोड तक महिलाएं दीवार बनकर खड़ी थी। इसके कारण चौराहे के किसी भी छोर से वाहन निकलने की स्थिति नहीं थी। कुछ वाहन कर्मियों ने निकलने की कोशिश की। महिलाओं ने सामने आकर लौटने के लिए मजबूर कर दिया। इस तरह की स्थिति देखते हुए लोगों ने अपने वाहन पलटा लिए। इधर 10-10मिनट के परमिट अंतराल पर चलने वाली धार-इंदौर सहित अन्य जिलों में जाने वाली बसों के लिए मार्ग डायवर्ट किया गया। बसें इंदौर नाके से मगजपुरा होते हुए बस स्टैंड पहुंची। वहीं कलेक्ट्रेट जाने वाले लोगों ने अपने चौपहिया व दुपहिया वाहन काशीबाग कॉलोनी से निकाले।
बॉक्स-1
भाजपा कार्यालय पर सरकार पलटने के नारे लगे
बुधवार को भाजपा कार्यालय पर महिला प्रदर्शनकारियों के जत्थे ने नारेबाजी करने के दौरान सरकार पलटने के नारे लगाए। महिलाओं ने कहा कि ‘वो सरकार बदलनी है जो सरकार निक्कमी है।’ इधर एक महिला ने सीएम लापता वाले पोस्टर भी दिखाए। इस तरह की स्थिति को देखते हुए कार्यालय पर मौजूद अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिलाध्यक्ष पूनमचंद फकीरा ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को डपटा। उन्होंने कहा कि हमसे ही मांगों को लेकर अपेक्षा है और हमारी ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हो। इसके बाद नारेबाजी रूकी।
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जिलाध्यक्ष ने की प्रतिनिधि मंडल से चर्चा
भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शनकारी महिलाओं के प्रतिनिधि मंडल से जिलाध्यक्ष राजीव यादव ने कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान शेष महिलाएं परिसर में ही बैठी रही। बुलंद आवाज नारी संगठन की जिलाध्यक्ष सोनू राजपूत सहित 5 महिला सदस्यों के साथ चर्चा में श्री यादव ने उनकी मांगों को शासन तक प्रेषित करने की जानकारी दी। महिलाओं ने पूछा हल नहीं निकला। उन्होंने सीएम से मुलाकात की इच्छा जाहिर की। जिलाध्यक्ष श्री यादव ने आश्वासन दिया कि आप हड़ताल समाप्त करों। मैं सीएम साहब से मुलाकात के लिए समय ले लेने के लिए प्रयास करता हूं। प्रदेश महिला मोर्चा संगठन से भी आपकी मांगों को प्राथमिकता से सामने रखने के लिए बात करूंगा। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि हड़ताल समाप्त करने के लिए संगठन से चर्चा करने हेतु 24 घंटे का समय दीजिये एवं आपने जो वादा किया है उसे हमारे बाहर बैठे प्रदर्शनकारी सदस्यों को बताए। इसके बाद जिलाध्यक्ष ने बाहर आकर महिलाओं से चर्चा की और उन्हें कहा कि सीएम शिवराजसिंह चौहान आपके भाई है। आपके बच्चों के मामा है। वे आपके साथ अन्याय नहीं होने देंगे, लेकिन बात रखने के लिए समय चाहिए। इसके लिए पहले हड़ताल समाप्त करना होगी। जिलाध्यक्ष से चर्चा के बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं लौट गई।
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गुरुवार को होगा हड़ताल पर निर्णय
भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव यादव की समझाईश के बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं को उम्मीद की एक किरण सीएम से मिलने और उनके समक्ष मांग रखने के लिए जगी है। संभावना है कि कल यानि गुरुवार को 1 माह से जारी हड़ताल  पर निर्णय हो जाएगा।


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