धार~1000 व्यक्तियों को भोजन कराने का जो फल मिलता है वह फल मात्र एक व्यक्ति को ज्ञान देने से प्राप्त होता है~श्री पंडित रमाकांत जी व्यास~~


सांवरिया सेठ मंदिर त्रिमूर्ति नगर धार में भागवताचार्य श्री श्री पंडित रमाकांत जी व्यास के मुखारविंद से श्री महा ब्रह्म पुराण कथा के चौथे दिवस भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया इसके पूर्व कथा में परम पूज्य गुरुदेव द्वारा बताया कि नैमिषारण्य में महापुराण कथा हेतु टीला बनाया जहां 88000 ऋषि उपस्थित थे सभी ऋषियों का मानसिक तंत्र विकसित था नैमिषारण्य में कुछ ऋषि-मुनियों ने संकल्प लिया कि 18 महापुराण की कथा श्रवण करवाई जाना है जिसे मानसिक तंत्र पर संदेश छोड़ा गया सूतजी महाराज के मानसिक तंत्र  से उस ज्ञान को प्रकट कर लिया था उस जमाने में मोबाइल नहीं थे किंतु मोबाइल से भी अच्छी वाली मानसिक तंत्र जिसके माध्यम से अपनी बात को दूसरे तथा अन्य नागरिकों के प्रकट कर देते थे। ज्ञान ही एक ऐसी वस्तु है जो जीवन में निरर्थक नहीं होती है। 1000 व्यक्तियों को भोजन कराने का जो फल मिलता है वह फल मात्र एक व्यक्ति को ज्ञान देने से प्राप्त होता है। संसार में ज्ञान ही सर्वश्रेष्ठ कहा गया है ।भगवान परशुराम ने विश्वामित्र के  वंश  ब्राह्मण के घर जन्म लिया था किंतु क्षत्रिय स्वभाव के थे परशुराम जी के गुरु स्वयं शिव भगवान थे  परशुराम जी ने शिवजी से ही विद्या प्राप्त की थी परशुराम जी की माता रेणुका जी थी। त्रेता युग में ब्रह्म की ताकत परशुराम जी में ही थी जिन्होंने 21 बार क्षत्रियों से लड़कर ब्राह्मणों को भूमि दान की थी । मंदिर में चढ़ावे की परंपरा परशुराम के समय से ही है परशुराम जी ने मर्यादा स्थापित की जो दान के रूप में विकसित हुई । व्यक्ति को दान ही संत बनाता है श्री व्यास जी ने बताया कि माता पार्वती का नारद मुनि से दो रिश्ते ह 18 महापुराण समिति के वरिष्ठ सदस्य अशोक मनोहर जोशी जी ने बताया कि गुरुदेव ने माता अनुसूया के पतिव्रता धर्म एवं उनके त्याग के चरित्र के पश्चात का कृष्ण जन्मोत्सव कथा महाभारत कथा के अंश कृष्ण उत्सव में प्रकट किए महाभारत में गांधारी एवं शकुनि के संबंध में विस्तृत रूप से बताया यह भी बताया कि वीर कभी भी मृत्यु से नहीं डरते हैं उसके पश्चात श्री कृष्ण जन्म उत्सव मनाया गया नगाड़े बजाए गए मटकी फोड़ी गई माखन मिश्री का प्रसाद वितरण किया गया। 18 महापुराण आयोजन की श्रंखला में आयोजित ब्रह्म पुराण के दौरान श्री कृष्ण जन्मोत्सव के पश्चात जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय के मार्गदर्शन में जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव श्री सचिन घोष जिला न्यायाधीश द्वारा द्वारा नशा मुक्ति आंदोलन अंतर्गत उपस्थित होकर जन समुदाय को नशा मुक्ति के बारे में तथा नशे से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में बताया तथा इस संबंध में दी जाने वाली  निशुल्क विधिक सहायता के संबंध में बताया उनके साथ में जिला न्यायालय के अधिवक्ता श्री अश्विन जोशी, श्री नवनीत जैन, श्री निर्मल जाट,  श्री हर्षवर्धन जाट श्री सतीश सोनी श्री आनंदीलाल व्यास आदि अधिवक्ता थे । इनके साथ में श्रीमती सोनिया अशोक जोशी पैरा लीगल वालंटियर के तत्वावधान में नशा मुक्ति कार्यक्रम मे  किया गया । आयोजन में धर्म प्रेमी जनता के साथ में अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे । जिनमें आज की आरती हिंदू नेता अशोक जैन , रितेश शर्मा , श्रीमती उमा अग्रवाल एवं रमेश चंद्र रूपारिया, ओम सोलंकी ,  द्वारा की गई तथा महा प्रसादी वितरित की गई । जानकारी 18 महापुराण समिति के श्री वरिष्ठ सदस्य  पंडित अशोक मनोहर जोशी द्वारा देते हुए बताया कि आज के महापुराण कथा में नगर के  संभ्रांत नागरिक तथा जिले के आसपास के कई नगर तथा गांव के नागरिक के साथ अभिभाषक नवनीत जैन, श्री अश्विनी कुमार जोशी, श्री हर्षवर्धन जाट , श्री निर्मल जाट , किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्री जगदीश जी जाट मनासा, बिरला , श्री महेंद्र दुबे, श्री कमलेश दुबे ,श्री जगदीश जी जोशी , श्री दशरथ सिग्गा, श्री नितेश शर्मा , श्री महेश शर्मा , श्री अश्विन चौहान , श्री अश्विन जोशी , श्री गोपाल दास गुप्ता श्री राजीव भारद्वाज, श्री विठ्ठल गर्ग महापुराण कथा के मुख्य सूत्रधार सोनिया अशोक जोशी , श्री आनंदी लाल व्यास , जगदीश जी पोरवाल , श्रीमती नीलोफर , सुभाष जी जोशी , श्री संतोष जी पांडे , प्रदीप जी बाफना , मदन जी मालवीय , डाँ. अशोक शास्त्री तथा संजय शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे उक्त जानकारी सांवरिया सेठ महापुराण समिति के श्री स्वयं प्रकाश सोनी जी द्वारा दी गई।


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