झाबुआ~150 दिन बाद डीजल के दाम 100 रु.से ज्यादा-16 दिन में 11.17 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ा भाव पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी जारी~~


झाबुआसंजय जैन~~

ईंधन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। रविवार को डीजल के दाम 150 दिन बाद फिर 100 रुपए तक पहुंच गए। 16 दिन में  डीजल 11.17 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है। डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर माल भाड़े व परिवहन की दरों पर होगा। इससे वस्तुओं के दाम बढ़ने की संभावना है। इसके पहले 30 जून को डीजल के दाम 100 रुपए हुए थे।






लगातार बढ़ रहा आम आदमी पर महंगाई का बोझ .......
डेढ़ माह से आम आदमी पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के नाम पर पहले खाद्य तेल,मसाले महंगे हुए। फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने से 22 मार्च से पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी शुरू हुई। अब रोज पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। डीजल का उपयोग सभी तरह के परिवहन वाहनों में होता है। इससे वस्तुओं के परिवहन से लेकर यात्री परिवहन भी महंगा होगा। इसका बोझ आम आदमी पर ही आएगा। रविवार को जिले में पेट्रोल-डीजल के दाम 0.82 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए। पेट्रोल 116.94 रुपए व डीजल 100 रुपए प्रति लीटर बिका और कल बुधवार को जिले में पेट्रोल-डीजल के दाम 2.19 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए। पेट्रोल 119.13 रुपए व डीजल 102.07 रुपए प्रति लीटर बिका।  






वस्तुओं के परिवहन पर भी होगा असर.....
हर तरह की वस्तुओं का परिवहन ट्रकों से होता है। डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट के खर्च पर भी बोझ बढ़ेगा। इसका असर वस्तुओं के दाम पर पड़ेगा। झाबुआ में ज्यादातर वस्तुओं का सप्लाय इंदौर,गुजरात और महाराष्ट्र से होता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से वस्तुओं के दाम बढ़ने के आसार हैं। वहीं केला परिवहन भी महंगा होने की संभावना है।






ईंधन के साथ इन वस्तुओं के दाम भी बढ़े......
पिछले डेढ़ माह में ईंधन सहित कई वस्तुओं के दाम में बढ़ोतरी हुई है। दूध 4 रुपए से 6 रुपए प्रति लीटर,खाद्य तेल 60 से 70 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है। मसालों में हल्दी,धनिया व मिर्च के दाम बढ़े हैं। चावल के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है लेकिन यह मामूली है। दाम बढ़ने से मध्यमवर्गीय परिवारों पर हर माह के खर्च में दो से तीन हजार रुपए का बोझ बढ़ा है।






डीजल के दाम बढ़ने से बस के परिवहन पर भी होगा असर.......
डीजल के दाम में तेजी का असर यात्री परिवहन सेवा पर होगा। जून में डीजल के दाम 100 रुपए के करीब पहुंचने के बाद बस संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया था। डीजल के दाम बढ़ने से भाड़ा 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की मांग रखी गई थी। डीजल के दाम बढ़ने से कई बस संचालकों ने अपनी बसों का परिवहन बंद कर दिया था। अब दाम में फिर तेजी आने से बस संचालकों की मुश्किलें बढऩे वाली हैं। इसका ऐपे,ऑटो और मैजिक जैसे छोटे वाहनों पर भी असर पड़ेगा। पिछली बार भी इन वाहन चालकों ने किराया बढ़ाने के लिए प्रशासन के सामने मांग रखी थी। कई ऑटो चालकों ने अपनी मर्जी से ज्यादा किराया वसूलना शुरू कर दिया था।






4 नवंबर को पेट्रोल 11.66 व डीजल 17.09 रुपए सस्ता हुआ था.........
4 नवंबर को पेट्रोल 120.50 रुपये से 109.07 रुपए और डीजल 108.10 रुपए से 92.58 रुपए पर पहुंचा था। तब केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी और प्रदेश सरकार ने चार प्रतिशत वेट टैक्स कम किया था। पेट्रोल पर 11.66 रुपए और डीजल पर 17.09 रुपए कम हुए थे। लेकिन पिछले 16 दिन में डीजल में ही पेट्रोल 10.85 रुपए और डीजल 11.17 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। फिलहाल दाम कम होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है।




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