झाबुआ~समर्थन मूल्य के लिए किसानों का असमर्थन~~

गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपए,बाजार में मिल रहे 2200 इसलिए अब तक जिले में मात्र 176 किसानों ने बुक कराए स्लॉट~~

किसानों का रुझान नहीं,केंद्रों पर पसरा सन्नाटा,अधिकारी बोले-धीरे-धीरे आएंगे किसान,जल्द खरीदी होगी~~


झाबुआ। संजय जैन~~

इस बार गेहूं खरीदी के लिए जिले में 23 केंद्र बनाए गए हैं। खरीदी केंद्रों मात्र 176 किसानों ने स्लॉट बुक कराए है।। ऐसी हालत में इस साल गेहूं खरीदी होने के आसार न के बराबर हैं। इस साल बाजार में गेहूं की मांग ज्यादा है,बाजार में किसानों को रेट भी अच्छे मिल रहे हैं। खुले बाजार में गेहूं के रेट 2150 से 2200 रुपए तक हैं। वहीं बाजार में 2200 रुपए प्रति क्विंटल है। जबकि समर्थन मूल्य 2015 रुपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। इसके साथ ही 20 रुपए छनाई के काटे जाने हैं। इस हालत में किसान के हाथ में 2 हजार रुपए भी नहीं आना है।
समर्थन मूल्य के लिए किसानों का असमर्थन......
वहीं बाजार व मंडी में किसानों को मन माफिक रेट मिल रहे हैं। यही कारण है कि अभी तक जिले के मात्र 176 किसानों ने उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराया हैं। इस बार जिले में गेहूं की अच्छी पैदावार हुई है। बाजार में गेहूं की पूछ परख ज्यादा है,रेट अच्छे मिल रहे। यही कारण है कि सरकारी खरीदी के समर्थन मूल्य को इस बार किसानों का समर्थन नहीं मिल पा रहा है। हालांकि इस बार लेट बोवनी होने के कारण करीब 85 फीसदी गेहूं ही कटकर आ पाया है। बाकी किसान कटाई में लगे हुए हैं। जिंस के रेट पर नजर डालें तो समर्थन मूल्य पर गेहूं 2015,चना 5230,सरसों 5500 मसूर 5500 निर्धारित हैं। वहीं बाजार में गेहूं के 2200,चना 4700,सरसों 6200 और मसूर के 6300 रुपए मिल रहे हैं।






बाजार में नकद भुगतान,रेट भी अच्छे मिल रहे मंडी में.....
किसानों को नकद भुगतान के साथ ज्यादा परेशानी भी नहीं है,रेट भी अच्छे मिल रहे हैं। इसलिए उनका रुझान सरकारी खरीदी की ओर नहीं है। सरकार को गेहूं बेचने के लिए किसान को पहले स्लॉट बुक करवाना है। निर्धारित केंद्र पर गेहूं बेचने के बाद उसे तत्काल भुगतान भी नहीं होगा और कब होगा यह भी तय नहीं। यहीं सभी कारण है कि किसान समर्थन को समर्थन देने की जगह मंडी में भी गेहूं बेचना ज्यादा पसंद कर रहा है।






गेहूं खरीदी का इस बार लक्ष्य 49 हजार मीट्रिक टन पहुंचना मुश्किल....
जिले में पिछले साल किसानों से 49 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हुई थी,लेकिन इस बार अभी समर्थन मूल्य से ज्यादा मंडी में किसानों को गेहूं का अभाव मिल रहा है। 5 साल में इस बार समर्थन मूल्य में सबसे कम बढ़ोत्तरी गेहूं के समर्थन मूल्य पर नजर डालें तो इस बार सबसे कम सिर्फ  40 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। साल 2017 में गेहूं का समर्थन मूल्य 1625 रुपए था,जो 2018 में 110 बढ़कर 1735,2019 में 105 रुपए बढ़कर 1840, 2020 में 85 रुपए बढ़कर 1925,2021 में 50 रुपए बढ़कर 1975 और इस बाद साल 2022 में सिर्फ  40 रुपए बढ़कर 2015 रुपए पर समर्थन मूल्य पहुंचा है।






वर्ष                गेहूं का रकबा                       उत्पादन
2020-21       92409 हेक्टेयर               351154 मीट्रिक टन
2021-22       91952 हेक्टेयर              349418 मीट्रिक टन
2022-23       99188 हेक्टेयर              387660 मीट्रिक टन (अनुमानित)






धीरे-धीरे आएंगे किसान .........
अभी गेहूं पूरी तरह से कटकर नहीं आया है। यही वजह है कि मात्र 176 किसानों ने ही स्लॉट बुक कराए है। हमारे यहां धीरे-धीरे किसान आएंगे। जल्द ही अच्छी खरीदी शुरू होगी।
............मुकुल त्यागी-जिला आपूर्ति अधिकारी




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