धार~मामला वेटलैंड कॉम्पलेक्स का कहीं खेती तो कहीं र्इंट भट्टों का दिखा कब्जा, 3 तालाबों के सीमांकन के दौरान सामने आई स्थितियां ~~

तालाब सीमांकन के दौरान जहां-जहां कब्जे दिखे वहा चूने की लाईन से की गई है मार्किंग ~|

पंच वर्षीय वेटलैंड कॉम्पलेक्स प्रोजेक्ट के तहत सीमांकन का काम हुआ शुरु ~~

तालाब घाट पर बने मकानों की भी जुटाएंगे जानकारी, करेंगे शिफ्ट ~~

धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )।

वेटलैंड प्रोजेक्ट के तहत शामिल धार के तीन तालाबों का सीमांकन कार्य शुरु हो गया है। पटवारी एवं राजस्व अधिकारी का दल पिछले दो दिनों से धूप तालाब, मुंज सागर और देवी सागर तालाब के सीमांकन में जुटा हुआ है। अभी दो और से किए गए वास्तविक क्षेत्रफल के अनुसार नप्ती में चौकाने वाली स्थितियां सामने आई है। तालाब क्षेत्रफल में कहीं पर खेती हो रही है तो कहीं पर र्इंट भट्टों सहित निजी निर्माण सामने आया है। इसके बाद इन स्थानों पर चूने की लाईन से मार्किंग कर दी गई है। यह स्थिति दो छोर से की गई नप्ती में सामने आई है। अभी चारों और की नप्ती के बाद सीमांकन के दायरे में कई अवैध निर्माण आएंगे। उल्लेखनीय है कि वेटलैंड प्रोजेक्ट के लिए धार का चयन हुआ है। इस प्रोजेक्ट में 3 तालाबों के की जल शुद्धता, जलीय जंतु संरक्षण सहित सुरक्षा एवं पर्यटन व पर्यावरण के लिए कई काम किए जाएंगे। 
पाल पर बने मकानों की जुटाएंगे जानकारी
वेटलैंड कॉम्पलेक्स प्रोजेक्ट के लिए केन्द्रीय मंत्रालय ने 37 करोड़ 13 लाख 62 हजार रुपए स्वीकृत किए है। इस प्रोजेक्ट में तालाब घाटों का सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण क्षेत्र को सुरक्षित किया जाएगा। इसके तहत तालाब घाटों पर अवैध कब्जों को भी हटाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मुंग सागर तालाब के छत्रीपाल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तालाब पाल पर मकान बने हुए हैं। यहां सीवरेज और डेÑनेज व्यवस्था ना होने से समस्त जल-मल की गंदगी तालाबों में ही जाती है। ऐसे मकानों की जानकारी जुटाई जाएगी। इनमें से तालाब पाल पर पूर्ण रूप से बने मकानों को शिफ्ट भी किया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर अधिकारी अभी कुछ भी खुलकर नहीं बता रहे हैं, किंतु प्रोजेक्ट की मंशा के तहत तालाब पाल का संरक्षण महत्वपूर्ण मानक है।
पांच साल चरणबद्ध होगा काम
वेटलैंड प्रोजेक्ट 5 साल में पूर्ण होगा। चरणबद्ध कामों के पश्चात धार के तीन तालाब पूर्ण रूप से संरक्षित हो जाएंगे। इन क्षेत्रों के सीमांकन के साथ सीमाओं को संरक्षित कर दिया जाएगा। भविष्य में यहां पर कब्जे नहीं होंगे और यह क्षेत्र जल और पर्यावरण की दृष्टि से एक आदर्श क्षेत्र कहलाएगा। धूप तालाब क्षेत्र में बर्ड सैंच्युरी को प्लान किया जा रहा है। दरअसल धूप तालाब  एकांत में है। शहर के कौलाहल से दूर इस तालाब क्षेत्र में पक्षियों सहित अन्य जीव-जंतुओं की मौजूदगी रहती है। ऐसे में इस क्षेत्र में पर्याप्त पर्यावरण व जल संरक्षण की संभावनाएं है। इसके इतर प्रोजेक्ट में शामिल दो तालाब देवी सागर और मुंज शहर से सटे हुए है। इन्हें शहर में शामिल तालाब भी कहा जा सकता है।  इन क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं को भी शामिल किया गया है।
पहले चरण के लिए 540 लाख स्वीकृत
वेटलैंड प्रोजेक्ट में 60 प्रतिशत राशि केन्द्र द्वारा दी जाएगी। 40 प्रतिशत राशि राज्य को खर्च करना होगी। पांच साल में चरणबद्ध होने वाले कार्यों के तहत प्रथम चरण के कार्य हेतु 540 लाख की राशि स्वीकृत हो गई है। इसमें से एक बड़ी राशि निकाय को प्राप्त भी हो गई है। वेटलैंड प्रोजेक्ट में प्रथम फैज में तालाब घाटों का सौंदर्यीकरण, 3 तालाबों में क्लीयर चैनल कनेक्टिविटी को महत्व दिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि राजा भोज द्वारा करीब साढ़े 12 तालाबों का निर्माण किया गया था। यह तालाब इस तरह बनाए गए थे कि एक तालाब के पूर्ण रूप से भरने के बाद उसका ओवरफ्लो पानी चैनल के माध्यम से दूसरे तालाब में जाता था। इस तरह तालाब पूर्ण रूप से पानी से लबालब रहते थे।
इनका कहना है
वेटलैंड प्रोजेक्ट के तहत तालाबों के सीमांकन का काम राजस्व एवं नपा की टीम द्वारा करवाया जा रहा है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। यह प्रोजेक्ट शासन ही नहीं नगरपालिका की प्राथमिकता में है। पंचवर्षीय इस प्रोजेक्ट के तहत चरणबद्ध काम होंगे। यह तालाब क्षेत्र पूर्ण रूप से प्राकृतिक वातावरण में संरक्षित किए जाएंगे।
ेनिशिकांत शुक्ला, सीएमओ नपा धार


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