धार~हॉस्टल अधीक्षक के डांटने पर 500 km दूर पहुंचे बच्चे~~

हॉस्टल से लापता हुए दो बालक महाराष्ट्र में मिले
आयशर वाहन में बैठकर पहुंचे पूर्ण  ~~

धामनोद पुलिस बच्चों को लेकर आई थाने
कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंपा ~~

धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )।

ग्राम खलघाट में स्थित शासकीय सीनियर बालक छात्रावास से लापता हुए दो बच्चों को पुलिस टीम पुणे से लेकर आ गई हैं, दोनों ही बच्चे अधीक्षक की डांट के कारण हॉस्टल छोड़कर भाग गए थे। बच्चों को डर था कि अधीक्षक के द्वारा उनके माता व पिता को उनकी शिकायत की हैं, तथा परिजन अब इस बात से नाराज होंगे। ऐसे में बच्चे हॉस्टल से बिना बताए भाग गए, जिस दौरान बच्चें हॉस्टल से गायब हुए थे। तब अधीक्षक हॉस्टल में नहीं था, इधर मामले की सूचना मिलने के बाद धामनोद पुलिस ने अपहरण की धारा में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की। जिसके बाद पुलिस टीम दोनों बच्चों को लेकर थाने पर वापस आई है। वहीं हॉस्टल से बच्चों के गायब होने के मामले में संबंधित विभाग द्वारा हॉस्टल के अधीक्षक को सस्पेंड भी कर दिया है।
हॉस्टल से निकले आयशर में बैठकर पहुंचे पुणे
दरअसल 29 मार्च को दोपहर के समय अंकित पिता रुपसिंह व आयुष पिता छत‍रसिंह दोनों नाबालिग हॉस्टल से लापता हो गए थे। मामले में अधीक्षक महेश पिता राजाराम ने पुलिस को सूचना में बताया कि बेटी की तबीयत ठीक नहीं होने पर अस्पताल गया हुआ था, हॉस्टल से कर्मचारी प्रवीण का फोन आया। जिसने अंकित व आयुष के नहीं होने की जानकारी दी थी। हॉस्टल से दो बच्चों के गायब होने के प्रकरण को धामनोद पुलिस ने गंभीरता से लिया व क्षेञ में तलाश शुरु की गई। इस दौरान पुलिस को दो बच्चे आयशर में बैठकर जाने की सूचना खलघाट चौराहे से मिली, जिसके बाद बच्चों की तलाश के लिए टीम गठित की गई थी। दोनों बच्चों ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि खलघाट से करीब 4 किलोमीटर दूर जाकर एक आईसर वाहन में बैठे और उन्होंने मुंबई जाने की बात कही। किंतु आईसर वाहन चालक को बच्चों से बीच रास्ते में हुई चर्चा से लगा कि बच्चे गलत दिशा में जा रहे हैं उसने तत्काल पुलिस को सूचना देकर पुणे के पास एक पुलिस स्टेशन पर पहुंचाया।
काम की तलाश में जा रहे थे बच्चे
पुलिस को दर्ज करवाए बयान में बच्चों ने बताया कि जेब में खाने को रुपए नहीं थे, ऐसे में मुंबई काम की तलाश में जा रहे थे। थाना प्रभारी राजकुमार यादव ने बताया कि शिकायत के बाद से ही पुलिस हरकत में आ गई सभी जगह बच्चों की सूचना दी गई। जैसे ही चालक द्वारा सूचना मिली, इसके बाद तत्काल टीम तैयार कर पुणे रवाना किया गया। जहा से 24 घंटे में बच्चों को मां-बाप के सुपुर्द किया गया। जिसमें बच्चों ने अधीक्षक द्वारा डांटने की बात पर हॉस्टल छोड़कर जाने की बात बताई है। 
तोड़फोड़ की थी बच्चों ने
अधीक्षक महेश ने बताया कि दोनों की बच्चों ने हॉस्टल में तोडफोड की थी, इस बात को लेकर शिकायत इनके परिजनों से की थी। शाम को परिजन हॉस्टल आने वाले थे, इसके पहले ही बच्चे हॉस्टल से गायब हो गए थे।


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