धार~जिस स्थान पर इन महा पुराणों की शुरू होगा उनके जीवन में यश कीर्ति और लक्ष्मी की प्राप्ति होगी ~गुरुदेव पंडित रमाकांत जी व्यास ~~

गुरुदेव ने दूसरे दिवस की कथा में बताया कि सर्वप्रथम परोपकार पुत्र बना जिससे जल की उत्पत्ति हुई जल का बीज नारायण सृष्टि से महत्व से उत्पन्न कुआं महत्त्व से सात ऋषि उत्पन्न हुए उसमें प्रथम ऋषि मानसिक रूप से उत्पन्न हुए जब मानसिक रूप से सात ऋषि उत्पन्न हुए तब देवताओं ने ब्रह्मा जी से निवेदन किया कि सृष्टि को चलाने के लिए एक नारी की आवश्यकता होगी और उनके प्रार्थना और निवेदन पर ब्रह्मा ने मनु एवं शतरूपा नाम की नारी के दोष उत्पन्न किए और इस प्रकार सृष्टि मातृत्व से उत्पन्न ब्रह्मा के वरदान से ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शूद्र 4 गोत्र उत्पन्न हुए गुरुदेव कथावाचक पंडित रमाकांत व्यास ने बताया कि ब्रह्मा जी के आशीर्वाद से 4 नारियों का "हुआ जिनके नाम पद्मिनी चित्रीनि शंखिनी किंगकिनी उसके बच्चा इनसे उत्पन्न प्रद्युम्न नामक व्यक्ति ने चोपन मंदिर की स्थापना की और आज भी हर छोटे गांव में शहरों में या गांव कस्बे बनते हैं वहां पर खेड़ापति माता जी शंकर जी हनुमान जी अनादि देवता को विराज किया जाता है जिससे मैं गांव की रक्षा करते हैं खेड़ापति हनुमान को गांव के होने पर सिंदूर चढ़ाने से आंख का भय नहीं होता है सिंदूर एवं तेल ठंडा होता है और वहां पर कभी चोरी नहीं होती वर्तमान में सृष्टि में श्वेत वाराह कल नाम का युग चल रहा है जिसमें अनादि देवी देवता विचरण कर रहे हैं और जहां जहां जिस स्थान पर इन महा पुराणों का शुरू होगा उनके जीवन में यश कीर्ति और लक्ष्मी की प्राप्ति होगी गुरुदेव पंडित रमाकांत जी व्यास ने कथा के दूसरे दिवस उक्त वृतांत विस्तृत से सुनाए जिसे सुनकर जनता मंत्रमुग्ध होकर दोपहर 1:00 से 5:00 बजे तक ऑफ लक रूप से गुरुदेव के प्रवचन ओं का लाभ लेते रहे आज इस दूसरे दिवस की कथा महाप्रसाद में श्री सतीश सोनी अधिवक्ता की ओर से रखी गई थी आज की आरती के मुख्य यजमान श्री दशरथ जी से गांव श्री विट्ठल जी गर्ग एवं गोपाल दास जी का अवतार है उक्त जानकारी देते हुए पुराण समिति के सदस्य पंडित अशोक मनोज जोशी ने बताया कि गुरुदेव के द्वारा की जा रही है इस पुराण में सैकड़ों की तादाद में धर्म प्रेमी जनता उपस्थित हो रही हैं तथा इस महापुराण का लाभ उठा रही हैं गुरुदेव ने आज दूसरे दिवस की कथा का समापन करते हुए बताया कि प्रत्येक जीव मात्र को जीवन में कितना भी दुष्कर कार्य करना पड़े मैं ईश्वर की आराधना करना नहीं भूले एवं दिन में कम से कम 11 बार प्रभु का सिमरन अवश्य करें जिससे घर में होने वाले समस्त देशों का नाश होता है एवं घर में स्थाई शांति का अनुभव होता है आज उपस्थित होने वाले गणमान्य नागरिकों में हिंदू नेता अशोक जी जैन स्वयं प्रकाश जी सोनी श्री राम जी शर्मा मनोज जी शर्मा रितेश शर्मा कमलेश जी दुबे जगदीश जी जोशी सतीश चंद्र सोनी अधिवक्ता एवं अन्य कई गणमान्य नागरिकों के अतिरिक्त त्रिमूर्ति नगर वासी महिलाओं के साथ साथ शहर की कई महिलाएं भी सम्मिलित होकर गुरु जी के द्वारा किए गए वचन मंत्र मुक्त हुई


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