*इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव के दिन बन रहे विशेष योग साथ जानिए अष्ट सिद्धि , नव निधियों के बारे मे*~डाँ.अशोक शास्त्री~~

          चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है । इस बार चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि दिनांक 16 अप्रैल 2022 शनिवार को मनाया जाएगा । इस संदर्भ मे मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री ने एक विशेष मुलाकात मे बताया की हनुमान जी को भगवान शिव का ग्यारहवां अवतार माना जाता है । रुद्रावतार भगवान हनुमान माता अंजनी और वानर राज केसरी के पुत्र है । हनुमान जी के जन्म का वर्णन वायु पुराण मे मिलता है । डाँ. शास्त्री के मुताबिक हनुमान जन्मोत्सव के दिन शनिवार पडने इस दिन का महत्व और बढ जाता है । शास्त्रों मे शनिवार और मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित किया गया है । हनुमान चालीसा मे लिखा गया है हनुमान जी अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता है । जिस व्यक्ति को ये सिद्धियां मिल जाती है , वह धन्य हो जाता है । जातक के जीवन मे सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला माना जाता है , जिनके लिए हर व्यक्ति जन्म - जन्मांतर के चक्र से तपस्या द्वारा इन्हे पूरा करने की इच्छा रखता है । हनुमान जन्मोत्सव के दिन सूर्योदय पूर्व प्रातःकाल सभी नित्य कर्मों से निवृत्त होकर हनुमान जी का पूजन करना चाहिए । पूजन मे ब्रह्मचर्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए । पूजन मे चंदन , केसरी सिंदूर , लाल कपडा के साथ नैवेद्य मे लड्डू या बूंदी , चिरोंजी मे सिके चने का रखना चाहिए । धार्मिक मान्यतानुसार हनुमान जन्मोत्सव के दिन बजरंगबली के साथ श्रीराम जी का विधि विधान से पूजन करने से मनोवांछित फल प्राप्त होता है ।
          डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक  किसी भी बात या काम को सिद्ध करने हेतु साध्य की आवश्यकता होती है । यह एक साधना है जिसके द्वारा व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है । चाहे आध्यात्मिकता के उच्च स्तर को प्राप्त करने की हो या जीवन मे सुख और संतोष प्राप्ति के मार्ग की , इन इन सिद्धियों से सभी की प्रगति हो सकती है । हनुमान जी के द्वारा दी गई  सिद्धियाँ सर्व प्रथम - महिमा सिद्धि , गरिमा सिद्धि , लघिमा सिद्धि , प्रज्ञा सिद्धि , प्राकम्य सिद्धि , ईशित्व सिद्धि और वशित्व सिद्धि । वहीं नव निधियों मे पद्म निधि , महापद्म निधि , नील निधि , मुकुंद निधि , नंदा निधि , मकर निधि , कच्छप निधि , शंख निधि , और खारवा मिश्रा निधि है । इन सभी को भगवान हनुमान के आशीर्वाद के रुप मे प्राप्त किया जा सकता है । हनुमान जन्मोत्सव पर पूजा - पाठ का विशेष प्रभाव भी है । इस दिन पूजन , जाप , पाठ से जातक के सभी संकट दूर होने के साथ सभी जटिलताएं दूर होती है ।
          डाँ.अशोक शास्त्री के मुताबिक हनुमान जन्मोत्सव के दिन शनिवार के साथ रवि व हर्षण योग बन रहा है । इस दिन हस्त व चित्रा नक्षत्र रहेगा । दिनांक 16 अप्रैल को हस्त नक्षत्र प्रातः 08:29 बजे तक रहेगा , पश्चात् चित्रा नक्षत्र लगेगा । इसके साथ ही रवि योग प्रातःकाल 05:49 से 08:37 बजे तक रहेगा । इन शुभ योग मे किए गए कार्यों का शुभ फल प्राप्त होता है ।
प्रेत आदि की बाधा निवृति हेतु हनुमान जी के इस मंत्र का जाप करना  चाहिए:
*ॐ दक्षिणमुखाय पच्चमुख हनुमते करालबदनाय नारसिंहाय ॐ हां हीं हूं हौं हः सकलभीतप्रेतदमनाय स्वाहाः।*
प्रनवउं पवनकुमार खल बन पावक ग्यानधन।
जासु हृदय आगार बसिंह राम सर चाप घर।।

शत्रुओं से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी के इस मंत्र का जाप करना चाहिए:
*ॐ पूर्वकपिमुखाय पच्चमुख हनुमते टं टं टं टं टं सकल शत्रु सहंरणाय स्वाहा।*

अपनी रक्षा और यथेष्ट लाभ हेतु इस मंत्र का जाप करना चाहिए
*अज्जनागर्भ सम्भूत कपीन्द्र सचिवोत्तम ।*
*रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमन् रक्ष सर्वदा   ।।*


Share To:

Post A Comment: