धार~दोहरे ब्लाइंड मर्डर के मामले में पुलिस को मिली सफलता ~~

सीसीटीवी कैमरे खंगाले, फास्टैग के माध्यम से आरोपियों तक पहुंची पुलिस ~~

मृतक को चुगली करना पड़ा भारी, दोस्त ने की दी हत्या
पहले ढाबे पर पिलाई शराब, पिलाई नींद की गोली व चढा दिया ट्रक का पहिया ~~

धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )।

धामनोद क्षेञ में हुए दोहरे ब्लाइंड मर्डर के मामले का खुलासा पुलिस ने कर दिया हैं, आरोपी वाहन चालक ने दोस्त द्वारा मालिक से चुगली कर नौकरी से हटाने की बात पर मृतक की हत्या कर दी थी। हालांकि आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा, इस दौरान पुलिस ने 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरे देखे, साथ ही रिकॉर्डिंग में दिखाई दिए संदिग्ध ट्रक पर लगे फास्टैग के माध्यम से पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए महाराष्ट्र पहुंची। जहां से दोनों संदिग्धों को धामनोद जाकर सख्ती से पूछताछ की गई। जिसके बाद आरोपियों ने हत्या करने की बात कबूल की। मामले में पुलिस ने डबल मर्डर को लेकर हत्या की धारा में प्रकरण दर्ज किया हैं, जल्द ही आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले की जानकारी देने के दौरान एडिशनल एसपी देवेंद्र पाटीदार, धामनोद एसडीओपी राहुल खरे व टीआई राजकुमार यादव उपस्थित थे।
चिट्ठी पर लिखे नंबर से मृतक की पहचान
पूरे मामले की जानकारी गुरुवार दोपहर के समय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने दी। एसपी ने बताया कि समीप के जिले खरगोन के महेश्वर कस्बे में धामनोद की ओर जाने वाले मार्ग पर 2 अप्रैल को रोड किनारे सुबह के समय लाश मिली थी, मृतक के पास मिली एक चिट्ठी पर लिखे नंबर के आधार पर पहचान हो पाई। इसी बीच ट्रक मालिक मोहम्मद आरिफ पिता हाली ने महेश्वर व धामनोद थाने पर सूचना दी कि ट्रक क्रमांक आरजे-11 टी-7461 को चालक कासिम व क्लीनर शंकर पिता छेतू आलू भरकर 31 मार्च को महाराष्ट्र जाने के लिए निकले थे, तथा उक्त ट्रक गणेश घाट पर खडा हुआ हैं। साथ ही क्लीनर की लाश ट्रक में ही पडी हुई हैं, मामले की गंभीरता को देखते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरु की गई।
मृतक के ट्रक का दूसरा ट्रक कर रहा था पीछा
एसपी श्री सिंह के अनुसार सीसीटीवी कैमरे देखने पर यह बात सामने आई कि 1 अप्रैल को शाम करीब 7-40 बजे मृतक का ट्रक किशनगज टोल से निकला, तथा इस वाहन का लगातार दूसरा ट्रक क्रमांक आरजे-11 जीए-4827 पीछा कर रहा था। तथा मृतक कासिम की मिली लाश के पास बने टोल धामनोद से भी निकला था, ऐसे में शंका के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढाई। इसके बाद फास्टैग व कॉल डिटेल से जानकारी जुटाई, जिसमें उक्त संदिग्ध ट्रक सोलपुर महाराष्ट्र में लोकेशन आने पर धामनोद पुलिस मौके पर पहुंची। तथा चालक हजारीलाल पिता लोहरीसिंह व मोहसिन पिता कबीर खान को हिरासत में लेकर धामनोद आई, जहां पर पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करने की बात कबूल की।
चुगली करने से नाराज था आरोपी
टीआई राजकुमार यादव के अनुसार सख्ती से पूछताछ में बताया कि मोहसिन पहले मृतक कासिम के साथ ही ट्रक पर कंडक्टरी करता था, इसी दौरान आपसी अनबन हो जाने के बाद कासिम ने ट्रक मालिक से चुगली की थी। जिसके कारण ट्रक मालिक ने उसे हटा दिया था, इसके बाद दो माह पूर्व से आरोपी मोहसिन हजारीजाज के साथ ट्रक चला रहा था। इसी बीच दोनों ने हत्या करने की साजिश रचाी। तथा खंडवा नाका पर स्थित इंदौर ढाबे पर मृतक शंकर और कासिम को शराब पिलाई, इसी बीच नींद की गोली डाल दी। जिससे दोनों सो गए, जहां से दोनों ट्रक अलग-अलग आरोपी चलाकर लेकर आए। तथा कासिम के गले पर टायर चढा दिया व शंकर का गला घोंटने के बाद उसके ट्रक के टायर निकाले व मौके से फरार हो गए थे। पूरे मामले का खुलासा उनि रावल, प्रआर मनीष, राकेश, आरक्षक धर्मेंद्र यादव, नरेंद्र व सायबर शाखा के प्रशांत, शुभम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


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