धार~मामला नगरपालिका का.....
कंसलटेंट्स बिल्डिंग परमिशन के साथ मॉनिटरिंग भी करें, अनुमति से ज्यादा तो नहीं हो रहा निर्माण~~

नगरपालिका में पंजीकृत कंसलटेंट्स के साथ सीएमओ की बैठक, पुरानी निर्माण अनुमतियों के विपरित अधिक निर्माण करने वालों की जानकारी मांगी ~`

धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )।

आप लोग बिल्डिंग परमिशन के साथ निर्माण के दौरान कार्य की मॉनटिरिंग भी करें। कोई व्यक्ति अनुमति से अधिक निर्माण कर रहा है तो उसे रोके, हमें सूचित करें। निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात भी निर्माण निरीक्षण करे कि अनुमति से अधिक निर्माण तो नहीं किया गया है। यदि ऐसा निर्माण सामने आता है तो उसे कम्पाउंडिंग की जद में लाया जाए। यह बात सोमवार को नगरपालिका सीएमओ  निशिकांत शुक्ला ने धार नगरपालिका में बिल्डिंग परमिशन एवं अन्य कार्यों के लिए पंजीकृत कंसलटेंट्स फर्म के लोगों के साथ बैठक के दौरान उन्हें समझाई। बैठक का मुख्य उद्देश्य निर्माण अनुमतियों के विपरित अधिक निर्माण की भावना को रोकना है। वहीं  निर्माण कर चुके लोगों के निर्माणों को तोड़ने की बजाय उन्हें कम्पाउंडिंग के नियम-शर्तों के तहत फीस शुल्क के माध्यम से वैध के दायरे में लाना है।
व्यवसायिक भवनों पर फोकस
निर्माण अनुमतियों के विपरित 30 प्रतिशत तक अधिक निर्माण कर चुके भवन मालिकों को निर्धारित फीस शुल्क के माध्यम से  कम्पाउंडिंग से वैध के दायरे में लाया जा रहा है। धार नगरीय क्षेत्र में व्यवसायिक और आवासीय बिल्डिंग व भवनों में बड़े पैमाने पर निर्माण अनुमति के विपरित अधिक निर्माण किया गया है। अवैध निर्माण को लेकर लगाातार शिकायतें भी होती रहती है। कम्पाउंडिंग में फ्रंट निर्माण को शामिल नहीं किया गया है। इधर धार में नगरपालिका का अभी व्यवसायिक भवनों पर फोकस है। विशेषकर कॉलोनी क्षेत्रों के व्यवसायिक भवनों में कम्पाउंडिंग के दायरे में आने वाले भवनों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके पश्चात व्यवसायिक क्षेत्र यानि मुख्य बाजारों के भवनों की जांच की जाएगी। कम्पाउंडिंग से नगरपालिका ने अभी तक करीब 36 लाख रुपए का राजस्व जुटा लिया है।
बॉक्स-1
दो-दो महीने बगैर वेतन के घर कैसे चलेगा, कुछ दिन बाद ईद भी है
धार नगरपालिका में मार्च माह के वेतन की मांग को लेकर 25 अप्रैल को कर्मचारियों ने सीएमओ निशिकांत शुक्ला से मुलाकात की। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि मार्च खत्म हो गया है। 5 दिन अप्रैल महीना भी समाप्त हो जाएगा। वेतन विलंब होने से घर चलाने में दिक्कतें आ रही है। कर्मचारियों ने कहा कि कुछ दिन बाद बड़ा पर्व ईद भी आने वाली है। हमें वेतन दिलवाया जाए। सीएमओ निशिकांत शुक्ला ने कुछ दिनों में नगरीय एवं प्रशासन विकास विभाग से मिलने वाली चूंगी क्षतिपूर्ति राशि आने की बात कही है। इसी राशि से वेतन का भुगतान किया जाता है। इस महीने राशि आने में दूरी हो गई है। सीएमओ के आश्वासन के बाद कर्मचारी लौट गए।
दूसरे मद का नहीं कर सकते उपयोग
सीएमओ और कर्मचारियों की चर्चा के दौरान एक कर्मचारी द्वारा वेतन दिक्कतों के निराकरण के लिए निकाय के अलग-अलग मदों में रखी राशि का उपयोग करके समस्या हल करने का सुझाव दिया। सीएमओ श्री शुक्ला ने स्पष्ट मना करते हुए कहा कि दूसरे मद की राशि का वेतन में उपयोग करने का अधिकार उन्हें नहीं है। कर्मचारियों ने दलील दी पहले ऐसा किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं नियमों का पालन करता हूं। तमाम चर्चा के बाद सीएमओ ने जल्द ही भोपाल में अधिकारियों से बात करके राशि देने का आग्रह करने की बात कही। उल्लेखनीय है कि निकाय में स्थाई एवं अस्थाई करीब 300 से अधिक कर्मचारी काम करते है। इनमें बड़ी संख्या में मुस्लिम सफाईकर्मी भी शामिल है। सभी कर्मचारियों को मार्च माह का वेतन नहीं मिल पाया है।


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