*चुनावी चुलबुल* (व्यंगात्मक लेख भाग 3)

जबरदस्ति फार्म भरने वाली प्रजाती~~

अनुराग डोडिया रिंगनोद~~

हा जी साहब ये भी एक महत्वपूर्ण प्रकार की प्रजाती है जो शायद अमरत्व प्राप्त है चिरंजीवी कहा जा सकता है ईनमै कुछ आदतन तो कुछ देखकर सिखने वाले होते है जिनका एक ही लक्ष्य होता है बस फार्म भरो ईनके सहयोगी कलाकारो मै फिल्मो की तरह निर्देशक  और सह कलाकार भी होते है हाँ लैकिन प्रोड्युसर सामान्यतया ये खुद ही होते है क्योकी ये फार्म भरते ही कमाने के उद्दैश्य से है वो बात और है कि ईन जैसे साहब का कोई तिक्ष्ण बुद्धि सम्राट राजनिति विशारद किसी और विपक्षी उम्मिद्वार से  बदले या पैसा लगवाने की भावना से फार्म भरवा के अपना उल्लू सिधा करवा ले वरना तो ये खुद और ईनके निर्देशक अति बुद्धिशाली होते है वे ईन्हे अपनी भाषा मै जगह पर बैठकर समझाते है और कभी कभी तो जब्त करवाने के पैसे भी खुद ही लगा डालते है कहते है "थन कुण सो चुनाव लडनो है फारम भर दे पेमेंट ली ने ने उठई लांगा अपणाने कई युज समजे वो अपन नी भर सका कई विस्से जादा अपनी पकड है अपणा कुनसा करोडो जयी रिया" वा साहब हो गया काम फिर फार्म भरवाने के बाद तैय्यारी कुछ एसी होती है कि सामने वाला खुद निर्देशक साहब के पास ईनके हिरो से नाम वापस लेने या यो कहै फार्म ऊठवाने की जुगत मै पहुँच जाता है अब बात खतम होती है .............. (कैसे होती है तो ये पब्लिक है सब जानती है) लैकीन खैल अजब है क्योकी ये चिज़ ही साहब गज़ब है अच्छा जी  मिलते है और कई चुनावी खबरे और एसे ही चटपटे मजेदार लेख के साथ तब तक आप बने रहीए विचार न्युज की चुनावी स्पेश्यल श्रंखला चुनावी चुलबुल के साथ तब तक के लिए जय राम जी की


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