धार~ तनाव मनुष्य के जीवन को खोखला कर रहा है -भागवताचार्य वशिष्ठ~~

मंगल कलश यात्रा से 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा शुरु~~
 
धार। नगर के नालछा दरवाजा क्षेत्र में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ मंगल कलश चल समारोह के साथ हुआ। भागवताचार्य पंडित देशराज वशिष्ठ के मुखारविंद से 15 मई से 21 मई तक धर्म गंगा ज्ञानयज्ञ प्रवचन होंगे। श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य यजमान कमल संगीता राठौर और उनका परिवार है।  भागवत कथा के प्रारंभ में क्षेत्रीय धर्म प्रेमी महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर शोभायात्रा निकाली।  कथा स्थल पर राठौर दंपत्ति द्वारा श्रीमद् भागवत का पूजन कर आरती की। साथ ही पितृ मोक्ष और मानव कल्याण के उद्देश्य रखी गई भागवत कथा में सभी पितृों का विधिवत पूजन किया गया।
भागवताचार्य श्री वशिष्ठ ने प्रथम दिन भागवत महापुराण के महात्म को बताते हुए कहा कि जिंदगी की आपाधापी में बढ़ता तनाव मनुष्य को अंदर से खोखला कर रहा है जिससे आलस्य और दरिद्रता बढ़ती जा रही है।  दरिद्रता का मुख्य कारण हमारे पूर्व जन्म के पाप है। पितृ  दोष से व्यक्ति के जीवन में कई  परेशानी आती है। इसका एकमात्र उपाय भागवत महापुराण की कथा का
श्रवण है। इस कथा का सात दिन तक आयोजन कर श्रवण करवाना हमारे दोषों का नाश करता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को तनाव से दूर रहने की लिए भगवान की भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए और और हमारे अंतर्मन को पवित्र करना चाहिए। भागवताचार्य वशिष्ठ ने कथा के दौरान गो कर्ण कथा सहित अनेक प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया।


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