झाबुआ~खून की गंभीर बीमारियों के मरीजों को अब नि:शुल्क रक्त का हक-नहीं डाला जाएगा रिप्लेसमेंट का दबाव~~

स्वास्थ्य संचालनालय ने जारी किए आदेश,अन्य मरीजों के मामले में तय की कीमत~~





झाबुआसंजय जैन~~

सरकारी व निजी ब्लड बैंक द्वारा मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने के संबंध में राज्य रक्त आधान परिषद ने गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत पहली बार खास तरह के मरीजों को निशुल्क रक्त का अधिकार दिया गया है। ऐसे मरीजों से रक्त या उसके कंपोनेंट के बदले पैसे या रक्त के रिप्लेसमेंट की मांग नहीं की जा सकेगी। इसके साथ ही अन्य मरीजों के मामले में भी दरें तय कर दी गई हैं। अभी तक इसे लेकर मनमानी चल रही थी।






नहीं डाला जाएगा रिप्लेसमेंट का दबाव......
निजी ब्लड बैंक के साथ सरकारी संस्थानों में भी मरीजों का जमकर शोषण हो रहा था। थैलेसीमिया,हीमोफीलिया,एनीमिया सहित सभी हीमोग्लोबिन पैथी से प्रभावित मरीजों को निशुल्क रक्त या रक्त कंपोनेंट दिया जाएगा। ऐसे मरीजों पर रिप्लेसमेंट का दबाव भी नहीं डाला जाएगा। ब्लड बैंक में रक्त के बदले मरीज के परिजनों से रक्तदान की मांग करते हैं। गंभीर बीमारियों के मामले में अब सरकारी या निजी ब्लड बैंक इस तरह की शर्त नहीं रख सकेंगे।





 
कुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं को भी नि:शुल्क  रक्त ....
सरकारी ब्लड बैंक के लिए भी दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत कुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं को भी नि:शुल्क व रिप्लेसमेंट फ्री रक्त व कंपोनेंट दिए जाएंगे। इसके अलावा रक्त संबंधी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज अगर किसी निजी अस्पताल में है तो उसे भी सरकारी ब्लड बैंक से नि:शुल्क व रिप्लेसमेंट फ्री रक्त एवं कंपानेंट दिया जाएगा।






अन्य मरीजों के लिए ये रहेंगी दरें .....
होल रक्त 1050 रु.प्रति यूनिट,पैक्ड रेड सेल्स 1050 रु.प्रति यूनिट, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा 300 रु.प्रति यूनिट,प्लेटलेट कंसन्ट्रेट 300 रु.प्रति यूनिट क्रायोप्रेसिपिटेट 200 रु,प्रति यूनिट दरें रहेंगी। यह दरें सरकारी व निजी ब्लड बैंक पर समान रूप से लागू होंगी। होल ब्लड एवं ब्लड कंपोनेंट प्रोसेसिंग की दरों की जानकारी ब्लड सेंटर परिसर में चस्पा करना जरूरी होगी,जिससे आम लोग उसे देख सकें।




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