धार~मानसून प्रारंभ होने के पूर्व तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश ~~

कलेक्टर ने कहा- अतिवृष्टि क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों के लिए व्यवस्था रखे, कंट्रोल रूम बनाएं ~~

धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )।

प्रदेश में इस वर्ष मानसून 15 जून के आसपास सक्रिय होने की संभावनाएं जताई जा रही है। इसी के साथ जिले में अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों में राहत कार्य एवं बचाव को लेकर व्यवस्थाओं की तैयारियां शुरु हो गई है। कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने वीसी के माध्यम से विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर उन्हें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी, संस्थागत ढांचा निर्माण, बाढ़ नियंत्रण कक्ष, विभिन्न समितियों का गठन, चेक लिस्ट, पूर्व चेतावनी, राहत स्थलों की पहचान, आवश्यक मरम्मत, संचार व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देशित किया है। इसी के साथ जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए कहा गया है।
नदी-नालों और पुलियाओं पर संकेतक लगाए
शुक्रवार को विडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टर ने कहा कि जिला होमगार्ड अधिकारी रेस्क्यू टीम बनाए। उसके नम्बर सभी अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। इधर जिले में बाढ़ के दौरान नदी-नालों और कमजोर पुलिया हो तो वहां चेतावनी संकेतक लगाने के लिए नेशनल एवं स्टेट हाईवे सहित ग्रामीण सड़क विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है।
आवश्यक दवाइयों का स्टॉक रखे
कलेक्टर ने  सीएमएचओ को कहा है कि वर्षा के दौरान विभिन्न बीमारियों, जीव-जन्तुओं के काटने की घटनाओं के मद्देनज़र पर्याप्त संख्या में दवाईयां व पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करें। वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों से ट्रांसफार्मरों में ढक्कन एवं खुले तारों को सुरक्षित करने के लिए कहा है। 
जर्जर भवन में ना लगे स्कूल
वीसी में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी को कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले के किसी भी जर्जर भवन में स्कूल न लगे। किसी स्कूल भवन में आवश्यक मरम्मत की जानी है तो तत्काल करा ली जाए। स्कूल की छत से पानी का रिसाव न हो, स्कूल के सामने मैदान में पानी न जमा हो पाए। जब भी अतिवृष्टि की स्थिति हो तो बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जवाबदारी तय करें ।
जल जमाव की सूचना पर त्वरित कार्रवाई हो
समस्त नगरपालिका के अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए है कि  नगर में कहीं भी पानी जमा होने की शिकायत मिलने पर टीम तत्काल मौके पहुंचाए। पम्प, रस्सी, टार्च, कुल्हाडी आदि की व्यवस्था पहले से रखे। नगर पालिकाएं यह देख ले कि कहां-कहां पानी जमा हो रहा है, उन क्षेत्रों की सफाई करवाए। 
नर्मदा तटीय क्षेत्रों पर रखे नजर
वीसी में कलेक्टर ने कहा कि जिले कि जिन तहसीलों से नर्मदा नदी के किनारे जुड़े है। उन तटीय क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सतर्कता रखी जाए। बाढ़ के दौरान डूब प्रभावित पहुंच विहीन ग्रामों में खाद्यान्न के भंडारण की व्यवस्था भी वर्षा प्रारंभ होने के पूर्व पर्याप्त रखी जाए।


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