धार~मामला धार नगरपालिका का~~
कागजों पर खरीदी का अंदेशा, खर्च रजिस्टर में सामग्री खपाने की इंट्री नहीं ~~

सड़कों के गड्ढें भरने के लिए लाखों की सामग्री खरीदी, कहा लगाई इसका रिकार्ड नहीं ~~

सूचना के अधिकार के तहत जानकारी जुटाकर सीएम से लेकर विभाग तक की शिकायत ~~

पहली मर्तबा धार नगरपालिका में भ्रष्टाचार के आरोप की फाईल पीएमओ कार्यालय भी भेजी जाएगी, पूर्व नपा सीएमओ के कार्यकाल में हुई थी खरीदी ~~

धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )।

नगरपालिका धार में जर्म कीलर साल्यूशन सहित सोडियम हाईको क्लोराईड दवा की कागजों पर खरीदी का अंदेशा जताया जा रहा है। दरअसल सामग्री क्रय करने के पश्चात सामग्री का उपयोग कहां-कहां किया गया है इसका कोई रिकार्ड खर्च-खतौनी के खाते में दर्ज नहीं है। यह बात नगरपालिका ने स्वयं लिखित में स्वीकार की है। इस मामले में इंट्री दर्ज ना करने के लिए तत्कालीन स्टोर कीपर पुनित तिवारी को जिम्मेदार बताया है। इस तरह की जानकारी सामने आने के बाद इसे खरीदी दर्शाकर बिल आहरण  करने का मामला माना जा रहा है। सूचना के अधिकार के तहत आरटीआई कार्यकर्ता सुनील सावंत ने यह जानकारी जुटाई है। शुक्रवार को पत्र परिषद् में उन्होंने नगरपालिका में की गई इस तरह की धांधलियों को प्रेस के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत अब सीएम से लेकर विभागीय अधिकारी को भेजी गई है और शीघ्र ही इसकी शिकायत लोकायुक्त को भी की   जाएगी। सामग्री खरीदी का यह मामला वर्ष 2019 से 21 के मध्य का है।
कहां है चूना और दवाइयां
शुक्रवार को पत्र परिषद् में सामाजिक कार्यकर्ता श्री सावंत ने बताया कि मार्च 2020 और अप्रैल 2020 में पीथमपुर एवं इंदौर से दवाई और चूना लाया गया था। इसकी इंट्री भी स्टोर के स्टॉक रजिस्टर में दर्ज नहीं है। सूचना के अधिकार के तहत दी गई जानकारी में नगरपालिका ने स्वयं लिखकर दिया है कि तत्कालीन स्टोर कीपर द्वारा स्टॉक रजिस्टर में इसे दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका में लाई गई सामग्रियों को स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। सामग्री के उपयोग को भी दर्ज किया जाता है। जिस तरह से नगरपालिका में लाखों की सामग्री की खर्च इंट्री नहीं है। यह पूर्णत: गलत आचरण है। चूना और दवाइयों की इंट्री क्यों नहीं है।
पैचवर्क का भी फोटो रिकार्ड नहीं
शहर में सड़कों पर पैचवर्क के नाम पर बिटूमीन सहित रेडिमिक्स पैचवर्क एवं इससे मिलती-जुलती करीब 30 लाख की सामग्री खरीदी की गई है। सामग्री का उपयोग शहर में कहा पर गड्ढें भरने में किया गया है। इसका कोई रिकार्ड नहीं है। सबसे मुख्य बात यह है कि शहर की सड़कों की गड्ढों का मैजरमेंट और स्टीमेट के बिना सामग्री क्रय की गई। इस मामले में जानकारी और फोटोग्राफ्स मांगे गए तो निकाय ने मोबाईल गिर जाने के कारण साक्ष्य ना होने की बात कही है। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार का मामला है।
तबादले हो चुके है अधिकारियों के
श्री सावंत द्वारा घोटाले के जो आरोप लगाए गए है वह कोरोना संक्रमण काल के दौरान की गई खरीदी और लाई गई सामग्री से संबंधित मामले है। उस दौरान के सीएमओ विजय शर्मा का तबादला पीथमपुर हो चुका है। वहीं स्टोर कीपर पुनित तिवारी को भी पीथमपुर स्थानांतरित किया गया है। श्री सावंत ने बताया कि उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत सीएम एवं नगरीय प्रशासन विकास विभाग मंत्री सहित मुख्य अधिकारियों को की है। नगरपालिका में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायत पहली मर्तबा पीएमओ कार्यालय और गृहमंत्री अमित शाह को भी भेजी जाएगी।
इनका कहना है
यह मेरे कार्यकाल के पूर्व का मामला है। यदि वह विधिवत आवेदन करेंगे तो हम इसमें जो भी योग्य कार्रवाई होगी वह करेंगे।
निशिकांत शुक्ला, सीएमओ नपा धार
चित्र है


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