झाबुआ~कॉलेजों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू,सर्वर डाउन होने से च्वाइस फिलिंग नहीं कर पा रहे विद्यार्थी~~

विद्यार्थियों को पसंद का कॉलेज और कोर्स न मिलने पर भी सेकंड राउंड का इंतजार नहीं करना होगा~~


झाबुआसंजय जैन~~

कॉलेजों में यूजी, पीजी की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए,लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण विद्यार्थी च्वाइस फिलिंग नहीं कर पा रहे हैं। मंगलवार यूजी और बुधवार से पीजी की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई। कोरोना के कारण पिछले दो सालों से प्रवेश प्रक्रिया देरी से शुरू हो रही थी। इस बार समय पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके चलते पढ़ाई भी समय पर होगी।





 
15 कॉलेज का विकल्प चुनने का मौका .....
विद्यार्थियों को इस बार 9 की बजाए 15 कॉलेज का विकल्प चुनने का मौका दिया गया है। नई व्यवस्था में मनपसंद कॉलेज पाने के लिए विद्यार्थी को अपग्रेडेशन का विकल्प प्रवेश शुल्क जमा करते ही मिल जाएगा। जिले के कॉलेजों में इसके लिए प्रवेश समितियां बना दी गई हैं। जून के अंतिम सप्ताह तक यह प्रक्रिया चलेगी। पिछले बार कालेजों की संख्या कम होने से छात्र परेशान हुए थे,इसलिए इस बार संख्या बढ़ी है। 





ऑटोमैटिक च्वाइस का कॉलेज व कोर्स अलॉट हो जाएगा.......





जिले में कुल शासकीय व अशासकीय 9 कॉलेज हैं,जबकि व्यवस्था 15 कॉलेजों तक हो गई है। यानी सभी कॉलेजों में सीट मिलने की पूरी संभावना होगी। इससे छात्र परेशान नहीं होंगे। ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया में विद्यार्थियों को पसंद का कॉलेज और कोर्स न मिलने पर भी सेकंड राउंड का इंतजार नहीं करना होगा। पहली काउंसलिंग में जो कॉलेज अलॉट हुआ है,उसमें एडमिशन के लिए एक हजार रुपए फीस जमा करते समय अपग्रेडेशन का विकल्प मिलेगा। पहली काउंसलिंग की फीस जमा करने की अंतिम तारीख खत्म होगी,सीट खाली रहने पर छात्र को ऑटोमैटिक च्वाइस का कॉलेज व कोर्स अलॉट हो जाएगा।





 
प्रवेश प्रक्रिया में यह रहेंगी मुख्य बातें....
छात्र को रजिस्ट्रेशन व चॉइस फिलिंग में 9 कॉलेजों और कोर्स को प्राथमिकता क्रम के अनुसार भरना है। पहली सूची में इन्हीं 15 में से मेरिट के आधार पर एक कॉलेज अलॉट होगा। प्रवेश शुल्क 1 हजार रुपए जमा करने होंगे,इसके बाद 3 किश्तों में कॉलेज में फीस जमा करना होगी। आवेदक विद्यार्थी द्वारा ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में सभी दस्तावेज स्कैन करके अटैच करना होंगे। इस दस्तावेजों का सत्यापन शासकीय कॉलेजों में बनाए गए हेल्प सेंटरों पर किया जाएगा। जिन आवेदकों के स्कैन दस्तावेज अस्पष्ट होंगे,उन्हें संबंधित कॉलेज द्वारा फोन कॉल या एसएमएस के जरिए सूचित किया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थी मूल दस्तावेजों के आधार पर दस्तावेज सत्यापन कराने के लिए हेल्प सेंटर पर उपस्थित होगा। प्रवेश निरस्तीकरण के लिए आवेदक को ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करना होगा,संबंधित कॉलेज 100 रुपए प्रवेश प्रक्रिया शुल्क काटकर शेष राशि 10 कार्य दिवस में आवेदक के खाते में भेजेगा। कोविड में माता-पिता खोने वाले छात्रों को शासकीय व अशासकीय अनुदान प्राप्त कॉलेजों में नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा।






ऑनलाइन प्रवेश शुरू..................
यूजी, पीजी दोनों में ऑनलाइन प्रवेश शुरू हो गए हैं। इस बार विद्यार्थी 15 कॉलेजों की च्वाइस फिलिंग दे सकते हैं। अॅान लाइन प्रवेश में किसी तरह की समस्या की अब तक हमें कोई शिकायत नहीं मिली है।
                 .................जेसी सिन्हा-प्राचार्य पीजी कॉलेज,झाबुआ




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