धार ~सार्वजनिक मंदिर में पूजन-अनुष्ठान में एसटी-एससी वर्ग से भेदभाव करने पर सवर्ण समाज के 10 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज ~~

तिरला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोहारीखुर्द का मामला,~~

सार्वजनिक मंदिर के  जीर्णोद्धार के लिए गांव के संपूर्ण समुदाय से चंदा लिया,~~

पूजा में नहीं होने दिया शामिल समुदाय विवाद ना हो इसके लिए तिरला पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में बैठाकर पूजा को लेकर कराया था लिखित करार, दूसरे पक्ष ने करार तोड़ा ~~

धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )।

तिरला पुलिस ने आदिवासी समुदाय के आवेदन पर जांच के पश्चात  जाति भेदभाव करने के मामले में ग्राम लोहारीखुर्द के राजपूत समाज के 10 लोगों के खिलाफ धारा 295 ए एवं 3 (1)(4) एसटी-एससी एक्ट में प्रकरण पंजीबद्ध किया है। फिलहाल अभी गिरफ्तारियां नहीं हुई है। पूरा मामला गांव के सार्वजनिक राधाकृष्ण मंदिर के जीर्णोद्धार के पश्चात यज्ञ एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को शामिल नहीं होने देने का है। गांव में मंदिर जीर्णोद्धार के पश्चात 28 मई से 1 जून तक विष्णु महायज्ञ, देवता स्थापना, गंगा पूजन, पूर्णाहुति सहित अन्य कार्यक्रम हो रहे थे।
थाने में करार करने के बाद तोड़ा
ग्राम लोहारीखुर्द के मंदिर में हवन प्रारंभ होने के एक दिन पूर्व से ही तना-तनी चल रही थी। दरअसल मंदिर में 11 जोड़े हवन में बैठने वाले थे। इसमें आदिवासी समुदाय के जोड़े भी बैठना चाहते थे। अनुष्ठान कार्यक्रमों से जुड़े  पक्ष के लोगों ने जोड़े पूरे होने की बात कहकर दूसरे पक्ष को बैठाने से इंकार कर दिया। इसको लेकर समुदाय के लोगों ने एसडीएम को शिकायत की थी। एसडीएम के यहां से शिकायत पुलिस विभाग को भेजी गई। जिसके बाद अनुष्ठान पक्ष से जुड़े लोगों को बुलाया गया था। यहां पर दोनों पक्षों के मध्य लिखित करार हुआ था। जिसमें 1 जून को मंदिर में धर्म ध्वजा चढ़ाने, कलश स्थापना सहित अन्य कार्यक्रम में गांव के आदिवासी समुदाय सहित अन्य समुदाय के लोगों के माध्यम से किए जाने का लिखित करार तिरला थाने पर किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। करार के विपरित अनुष्ठान समिति के लोगों ने 31 मई की मध्य रात को ही कलश पूजन, ध्वज चढ़ाने सहित अन्य कार्य पूर्ण कर दिए। जिसके कारण दूसरे दिन पूजा के लिए पहुंचे लोगों में नाराजगी देखी गई। इस मामले में फरियादी श्यामलाल कटारे के आवेदन पर पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
आरोप चंदा लिया यज्ञ में नहीं बैठने दिया
अनुष्ठान पक्ष से जुड़े चरणसिंह पिता रामरतन, मानसिंह राठौर, सोहन पिता मनोहर, मनोहर पिता धूलजी, अर्जुनसिंह रघुवंशी, कुलदीप मांगू, फतेसिंह तुलसीराम, भारतसिंह, राम पटेल, तोफानसिंह के विरुद्ध कायमी की है। गांव के दूसरे पक्ष का आरोप है कि मंदिर जीर्णोद्धार कार्य के लिए पूरे गांव से चंदा लिया गया। यहां पर किसानों से प्रति बीघा 1 हजार के मान से लिया गया। जिसके पास जितने बीघा जमीन है उससे उतना पैसा चंदा लिया। चंदे में सर्व समाज की सहभागिता के बाद पूजन में एकाधिकार के साथ संपूर्ण अनुष्ठान कार्यक्रमों को पूर्ण करने एवं विरोध के बाद भी ध्यान नहीं देने के कारण विवाद ने तुल पकड़ा है।


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