झाबुआ~मार्च से अब तक 5 लाख क्विंटल बिक्री हुई,पर 1 माह में 300 रु.प्रति क्विंटल गिरे गेहूं के भाव~~

बावजूद बंपर पैदावार के भी,किसानों ने समर्थन पर सरकार को गेहूं नहीं के बराबर बेचा~~



झाबुआसंजय जैन~~

कृषि उपज मंडी में इस साल भाव अच्छे मिलने के कारण गेहूं की भरपूर आवक रही। मार्च से अब तक मंडी में 5 लाख क्विंटल गेहूं की बिक्री हो चुकी है। अप्रैल में गेहूं 2800 रुपए क्विंटल तक बिक गया था। इस बीच सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात पर अचानक रोक लगाने से भाव में 300 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आई है। इससे लोगों को तो राहत है,हालांकि किसानों को कम भाव मिलने से उन्होंने मंडी का रुख कम कर दिया है जिससे मंडी में आवक कम हो गई है।






बावजूद बंपर पैदावार के भी,किसानों ने समर्थन पर सरकार को गेहूं नहीं के बराबर बेचा........
इस साल बंपर पैदावार के बावजूद भी किसानों ने समर्थन पर सरकार को गेहूं नहीं के बराबर बेचा। इसके पीछे रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध होने के कारण विदेशों में भारतीय गेहूं की मांग बढ़ना भी रहा। व्यापारियों द्वारा गेहूं के निर्यात के चलते मंडी में न्यूनतम भाव ही 2000 से 2100 रुपए प्रति क्विंटल रहे। जबकि सरकारी भाव 2015 रुपए प्रति क्विंटल थे और तमाम प्रकार की शर्तों के साथ भुगतान में देरी के कारण किसानों का रुख मंडी की तरफ रहा। यही कारण रहा कि मार्च से अब तक मंडी में 5 लाख क्विंटल गेहूं किसान बेच चुके है। जबकि समर्थन मूल्य पर खरीदी कम होने के कारण सरकार का गेहूं भंडार खाली होने और गेहूं की कीमतों को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 15 दिन पहले अचानक गेहूं निर्यात पर रोक लगा दी। इसके बाद से ही गेहूं के भाव में गिरावट जारी है।




आधे से भी कम रह गई मंडी में गेहूं की आवक.....
निर्यात पर रोक लगने के बाद से मंडी परिसर में गेहूं की आवक भी कम हो गई है। जहां पहले प्रतिदिन औसतन 8 से 10 हजार बोरी गेहूं की आवक हो रही थी वहीं अब घटकर 3 से 5 हजार बोरी के बीच ही रह गई है। जिले में सभी वैरायटियों के गेहूं के भाव में आई कमी गेहूं के निर्यात पर रोक लगने के कारण सभी वैरायटियों के गेहूं के भाव गिरे है। व्यापारियों ने बताया कि कुछ व्यापारी सीधे निर्यात न करते हुए गुजरात व अन्य राज्यों के व्यापारियों को बेचते थे। सीधे निर्यात करने के लिए व्यापारी तैयार हुए थे लेकिन केंद्र सरकार ने रोक लगा दी। जिससे व्यापारी सीधे निर्यात नहीं कर पाएं और ज्यादा आवक के चलते भाव 200 से 300 रुपए प्रति क्विंटल कम हो गए।






कृषि उपज मंडी में गेहूं की खरीदी.........
 माह               खरीदी
मार्च              22103.9
अप्रैल            19048.9
मई                 8742
कुल              49894.8
(नोट-मात्रा क्विंटल में मंडी प्रशासन के अनुसार मंडी में नीलाम हुआ।)






भाव में ऐसे आई गिरावट......
गेहूं                            पहले भाव     अब भाव
लोकवान बेस्ट                2750          2450
लोकवान                      2450          2250
मालवराज                     2550          2225    
मिल क्वालिटी                 2150          2050
(नोट-भाव व्यापारियों के अनुसार प्रति क्विंटल। पहले के भाव निर्यात बंद होने के पहले के है।)






भाव में लगातार गिरावट से किसानों को नुकसान ......





निर्यात पर रोक लगने के बाद से भाव में गिरावट के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है। हालांकि न्यूनतम भाव 2020 रुपए प्रति क्विंटल से कम नहीं हुए है। लेकिन औसतन भाव 2450 रुपए से घटकर 2150 रुपए प्रति क्विंटल और अधिकतम भाव 2700 रुपए से घटकर 2350 रुपए प्रति क्विंटल तक आ गए है।
..................................नब्बुसिंह मेडा-प्रभारी सचिव,कृषि उपज मंडी-झाबुआ





 




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