धार~नाम मात्र के मरीज आते हैं स्टॉफ आपका बहुत है, इन्हें जरूरतमंद इलाकों में भेजे~~

कलेक्टर का शहर में भ्रमण, संजीवनी क्लीनिक के लिए प्रस्तावित भवन देखे~~

गंजीखाना में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के निरीक्षण पर मौजूद चिकित्सक से कहा यहां केन्द्र है इसका प्रचार करें
पशु चिकित्सालय में सोनोग्राफी, एक्सरे, ओटी में धूल-गंदगी देखकर कहा हालात देखकर इनका उपयोग ही नहीं होता है, पूरे स्टॉफ को कार्यालय किया तलब ~~

पीएचई कार्यालय स्थित मतरकुंड सम्पवेल में सफाई कार्य का किया निरीक्षण, पुराने पंप हाऊस को कबाड़ देखकर तंज कसा म्यूजियम बना दो इसका ~~

धार ( डाँ.अशोक शास्त्री )।

शहर में लोगों को पता ही नहीं कि यहां पर भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है। इसका प्रचार करों। आपके यहां आने वाले मरीजों की संख्या बेहद कम है। स्टॉफ भी मरीजों की आमद के तुलनात्मक ज्यादा है। जब मरीज कम आ रहे हैं तो स्टॉफ को ऐसी जगह भेजे जहां पर चिकित्सक और अन्य स्टॉफ की कमी है। यह बात धार कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने गंजीखाना प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण करने के दौरान कही। दरअसल कलेक्टर ने जब स्वास्थ्य केन्द्र में दिनभर में आए मरीजों की संख्या पूछी तो दहाई की आंकड़ा भी नहीं हुआ। इसके बाद कलेक्टर ने बोर्ड पर मेडिकल स्टॉफ की जानकारी देखकर अत्यधिक स्टॉफ होने की बात कही। दरअसल वहां पर दो लैब टेक्निशियन थे। दो की जरूरत ही यहां पर नहीं है।
संजीवनी के  प्रस्तावित भवन देखे
बुधवार को कलेक्टर ने शहर का भ्रमण किया। उनके साथ नगरपालिका सीएमओ निशिकांत शुक्ला भी मौजूद थे। वेटलैंड प्रोजेक्ट को लेकर होने वाले कार्यों की लोकेशन एवं अन्य जानकारियों को समझने के लिए निकले थे। उन्होंने इस दौरान शहर के लिए प्रस्तावित दो संजीवनी क्लीनिकों को खोलने के लिए प्रस्तावित भवन को देखा। इसके तहत नौगांव क्षेत्र में पुराने आईटीआई भवन में क्लीनिक संचालित करने के लिए निरीक्षण किया। भवन में रिपेयरिंग एवं रंगरोगन के साथ इसके उपयोग के लिए निर्देशित किया। भवन में आंगनवाड़ी संचालित करने के लिए भी कहा है। इसी के साथ इंदौर नाके स्थित नगरपालिका के सामुदायिक भवन में  क्लीनिक संचालित करने के संभावनाएं देखी गई।
मतरकुंड सम्पलेव का सफाई कार्य देखा
पीएचई स्थित मतरकुंड सम्पवेल पर कलेक्टर सफाई कार्य कोदेखने पहुंचे थे। यहां कुंड पहली मर्तबा पूर्ण रूप से सुख गया है। इसका लाभ लेते हुए नगरपालिका ने सतह पर जमीन गाद की सफाई का अभियान चला रखा है। उन्होंने काम को देखकर कोई टिप्पणी नहीं की। इससे स्पष्ट है कि काम उन्हें संतुष्टिपूर्ण लगा। सम्पवेल के नजदीक पुराने पंप हाऊस की दोनों बिल्डिंग देखी। पंप हाऊस का एक हिस्सा वर्तमान में क्रियाशील है। उन्होंने उसके संदर्भ में जानकारी ली। नजदीक के पंप हाऊस को देखा। यहां पर पुरानी पेयजल सप्लाय का पूरी मशीनरी बंद और जंग खा रही थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसको म्यूजियम बना दो। इस पर सीएमओ ने कहा कि सर लोगों को भी पता चलना चाहिए कि पहले किए तरह पानी सप्लाय होता था। कलेक्टर ने पंप हाऊस के बाहर लगे शिलालेख को पढ़कर कहा 1937 में बना था। इस दौरान पीएचई अधिकारी केपी वर्मा भी पहुंच गए। कलेक्टर ने उनसे परिसर में सूखे बांसों को कटवाने के लिए निर्देशित किया। निर्वाचन कार्य की बैठक का समय होने के कारण कलेक्टर वेटलैंड स्थल को देखने के लिए नहीं जा पाए।
बॉक्स-1
पशु चिकित्सालय का स्टॉफ तलब
प्राथमिक स्वास्थ्स केन्द्र के निरीक्षण के पश्चात कलेक्टर अचानक पौ चौपाटी क्षेत्र स्थित जिला पशु चिकित्सालय में पहुंच गए। चिकित्सालय 4 बजे बंद हो जाता है। गेट पर ताले लगे थे। कलेक्टर के पहुंचने पर परिसर के क्वार्टर में रहने वाले चिकित्सक राजाराम अहिरवार ने गेट खोले। इसके बाद कलेक्टर ने अस्पताल का निरीक्षण किया। सोनोग्राफी कक्ष को खुलवाया गया। यहां पर सोनोग्राफी बैंच पर धूल-गंदगी देखकर उन्होंने पूछा कि सोनोग्राफी आखरी बार कब की गई थी। चिकित्सक ने कहा कि होती रहती है। उन्होंने कहा कि धूल देखकर तो नहीं लगता इनका उपयोग होता होगा। इसके बाद लेबेरेट्ररी कक्ष का ताला खुलवाया। यहां भी मशीनें पन्नी में ढंकी हुई थी और पन्नियों पर धूल जमी थी। एक्स-रे कक्ष की चॉबी नहीं मिली। कलेक्टर ने अपने मोबाईल से दरवाजे की जॉली से एक्स-रे कक्ष का फोटो खींचा। इसके बाद चॉबी आई तो उन्होंने कहा कि इसका भी आप लोग उपयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिदिन आने वाले पशु मरीजों की संख्या पूछी। एक कक्ष में कबाड़ भरा देखा। दवाइयां गंदगी में पड़ी हुई थी। इसके बाद उन्होंने मौजूद डॉक्टर से कहा कि जितना भी स्टॉफ है कल उन्हें लेकर कलेक्टर आॅफिस आईये। कलेक्टर ने कहा कि सरकार कितनी सुविधाएं देती है, लेकिन आप उपयोग नहीं करते।


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