झाबुआ~बोवनी शुरू* गांव-गांव में खुली दुकानें,बाजार में बिक रहा नकली खाद,दवा व बीज-मॉनिटरिंग करना लगभग असंभव~~

कृषि विभाग ने लिए 120 बीज तो 60 खाद के सैंपल,लेकिन एक भी सैंपल नहीं लिए दवाई के-रिपोर्ट 20 दिन बाद आएगी तब तक बीज अंकुरित होकर पौधा बन चुका होगा~`


झाबुआ। संजय जैन~~

मानसून के साथ ही किसानों ने बोवनी में आवश्यक बीज,खाद तथा दवाइयां बाजार से खरीदी ली है। जिले के अधिकांश हिस्सों में बोवनी का कार्य शुरू हो चुका है। इससे पहले ही बाजारों में नकली बीज,खाद तथा दवाइयां बिकने पहुंच गई। बाजारों में अमानक स्तर का बीज बेचा जा रहा है। जिसकी मॉनिटरिंग करना लगभग असंभव है।





 
20 दिन बाद तो बीज अंकुरित होकर पौधा बन चुका होगा....................
कृषि विभाग ने एहतियातन खाद व बीज के सैंपल लिए हैं,लेकिन एक भी सैंपल दवाई के  नहीं लिए है जो चिंता का विषय बना हुआ है। सैंपल पास हैं या फेल इसके लिए अभी इंतजार करना होगा,क्योंकि रिपोर्ट आने में 20 दिन लगेंगे। इतने में तो बीज अंकुरित होकर पौधा बन चुका होगा। बारिश से पहले बाजारों में नकली खाद,बीज व बिकने लिये पहुंच जाती है।अक्सर देखने में आता है कि गलत बीज व दवा लेने से किसान की फसल चौपट हो जाती है। ऐसे में नकली खाद-बीज बेचने वालों पर अंकुश लगा पाना मुश्किल है।




अधिकांश दवाई व उर्वरक विक्रेता दसवीं पास भी नहीं .....................
केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार दवा व उर्वरक बेचने वाले को केमिस्ट से ग्रेजुएट या डिप्लोमा पास करना जरूरी है। इसके उलट जिले में अधिकांश दवाई व उर्वरक विक्रेता दसवीं पास भी नहीं है। जिला स्तर से विभाग दुकानदारों को लोकसेवा के माध्यम से लाइसेंस जारी करता है,लेकिन हालात यह है कि गांव-गांव में खाद व बीज की दुकान लगा दी गई है। कृषि विभाग की मानें तो उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 120 बीज तो 60 खाद के सैंपल लिये है,लेकिन एक भी सैंपल दवाई के नहीं लिए है।





 
घर पहुंच सेवा दे रहे..........................
नकली खाद-बीज व दवाइयों के कारोबार इतना बढ़ गया है कि दुकानदार किसानों के घर तक इसे उपलब्ध करा रहे हैं। साथ यह सामग्री उधार भी दी जा रही है। कई किसान दुकानदारों के बहकावे में आकर नकली खाद-बीज खरीद रहे हैं। जिससे पैदावार पर असर पड़ता है।  जबकि किसानों को खरपतवार नाशक दवाई खरीदते समय सावधानी रखने की जरूरत है,खरपतवार दवाई उचित सलाह से नहीं लेने पर फसल चौपट होने का खतरा रहता है।





 
सैंपल जांच के लिये उज्जैन,भोपाल,जबलपुर लैब भेजे है................
किसानों ने बीज खरीकर बोवनी शुरू कर दी है,उधर विभाग ने सैंपल लेकर जांच के लिये उज्जैन,भोपाल,जबलपुर लैब भेजे है। वहां से रिपोर्ट आने में करीब 21 दिन लगेंगे। तब तक किसानों की बोवनी कार्य संपन्न हो जाएगा,क्योंकि बीज अंकुरण के बाद किसान उर्वरक डालने में लगेगा। यह कार्य भी  हो जाएगा,तब तक भी रिपोर्ट नहीं आ पाएगी।






सैंपलिंग जांच के लिये भेज दी है......................
नकली बीज व खाद की रोकथाम के लिए ब्लॉक स्तर से बीज व खाद की सैंपलिंग कर रहे है। नयी नीति और सॉफ्टवेयर के अपडेशन के चलते दवाई के एक भी सैंपल नहीं लिए है। साथ ही किसानों को प्रमाणित बीज लेने की सलाह दी गई है। सैंपलिंग जांच के लिये भेज दी है। जिसकी रिपोर्ट 20 दिन बाद मिलेगी।





............................नगीन रावत-जिला कृषि अधिकारी,झाबुआ




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