धार~खतरे के निशान से नर्मदा 1.27 मीटर नीचे, लोगों से अलर्ट रहने की प्रशासन ने की अपील ~~

औंकारेश्वर-इंदिरा सागर बांध से लगातार छोड़ा जा रहा है नर्मदा में पानी, जिले में रिमझिम माडनसून का दौर भी जारी ~~

निसरपुर ( डाॅ. अशोक शास्त्री )।

नर्मदा नदी पर ऊपरी छोर पर बने बांधों के जलाशयों का लेवल मेंटेन करने के लिए बांधोंसे अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है।  इंदिरा सागर जलाशय से आठ विद्युत टरबाइन चलाकर 1840 क्यूमेक्स व 12 गेटो को 2.5 मीटर तक खोलकर 6540 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा हैं। जिससे निचले क्षेत्र पर बने ओंकारेश्वर  जलाशय का वाटर लेवल नियंत्रण करने के लिए 8 विद्युत टरबाईनों से 1896 क्यूमेक्स व 18 गेटों को खोलकर 6549 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा हैं। इस कारण नर्मदा नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है। एसडीएम  नवजीवन विजय पंवार (आईएएस) ने  सोशल मीडिया के माध्यम से सभी लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
126 मीटर पर पहुंची नर्मदा
वतर्मान में नर्मदा नदी में जलस्तर 126 मीटर तक पहुंच गया है वह कुछ ही समय में और बढ़ेगा, जो खतरे के निशान से केवल 1.27 कम है।  सोमवार को ऊपरी बांधों से अतिरिक्त पानी छोड़ने से  नर्मदा नदी में तेजी से पानी बढ़ने के साथ साथ सरदार सरोवर बांध का बैक वॉटर भी तेजी बढ़ रहा। कुछ मीटर पानी बढ़ने से उरी बघनी नदी का पुराना पुल जल मग्न हो जाएगा। वही नर्मदा का वाटर लेवल राजघाट में एक दिन पूर्व रविवार को दोपहर तक 123.90   मीटर था वहीं सोमवार  को दोपहर तक 126.00 मीटर तक पहुंच गया था। जिसमे  24 घंटो में 2.10 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। संभावना है कि सोमवार रात तक राजघाट पुराना पुल तक पुल पर पानी आ सकता है। हालांकि प्रशासन द्वारा डूब गांव राजघाट के पुराने पुल व निसरपुर उरी बाघनी नदी पुराने पुल पर दो दिन पूर्व ही पैदल एवं दो पहिया की आवा-जाही पुल के छोर पर नालिया खोदकर बंद कर दी है।


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