*धार~ नगर में पहली बार श्री सांवरिया सेठ 18 महापुराण द्वारा आयोजित एवं इस्कॉन के मार्ग दर्शन में भगवान श्री जगन्नाथ की विशाल रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया*~~

धार ( डॉ. अशोक शास्त्री )।

धार नगर में पहली बार भगवान जगन्नाथ जी की विशाल रथयात्रा इस्कॉन मंदिर इंदौर के तत्वाधान में धार के श्री सांवरिया सेठ मंदिर समिति एवं 18 महापुराण आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा भगवान जगन्नाथ जी की विशाल रथयात्रा निकाली गई ।
श्री जगन्नाथ जी का रथ इस्कॉन मंदिर इंदौर से लाया गया था ।
मोतीबाग चौक धार में भक्तों द्वारा भगवान के रथ की भव्य अगवानी की गई इस रथ में विराजित भगवान श्री जगन्नाथ जी की महाआरती कर दर्शन पूजन हेतु जनप्रतिनिधियों के साथ ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं भक्तजन आमजन भी शामिल हुए ।
रथयात्रा  4:00 बजे  मोतीबाग चौक से प्रारंभ होकर नगर के राजवाड़ा चौक आनंद चौपाटी धानमंडी कश्यप भवन मोहन टॉकीज घोड़ा चौपाटी होते हुए त्रिमूर्ति नगर स्थित सांवरिया सेठ मंदिर पहुंची इस दौरान नगर के अनेक स्थानों  में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया यात्रा में हजारों की संख्या में  भक्तगण जिसमें महिला पुरुष एवं बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ शामिल थे जो अपनी परंपरागत वेशभूषा पहने हुए श्री जगन्नाथ जी के रथ  को अपने हाथों से खींचते हुए चल रहे थे यात्रा में शामिल भक्तों के द्वारा रथ के आगे झाड़ू बुहारकर मार्ग को साफ एवं स्वच्छ भी किया जा रहा था  यात्रा में उमड़े श्रद्धालु ने अपनी परंपरागत वेशभूषा  महिलाओं ने पीले वस्त्र पहने  थे जबकि पुरुषों ने सफेद धोती कुर्ता पजामा पहने हुए चल रहे थे। इस यात्रा का अनेक जगह  श्रृद्धालुओं ने भव्य स्वागत पुष्प वर्षा कर भगवान श्री जगन्नाथ जी के दर्शन लाभ लिया रथयात्रा का राजवाड़ा चौक बोहरा बाखल चौराहा आनंद चौपाटी धानमंडी चौराहा कश्यप भवन मोहन टॉकीज एवं त्रिमूर्ति नगर चौराहा में भव्य स्वागत किया गया।
*यात्रा का उद्देश्य*
हिंदू धर्म के मुताबिक जगन्नाथ रथ यात्रा के पीछे यह मान्यता है कि भगवान अपने गर्भ ग्रह से निकलकर प्रजा का हाल जानने निकलते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त इस रथयात्रा में शामिल होता है उन्हें 100 यज्ञ करने का फल प्राप्त होता है। ऐसी भी मान्यता है कि इस यात्रा में शामिल होने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।  इस रथ यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को शिवलोक की प्राप्ति भी होती है।
जगन्नाथ  रथयात्रा एक ऐसा पर्व है जिसमें भगवान जगन्नाथ चलकर खुद अपने भक्‍तों के बीच आते हैं और उनके दु:ख-सु:ख में सहभागी होते हैं। इसका महत्‍व शास्त्रों और पुराणों में भी बताया गया है। स्‍कंद पुराण में स्पष्ट कहा गया है कि जो भी व्‍यक्ति रथयात्रा में शामिल होकर गुंडीचा नगर तक जाता है। वह जीवन-मरण के चक्र से मुक्‍त हो जाता है। वहीं जो भक्‍त श्रीजगन्नाथजी का दर्शन करते हुए, प्रणाम करते हुए मार्ग के धूल-कीचड़ से होते हुए जाते हैं वे सीधे भगवान श्री विष्णु के उत्तम धाम को जाते हैं।
धार विधायक श्रीमती नीना विक्रम वर्मा , भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव यादव ने अखंड ज्योति मंदिर पहुंचकर श्री जगन्नाथ जी की महाआरती में शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ की आरती करके दर्शन लाभ लिया 
श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा श्री सांवरिया सेठ 18 महापुराण द्वारा आयोजित की गई थी। जों इस्कॉन के मार्गदर्शन में निकाली गई।
इस यात्रा में स्वयं प्रकाश सोनी , अशोक मनोहर जोशी, डाॅ. अशोक शास्त्री, ओमप्रकाश सौलंकी, अनिल बोरदीया, राजेश शुक्ला, धर्मेन्द्र जोशी, सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित थे।


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