धार~ जिले में बस हादसा.....
पुल की 2 फीट की रैलिंग को तोड़ते 100 फीट नीचे नर्मदा नदी में गिरी बस, 12 लोगों के शव मिले  ~~

धार-खरगोन जिले के मध्य नर्मदा नदी पर बने संजय सेतू पर दुर्घटना, बस नीचे गिरने के कारण अभी स्पष्ट नहीं
इंदौर से 12 लोगों के बस में सवार होने की जानकारी आई सामने, महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग की बस महाराष्ट्र के अमलनेर जा रही थी ~~

सुबह से जारी बारिश के मध्य एनडीआरफ धार-इंदौर की टीम और स्थानीय टीम ने शवों को खोजा, क्रेन के सहारे बस का ढांचा नदी से निकाला, बस में कोई शव नहीं मिला
ड्रायवर-कंडेक्टर सहित 6 लोगों की पहचान, 5 की पहचान की कोशिशें जारी ~~

सूचना के बाद इंदौर कमिश्नर सहित पुलिस महानिरीक्षक और दोनों जिलों के कलेक्टर-एसपी पहुंचे मौके पर
महाराष्ट्र सरकार और मप्र सरकार ने आर्थिक सहायता की घोषण की है ~~

सीएम के निर्देश पर खरगोन के प्रभारी मंत्री कमल पटेल पहुंचे खलघाट, घंटों की मशक्कत के बाद ढूंढे गए शव
नर्मदा में बस जहां गिरी वहां नीचे सीमेंटेड प्लेटफार्म से टकराकर पानी में खड़ी गिरी, क्रेन से निकालने के दौरान महज टूटा-फूटा ढांचा लगा हाथ ~~

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, महाराष्ट्र के सीएम श्री शिंदे ने ट्वीट के माध्यम से हादसे को लेकर शोक संवेदना प्रकट की ~~

ेशाम को पहुंचे खरगोन जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल, घटना स्थल पर अधिकारियों से ली मामले की जानकारी ~~

धार ( डॉ. अशोक शास्त्री )।

सोमवार को धार जिले के खलघाट में एक यात्री सेतू से रैलिंग को तोड़ती हुई नर्मदा नदी में गिर गई। सुबह करीब साढ़े 9 से पौने 10 बजे के दरम्यिान में यह दुर्घटना घटित हुई है। बस के नदी में गिरने की सूचना के बाद सबसे पहले मौके पर 100 डॉयल वाहन पहुंचा। इसके बाद इसकी सूचना थाने एवं प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। करीब आधे घंटे के भीतर यहां पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का दल मौके पर पहुंच गया। इसके बाद नीचे की और जाकर बचाव एवं राहत कार्य को लेकर काम शुरु किया गया। स्थानीय गोताखोर एवं अन्य लोगों की मदद से बस में सवार यात्रियों को ढूंढने की कवायद शुरु हुई। इस दौरान एनडीआरएफ की टीम धार और खरगोन से मौके पर पहुंच गई। इसके बाद तेजी से बचाव कार्य शुरु किए गए। हालांकि इस हादसे में एक भी जीवित यात्री शाम 7 बजे तक हाथ नहीं लगा है। यह जरूर है कि नदी से करीब 12 लोगों के शव निकाले गए हैं।
100 फीट नीचे गिरने से बस हुई चकनाचूर
नदी में गिरने से हादसे का शिकार हुई बस क्रमांक एमएच-40-एन-9848 महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग का वाहन था। यह इंदौर से 12 यात्रियों को लेकर महाराष्ट्र के अमलनेर जलगांव के लिए निकला था। खलघाट के नजदीक टोल नाके से वाहन करीब 9.20 के लगभग निकला था। टोल नाके के सीसी टीवी फुटेज के माध्यम से वाहन में सवार लोगों की संख्या का अनुमान लगाने की कोशिशें की जा रही है। हालांकि इसमें खासी सफलता नहीं मिली है। बस जहां पर हादसे का शिकार हुई। वह पुल संजय सेतू के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा नए पुल का निर्माण भी आवागमन के लिए किया गया है, लेकिन अभी भी अधिकांश लोग इसी पुल का उपयोग अधिक करते है। सोमवार को वाहन वहां से रैलिंग तोड़ते हुए करीब 100 फीट नीचे नर्मदा नदी में सीधे जा गिरा। जिसके कारण उसका पिछला हिस्सा और पहिये ऊपर की और से दिखाई दे रहे थे। जिसके बाद यह धीरे-धीरे आड़ा हो गया।
बेहतर बचाव प्रयास, टीमों ने खोजे करीब 12 शव
वाहन दुर्घटना की जानकारी के बाद धार कलेक्टर डॉ पंकज जैन, खरगोन कलेक्टर श्रीकुमार पुरुषोत्तम  सहित धार एसपी आदित्य प्रतापसिंह, खरगोन एसपी धर्मवीरसिंह एवं प्रशासन के दूसरे अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके साथ इंदौर कमिश्नर डॉ पवन शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक राकेश गुुप्ता भी मौके पर पहुंचे।  घटना स्थल पर एम्बुलैंस की व्यवस्थाएं की गई। एनडीआरएफ की अलग-अलग टीमों ने बस में सवार लोगों को तलाशना शुरु किया। इसके पश्चात एक-एक करके टीमों ने करीब 12 लोगों को पानी में से खोज निकाला। इनकी जांच के पश्चात सभी मृत पाए गए। इधर सोशल मीडिया पर घटना की सूचना के बाद कुछ मृतकों के स्थानीय संपर्क वाले भी अस्पताल पहुंच गए।
क्रेन से बस निकाली, ढांचा हो गया वाहन
नर्मदा नदी में बस गिरने के बाद नीचे नदी तक पहुंचने के लिए साईड से बने कच्चे मार्ग से अधिकारी नदी के तटीय क्षेत्र तक पहुंचे। इसके बाद गोताखोरों एवं एनडीआरएफ टीम के लोगों की मदद से पुल पर खड़ी क्रेन से बस को बांधा गया। बस को जब पानी से निकाला गया तो वाहन के नाम पर ढांचा रह गया था। बस के अंदर एक भी व्यक्ति नहीं मिला है। संभावना है कि ऊंचाई से नीचे गिरने के दौरान बस पहले सीमेंटेड प्लेटफार्म से टकराई होगी। जिसके कारण उसका आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। जिसके बाद वह बैस से बहते पानी के बहाव में चली गई।
संख्या को लेकर सिर्फ अनुमान
महाराष्ट्र  की बस में कितने यात्री सवार थे, इसको लेकर किसी के पास कोई पुख्ता आंकड़ा नहीं है। इंदौर से 12 यात्रियों के सवार होने के साथ बस ड्रायवर चंद्रकांत एकनाथ राव पाटिल और कंडक्टर प्रकाश श्रावण चौधरी सहित करीब 14-15 लोगों के मौजूद होने की पूरी   स्थिति है, लेकिन इसके अतिरिक्त रास्ते में कोई यात्री सवार हुआ है, इसका कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है। इसके कारण बस में सवार यात्रियों को लेकर सिर्फ कयास के माध्यम से एनडीआरएफ के दल लगातार नदी के तेज बहाव में लोगों को ढूंढने के लिए सबह से शाम तक मशक्कत करते रहे।
दस्तावेजों से की गई पहचान
सोमवार को धरमपुरी-खलघाट क्षेत्र में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी था। यह क्रम रूक-रूककर शाम तक चलता रहा। बरसते पानी के बीच प्रशासनिक अधिकारियों और बचाव दल ने शाम तक लोगों को खोजने का प्रयास किया। इधर नदी से निकाले गए करीब 12 शवों में 6 लोगों की पहचान उनके पास से मिले दस्तावेजों के आधार पर की गई। वहीं शेष लोगों को घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे परिजनों ने पहचान लिया है। इधर महाराष्ट्र से भी मृतकों के परिजन धामनोद के सिविल अस्पताल में पहुंच गए थे। दुर्घटना में चंद्रकांत पिता एकनाथ पाटिल उम्र 45 साल निवासी अमलनेर महाराष्टÑ (ड्रायवर),  प्रकाश पिता श्रवण चौधरी (कंडक्टर), अविनाश पिता संजय परदेशी निवासी अमलनेर, राजू पिता तुलसीराम निवासी चित्तौड़ राजस्थान, जग्गनाथ पिता हेमराज जोशी उम्र 68 वर्ष निवासी निवासी राजस्थान,  चेतन पिता रामगोपाल जांगिड़ निवासी गोविंद्रगढ़ राजस्थान, लिम्मा जी पिता आनंद खाती उम्र 60 वर्ष अमलनेर, सैफुद्दीन अब्बास अली बोहरा नुरानी नगर इंदौर,  कल्पना पति विकास गुलाबराव पाटिल उम्र 57 साल अमलनेर, विकास पिता सतीश बेहरे उम्र 33 साल निवासी धुलिया, अरबा पति मुर्तता बोहरा निवासी मुर्तुजापुर अकोला,  रुक्मनिबाई पति नारायणलाल जोशी बागोर उदयपुर की मौत हुई है।
हेल्पलाईन नंबर जारी किए
दुर्घटना को लेकर अभी कोई कारण पुख्ता तौर पर सामने नहीं आया है। चूंकि बस इंदौर से सुबह निकली थी। करीब 80-90 किलोमीटर दूर खलघाट में हादसे का शिकार हुई है। वाहन बचाने के दौरान दुर्घटना हुई या स्टेयरिंग फेल हो गया। इन दोनों के अलावा और कोई कारण है इस तरह की कोई भी बात अभी तक अधिकारी स्पष्ट रूप से कहने के लिए तैयार नहीं है। सबसे मुख्य बात यह है कि कोई प्रत्यक्षदर्शी भी अभी तक सामने नहीं आया है। इधर 13 शव मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने वाहन में सवार लोगों की जानकारी एवं मृतकों के परिजनों के सहायतार्थ हेल्पलाईन नंबर एसडीएम आईएएस नवजीवन विजय पवार 91-93293-01390, नायब तहसीलदार केश्या सोलंकी 70004-02972, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धामनोद 98265-52527 का नंबर सार्वजनिक किया है।
संख्या से दो की अभी और तलाश
ड्रायवर-कंडेक्टर सहित कुल 14 यात्रियों में अभी 13 शव मिले है। ऐसे में एक व्यक्ति का और पानी में होना तय है, लेकिन यदि मध्य में यात्री बढ़े हैं तो संख्या आगे बढ़ भी सकती है। नर्मदा में जिस तरह पानी का बहाव है ऐसे में शेष यात्रियों के लिए सिर्फ मंगलकामनाएं ही की जा सकती है।
रैलिंग बड़ी होती तो कुछ उम्मीदें थी
यूं तो दुर्घटना स्थल खलघाट का संजय सेतू पुल काफी पुराना पुल है। यह आत्महत्याओं के लिए चर्चित रहा है। यहां से कई लोगों ने छलांग लगाकर आत्महत्या की है। पहली मर्तबा इस पुल से कोई यात्री वाहन नदी में गिरा है। ेइस पुल की रैलिंग की साईज महज 2 फीट के लगभग है। रैलिंग की ऊंचाई यदि मजबूती के साथ कुछ अधिक लंबी होती तो संभवत: दुर्घटना को रोका भी जा सकता था।
मंत्री पटेल पहुंचे खलघाट
सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देश पर खरगोन जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल दुर्घटना स्थल खलघाट पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने लोगों से भी चर्चा की। वहीं धार कलेक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से घटनाक्रम सहित बचाव कार्यों को लेकर जानकारियां ली। इधर इस घटना की जानकारी के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शोक संवेदनाएं प्रकट की है। इधर दोनों राज्यों ने दुर्घटना में मृत लोगों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने की बात कही है। यात्रियों में अधिकांश यात्री महाराष्ट्र और राजस्थान राज्य से है। वहीं 1 मप्र के इंदौर से है।
चित्र है 18धार2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 व 11 -


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