धार~ जय जगन्नाथ की गूंज 2 किमी तक श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान का रथ ~~

पहली मर्तबा धार में निकली रथयात्रा, हरे-रामा, हरे-कृष्णा के उद्घोष से लोगों ने किया एक-दूसरे का अभिवादन ~~

महिलाओं ने बुहारा यात्रा मार्ग, 2 किमी तक भक्तों ने हाथों से खींचा भगवान का रथ ~~

दर्जनों मंचों से स्वागत, इस्कॉन के सहयोग से धार पहुंचा था रथ, घरों से हुए देव-दर्शन ~~

धार ( डाॅ. अशोक शास्त्री )।

इस्कॉन धार के सहयोग से पुरामहत्व की नगरी धार में पहली मर्तबा भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा निकली। बुधवार को मोतीबाग चौक से रथयात्रा प्रारंभ हुई। जय जगन्नाथ के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने रस्सियों से रथ को खींचा। शहर में जगह-जगह यात्रा मार्ग पर मंचों के माध्यम से भगवान और श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई। यात्रा में शामिल लोगों ने हरे-रामा, हरे-कृष्णा के उद्घोष के साथ एक-दूसरे का स्वागत किया।  महिलाएं पीले परिधान में यात्रा में शामिल हुई। कृष्ण भजनों पर महिलाओं ने भावपूर्ण नृत्य भी किया। ेइस दौरान यात्रा मार्ग पुष्पों से पट गया। देव जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए शहर के लोग सड़कों पर निकले। करीब 5 घंटे का सफर तय करे यात्रा सांवरिया सेठ मंदिर त्रिमूर्ति नगर पहुंची। जहां पर यात्रा का समापन हुआ। इसके बाद महाप्रसादी वितरित की गई।
आम और खास सभी पहुंचे दर्शन को
भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा में आम और खास सभी शामिल हुए। सभी समुदाय के लोगों ने इसमें सहभागिता की। यात्रा के प्रारंभ में भगवान श्री जगन्नाथ की आरती की गई। इसमें धार विधायक नीना वर्मा सहित आयोजन समिति से जुड़े लोग और शहर के गणमान्य लोगों ने आरती लाभ लिया। इसके पश्चात जय जगन्नाथ के उद्घोष के साथ भगवान का रथ हाथों से खींचा गया। यात्रा मार्ग पर अलग-अलग समुदाय के लोगों ने स्वागत मंच लगाए थे। यात्रा की अगुवाई मातृशक्ति का प्रतीक दो कन्याएं अश्व पर सवार होकर धर्म पताका लेकर कर रही थी। इसके पश्चात बैंड दल कृष्ण भजन को गाते हुए चल रहे थे। भगवान के रथ को महिला और पुरुष भक्तगणों ने अपने हाथों से खींचा। वहीं कुछ महिलाएं झाडू थामकर यात्रा मार्ग को साफ करते हुए आगे बढ़ रही थी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पर्याप्त बल मौजूद था।
पहली मर्तबा देखी देव की झलक
धार नगरी में पहली मर्तबा लोगों ने सीधे भगवान जगन्नाथ के स्वरूप के दर्शन किए। बड़े रथ में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के प्रतीक मुखौटे सुंदर सज्जा के साथ विराजित थे। रथ पर इस्कॉन प्रभारी आचार्य श्रीकृष्ण अर्चनादास सवार थे। वहीं अन्य लोग प्रसादी वितरण करते हुए चल रहे थे। यात्रा मार्ग पर लोगों ने छज्जों और गैलरियों पर खड़े होकर देव जगन्नाथ के दर्शन किए। घरों से यात्रा पर फूल बरसाए गए। इसमें विशेष रूप से हिन्दू नेता अशोक जैन, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव यादव, स्वयंप्रकाश सोनी, अशोक मनोहर जोशी, डॉ अशोक शास्त्री, ओमप्रकाश सोलंकी, महेश गर्ग सहित शहर के व्यापारी, अधिवक्ता, चिकित्सक, पत्रकार एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। लोगों ने पहली मर्तबा साक्षात रूप में धार में भगवान का रथ और प्रतीमा के दर्शन किए।
घर-घर तक पहुंचे जगन्नाथ की कृपा
इस्कॉन प्रभारी आचार्य श्रीकृष्ण अर्चनादासजी ने बताया कि रथ यात्रा का उद्देश्य यह है कि भगवान जगन्नाथ की कृपा घर-घर तक पहुंचे, हर इंसान, हर व्यक्ति तक पहुंचे और भक्ति मार्ग से लोग जुड़ सके। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन बहुत दुर्लभ   होता है। दुर्लभ मनुष्य जीवन की सफलता सबको मिले। भगवान की भक्ति के द्वारा हमारे सनातन, संस्कृति, सनातन धर्म का जो संदेश है, गीता, भागवत, रामायण हमारे शास्त्रों का जो संदेश है उसको लोगों तक पहुंचाना यात्रा का उद्देश्य है।
इन मार्गों से गुजरी यात्रा
बुधवार को सायं 4 बजे यात्रा मोतीबाग चौक स्थित अखंड ज्योति मंदिर से प्रारंभ हुई। यात्रा राजबाड़ा चौक, आनंद चौपाटी, धानमंडी, कश्यप भवन, मोहन टॉकिज, घोड़ा चौपाटी होते हुए त्रिमूर्ति नगर स्थित सांवरिया सेठ मंदिर पहुंची। करीब 5 घंटे तक सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के उद्घोष के साथ रथ को मंदिर तक पहुंचाया।


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