झाबुआ~2023 के लिए कड़ी हुई स्वच्छता की परीक्षा,7500 की बजाए 9500 अंक का होगा सर्वेक्षण-स्वच्छता सर्वेक्षण के अंक बढ़ाए,प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन पर 8 फीसदी अधिक अंक मिलेंगे~~



झाबुआसंजय जैन~~

स्वच्छता की परीक्षा हर साल कड़ी होती जा रही है। पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 10 प्रतिशत अंक बढ़ा दिए गए हैं। वर्ष 2021-22 में 7500 अंक थे। इस साल स्वच्छता सर्वेक्षण में 9500 अंक होंगे। इसमें 48 प्रतिशत अंक कचरा उठाव और निपटान के होंगे। इसी वजह से झाबुआ में स्वच्छता सर्वेक्षण के 25 प्रतिशत अंक कट सकते हैं। इसका कारण पॉलीथिन कचरा निपटान की व्यवस्था नहीं हो पाया है। अब चुनाव के बाद ही कुछ हो सकेगा।





 
पॉलीथिन कचरा निपटान की व्यवस्था नहीं.......
शीघ्र पॉलीथिन कचरा निपटान की व्यवस्था नहीं हुई तो स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर परफार्मेंस करने वाली नपा इस बार पिछड़ सकती है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2021-22 के स्वच्छता सर्वेक्षण का अभी परिणाम जारी नहीं हुआ है। इसके पहले ही केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 की गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। इस बार की थीम कचरे से धन रखा गया है। अब तीन की जगह चार राउंड में शहरों के स्वच्छता की परख होगी। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे अधिक जोर अलग-अलग कचरा कलेक्शन और कचरे के निपटान पर होगा। 9500 में से 4525 नंबर कचरा निपटान के होंगे।






स्वच्छता सर्वे में किए गए बदलाव...........
-अब 80 फीसदी से ज्यादा अंक प्रत्यक्ष निरीक्षण से ही तय होंगे। कागजी खानापूर्ति के अंक खत्म कर दिए गए हैं। अगस्त-सितंबर में केंद्रीय टीम कचरा प्रोसेसिंग यूनिट का जायजा लेगी। दूसरा दौरा नवंबर-दिसंबर में होगा ।





 
-नागरिकों की राय,सर्टीफिकेशन यानी ओडीएफ,स्टार सिटी के नंबर कम हो गए हैं। पहले इस पर 30-30 प्रतिशत अंक तय थे। अब 26-26 प्रतिशत अंक कर दिए हैं।





 
-फरवरी-मार्च में होने वाला सिटीजन फीडबैक इस बार 1 अक्टूबर से शुरू होगा।





 
-नए मापदंडों में शहर के नालों को पूरी तरह कवर्ड करना होगा। साथ ही एसअीपी,लैंडफिल साइट,सीएंडडी वेस्ट सहित अन्य प्लांटों का उचित रखरखाव संचालन करना होगा।





 
-सर्विस आधारित प्रगति पर 3000 की जगह 4525 अंक,सर्टिफिकेशन पर 2250 की जगह 2500 अंक और सिटीजंस फीडबैक पर 2250 की जगह 2475 अंकों की व्यवस्था है।






पॉलीथिन कचरा निपटान की व्यवस्था नहीं ...................
हमारे पास कचरा निपटान के लिए ट्रेचिंग ग्राउंड उपलब्ध है,पॉलीथिन कचरा निपटान की व्यवस्था नहीं है। यदि पॉलीथिन कचरा निपटान की मशीन आ जाती है तो इस समस्या का हल हो जायेगा। जिससे स्वच्छता सर्वेक्षण में हमें कचरा निपटान के पुरे 48 अंक भी मिल जायेंगे।  
.................................यूनुसउद्दीन कुरैशी-स्वाथ्य अधिकारी,नपा-झाबुआ




Share To:

Post A Comment: