झाबुआ~पोर्टल चल रहा धीमा,अब तक 52 प्रतिशत ने ही दाखिल किया रिटर्न जिले में 30 हजार से ज्यादा टैक्सपेयर-11 दिन में रिटर्न नहीं भरा तो लगेगी 10 हजार रुपए तक लेट फीस,~~

नया ई-पोर्टल सीए और कर सलाहकारों के लिए भी बना परेशानी~~


झाबुआसंजय जैन~~

यदि आप टैक्सपेयर है और इनकम टैक्स रिटर्न अब तक दाखिल नहीं किया है तो 31 जुलाई तक हर हाल में कर दें। नहीं तो फिर लेट फीस चुकाना पड़ सकती है। क्योंकि आयकर विभाग का पोर्टल धीमा चलने के कारण सीए व कर सलाहकारों को काम करने में दिक्कत आ रही है। जिससे रिटर्न भरने का काम धीमी गति से हो रहा हैं। 




आखिरी तारीख 31 जुलाई.............
ऐसे करदाता जिनका ऑडिट होना है,उन्हें छोड़कर बाकी करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। यदि इस तारीख तक रिटर्न फाइल नहीं किया तो 1 से 10 हजार रुपए तक फीस चुकाना पड़ सकती हैं। जिले में 30 हजार से ज्यादा आयकरदाता हैं। कर सलाहकार और सीए की माने तो पोर्टल धीमा चलने से अब तक सिर्फ  52 प्रतिशत लोगों का ही रिटर्न दाखिल हो पाया है। 


लांच किया था नया ई-पोर्टल जून में ........................
सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में लोगों को सहूलियत देने के लिए पिछले साल जून में नया ई-पोर्टल लांच किया था,लेकिन इस ई-पोर्टल ने लोगों की परेशानियों को कम करने की जगह बढ़ा दिया था। हालांकि कई सुधार भी हुए फिर भी दिक्कतें ज्यादा कम नहीं हुई। पोर्टल की परेशानी इस साल भी बनी हुई है और आयकर विभाग का यह नया ई-पोर्टल चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कर सलाहकारों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जैसे-जैसे आखिरी तारीख नजदीक आ रही है। वैसे-वैसे पोर्टल पर लोड बढ़ रहा हैं। इससे पोर्टल में दिक्कत शुरू हो गई है। आयकर पोर्टल ठीक से नहीं चलने से भी करदाता एवं कर सलाहकार परेशान हो रहे हैं एवं रिटर्न फाइल करने में परेशानी आ रही है।  जिले में अब तक सिर्फ 52 प्रतिशत लोगों का ही रिटर्न दाखिल हो पाया है। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने में 11 दिन बाकी है।

 
किन्हें फाइल करना है रिटर्न ......................?
-आय 2.50 लाख रुपए से ज्यादा और वरिष्ठ करदाता है तो तीन लाख की आय होने पर।
-यदि प्राप्त आय पर टीडीएस काटा गया हो एवं रिफंड लेना हो।
-शेयर एवं म्यूचुअल फंड का कार्य कर रहे हो।
-पिछले वर्ष 1 करोड़ या अधिक करंट अकाउंट में जमा किए हो।
-1 लाख रुपए से अधिक का बिजली का बिल हो।
-विदेश यात्रा पर 2 लाख खर्च किए हो।
-60 लाख रुपए से अधिक का टर्नओवर हो।
-25 हजार से अधिक टीडीएस हुआ हो।
-सेविंग अकाउंट में 50 लाख रुपए या अधिक जमा किए हो।


 पोर्टल धीमा चलने से रिटर्न भरने में दिक्कत ..................................
ई-पोर्टल में जितनी सुविधाएं है,उतनी परेशानियां भी है। सरकार द्वारा पोर्टल पर बार-बार बदलाव किया जा रहा है और जानकारी भी पहले से ज्यादा कठिन मांगी की जा रही है। जिसे भरने में सभी को दिक्कत आ रही है। पोर्टल धीमा चलने से रिटर्न भरने में दिक्कत आती है।
.............................चौरे एंड कंपनी-कर सलाहकार,झाबुआ


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