झाबुआ~अंकुर,तरुण व उमंग तीन अलग-अलग श्रेणियां बनेगी, इसी आधार पर होंगी विद्यार्थियों की तैयारियां~~

78 हजार विद्यार्थियों के पढ़ाई का स्तर तय करेगा बेसलाइन टेस्ट~~


झाबुआसंजय जैन~~

प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर तय करने के लिए बेसलाइन टेस्ट शुरू हो चुके हैं। इस टेस्ट के माध्यम से जिले के 78 हजार 596 विद्यार्थियों का पढ़ाई का स्तर तय होगा। टेस्ट के बाद विद्यार्थियों की तीन अलग-अलग श्रेणियां अंकुर,तरुण व उमंग बनाई जाएगी। इन श्रेणियों के आधार पर ही विद्यार्थियों को शिक्षा दी जाएगी।





 
कमजोर बच्चों को अंकुर श्रेणी में रखा जाएगा..............
कमजोर बच्चों को अंकुर श्रेणी में रखा जाएगा। कमजोर से थोड़ ठीक को तरूण श्रेणी में रखा जाएगा। इसी तरह टेस्ट में अच्छा स्कोर अर्जित करने वालों को उमंग श्रेणी में रखा जाएगा। 




श्रेणियों के आधार पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी.......





 इन तीनों श्रेणियों के आधार पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। कमजोर बच्चों इस प्रकार शिक्षा दी जाएगी की वह तरुण श्रेणी में पहुंच जाए। वहीं तरूण श्रेणी वाले विद्यार्थियों को इस प्रकार पढ़ाया जाएगा कि वह उमंग श्रेणी में पहुंच सके। अंकुर तथा तरुण श्रेणी के विद्यार्थियों को उमंग में आने के बाद सभी को समान शिक्षा दी जाएगी।





 
 समस्त विद्यार्थियों का बेसलाइन टेस्ट होगा....................
कक्षा 3 से 8 तक के समस्त विद्यार्थियों का बेसलाइन टेस्ट होगा। टेस्ट के जरिए परखा जाएगा कि बच्चा कौन सी कक्षा में अध्ययनरत है एवं उसका पढ़ाई का स्तर किस कक्षा तक का है। जिन बच्चों का स्तर पढ़ाई में कमजोर होगा। उन्हें श्रेणी नुसार अलग अलग ग्रुप वाइस पढ़ाया जाएगा। बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट न आए इसके लिए बेसलाइन टेस्ट का प्रयोग किया जाता है। जिले के प्रत्येक सरकारी स्कूल में यह टेस्ट होगा। अभी शासकीय स्कूलों में प्रवेश जारी है। इसलिए लगातार टेस्ट लिए जा रहे है।






अंत में होगा एडलाइन...........................  
अंकुर व तरुण श्रेणी वाले विद्यार्थियों को प्रशिक्षण उप रांत एडलाइन टेस्ट से भी गुजरना होगा। इस स्टेस्ट में जिन विद्यार्थियों की पढ़ाई में सुधार नहीं दिखेगा।





 
यह भी करना चाहिए........................
बेसलाइन टेस्ट के बाद जो विद्यार्थियों अंकुर व तरुण श्रेणी में रहेगा उनके लिए श्रेणी नुसार अलग-अलग ग्रुप वाइस कक्षाएं लगाई जाएगी,ताकि पिछड़े हुए विषयों में बच्चों को आगे लाया जा सके। इसके लिए यह भी करना चाहिए कि रोजाना 40 मिनिट से अधिक की अतिरिक्त कक्षाएं लगायी जाए। ये कक्षाएं नियमित कक्षाओं के अलावा अलग से लगानी चाहिए। जिससे बच्चों की वर्तमान पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।






बेसलाइन टेस्ट शुरू किए है.............................
कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों का शैक्षणिक स्तर परखने के लिए बेसलाइन टेस्ट शुरू किए है। अब टेस्ट के आधार पर बच्चों को श्रेणी नुसार अलग अलग ग्रुप वाइस पढ़ाया जाएगा,ताकि बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार किया जा सके। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
................................रालुसिंह सिंगार ,डीपीसी-झाबुआ।




Share To:

Post A Comment: