*इस वर्ष  गुरु पूर्णिमा पर ग्रहों के चार बहुत ही शुभ राजयोग बन रहे है जिसमे सूर्य , बुध और शुक्र का संयोग बहुत ही लाभप्रद सिद्ध होगा* *( डॉ. अशोक शास्त्री )*~~


          हर मनुष्य के जीवन मे गुरु का बहुत महत्व होता है । कहते हैं कि " बिना गुरु के ज्ञान कंहा " मतलब बिना गुरु के हम इस संसार मे कभी कुछ सीख नही सकते । संसार मे सभी धर्माविलंबी अपने अपने गुरु की पूजा करने के लिए वर्ष मे एक दिन निर्धारित किए है । और उस दिन अपने गुरु की पूजा कर उन्हे दान - दक्षिणा देते है । इस संदर्भ मे मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाॅ. अशोक शास्त्री ने एक विशेष साक्षात्कार मे बताया कि सनातन हिंदू धर्म मे प्रति वर्ष माह आषाढ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूजन किया जाता है । इस दिन को गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है । इस दिन हिंदू धर्म को मानने वाले लोग अपनी परंपरानुसार अपने - अपने गुरु की विधि विधान से पूजन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते है । इस वर्ष गुरु पूर्णिमा दिनांक 13 जुलाई 2022 बुधवार को है ।
          आषाढ माह की पूर्णिमा के दिन महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था , उन्ही की के तिथि के उपलक्ष्य पर प्रति वर्ष आषाढ माह की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा के रुप मे मनाते है । इस बार यह तिथि दिनांक 13 जुलाई को पड रही है अतः इसी दिन गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया जाएगा । डाॅ. अशोक शास्त्री के मुताबिक इस बार गुरु पूर्णिमा पर ग्रह नक्षत्रों की युति से बहुत ही शुभ राजयोग के विशेष संयोग बन रहे हैं । जिसमे मंगल , बुध गुरु और शनि की स्थिति राजयोग बना रही है । शुभ संयोग बहुत लाभदायक सिद्ध होगा । इस समय सूर्य मिथुन राशि मे है , जहां पर बुध के साथ युति बनाकर बुधादित्य योग बन रहा है । जबकी मंगल अपनी स्वयं की राशि मेष मे गोचर कर रहा है , जिसके चलते रुचक योग बन रहा है । इस दिन बुध स्वयं की राशि मे होकर भद्र योग बना रहा है । इसी तरह गुरु भी स्वयं की मीन राशि मे रहकर हंस योग बन रहा है । शुक्र भी स्वयं की राशि वृषभ मे रहकर मालव्य योग बना रहा है । शनि भी इस समय स्वयं की कुंभ राशि मे है 12 को मकर मे गोचर करेंगे । इसके चलते शश योग बन रहा है ।
          डाॅ. शास्त्री के अनुसार इस समय सूर्य को छोड़कर सभी ग्रह अपनी स्वयं की राशि मे स्थित है । जबकी सूर्य भी बुध के साथ मिलकर बुधादित्य योग बना रहा है । ग्रहों की एसी शुभ स्थिति वर्षों बाद बनी है । एसे मे इस वर्ष की गुरु पूर्णिमा बहुत ही शुभ रहेगी । यह पंचमहापुरुष योग की स्थिति है ।
          गुरु पूर्णिमा के दुसरे दिन दिनांक 14 को सूर्य , बुध और शुक्र एक ही राशि मे रहकर त्रिग्रही योग बनाएंगे । ऐसे मे इस दिन आप कभी भी अपने गुरु के घर जाकर उनसे आशीर्वाद ले सकते है ।
          डाॅ. अशोक शास्त्री ने बताया की गु का मतलब अंधकार और रु का अर्थ है प्रकाश यानी जो हमे अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है उसे गुरु कहते है । गुरु हमें हर उस जानकारी से अवगत कराते है जिसका हमें बोध और ज्ञान नही होता है ।
          डाॅ. अशोक शास्त्री के मुताबिक गुरु पूर्णिमा के दिन राजयोग बन रहा है , ऐसे मे यदि आपके जीवन  मे शादी - विवाह या नौकरी मे आ रही समस्याओं से छूटकारा पाने के लिए गुरु पूर्णिमा के दिन अपने गुरु का ध्यान करते हुए गुरु मंत्र का जाप करे , इसके पश्चात् आप गुरु के घर मिष्ठान्न , फल और माला लेकर जाएं और गुरु के चरण धोए , इसके बाद अपने गुरु का पूजन करते हुए माल्यार्पण करने के साथ मिष्ठान्न और फल खिलाने के बाद गुरु को इच्छानुसार दक्षिणा देकर गुरु का आशिर्वाद ले । कहते है कि जो व्यक्ति अपने जीवन मे गुरु का सम्मान करते है , उनके जीवन मे कभी कोई समस्या नही आती है , और वे लोग जीवन मे बहुत आगे बढते है ।।


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