झाबुआ~हमारी आत्मा मे ही परमात्मा छुपे हुए हे -मुनि निपुणरत्न विजय जी ~~





झाबुआ।सर्व बिरति धर्म को यदि स्वीकार करना है तो पाप प्रवत्तिया को छोड़ना पड़ेगा क्योंकि यही राग द्वेष का मूल कारण है | संसार को बढ़ाना यह भी राग का कारण हे | जेसे जेसे पोद्ग्लीक सुख बढ़ते हे वेसे वेसे विषय भोग बढ़ता हे। जो विषय हम भोग रहे हे उसमे आसक्ति बड़ेगी | विषयों के पीछे छिपे हुए कषाय ही हे | अपनी समग्र चेतना विषय कषाय को आव्रत कर रही हे | उपरोक्त प्रेरक विचार पूज्य आचार्य श्री नित्य सेन सुरीजी और साधु साध्वी मंडल की निश्रा मे चल रहे चातुर्मास मे पुण्य सम्राट पूज्य श्री जयंत सेन सुरीश्वरजी म सा के सुशिष्य मुनिराज श्री निपुणरत्न विजय जी म सा ने योग सार ग्रंथ को समझाते हुए बुधवार को धर्म सभा मे व्यक्त किये | उन्हौमे कहाँ की हमे वस्तु तत्व का चिंतन करना चाहिए क्योंकि हमारी आत्मा विनयवान हे आत्मा को कर्म पसंद नही हे | इस जगत मे मेरा क्या हे ?जिसे मे कहूँ | हमने इस जगत के अस्तित्व को समझने मे गलती कर दी हे | चिंतन करे की मेराअपना क्या हे ?ज्ञानी कहते हे की यदि एक क्षण भी निर्विचार , बिना विकल्प के यदि अपने स्वयं को देख ले तो हमारी आत्मा मे परमात्मा के वास्तविक समाधि पूर्वक दर्शन होने लगेंगे | हमारे जीवन का एक एक पल सर्व श्रेष्ठ बिना मिलावट का होना चाहिए | चूँकि अभी तक हमने एक क्षण भी निर्विचार और बिना विकल्प का परमात्मा और गुरु को नही दिया हे इसलिये हमारे जीवन मे अभी तक आत्मबोध जेसी घटना घटी ही नही | यदि यह क्षण हमारे जीवन मे लाना हे तो कषायों को त्याग करना होगा | ज्ञानी कितना बड़ा रहस्य समझा रहे हे की तुम्हारी आत्मा मे ही निर्मल परमात्मा छुपे हुए हे | आवश्यकता हे समता धारण कर आत्मा पर पड़े आवरण को हटाने की | आपने आज क्रोध और मान कषाय की विस्तॄत व्याख्या करते हुए बताया की क्रोध की तुलना मलिनता से की गयी हे क्रोध करने वालों को पीडा पहले स्वयं को होती हे | बाद मे दूसरो को पीडा या दुख देता हे | क्रोध क्षणभर का होता हे प्रभाव चिरंजीवी याने लम्बे समय तक होता हे | क्रोध से बचने का सर्वश्रेष्ठ उपाय क्षमा भाव रखना होगा | क्षमा भाव तब तक रखे जब तक क्रोध करने बाला थक नही जाये | आपने दुसरा कषाय मान/अभिमान को बताते हुए कहाँ की क्रोध का जन्म भी यही कषाय से होता हे | बाहुबली का उदाहरण देते हुए बताया की उन्होने जीवन मे उच्च कोटि की साधना की थी किंतु मान भी था इसलिए सफ़लता नही मिल रही थी ।



अगले 15दिवस तक बहुमान करने का लाभ चंद्रशेखर , मनोज , मुकेश जैन नाकोंडा परिवार ने लिया, इनका बहुमान कमलेश कोठारी परिवार ने किया | गुरुदेव की आरती का लाभ प्रकाश राका परिवार ने लिया |


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