झाबुआ~कषायों को प्रारम्भ से ही त्याग करे इन्हे पुष्ट नही करे --मुनि निपुण रत्न विजय जी~~





झाबुआ। परमात्मा ने सम्पुर्ण जगत पर उपकार करते हुए मोक्ष जाने का मार्ग बताते हुए कहाँ है कि क्रोध,मान, माया और लोभ जेसे कषायों का जीवन मे त्याग कर और परमात्मा का नाम जपने से आत्मा का कल्याण कर मोक्ष की और जा सकता हे | परमात्मा ने हम पर जिन वचन से जो उपकार किये है,वह उनके स्वभाव से और सहज ही हुए है। उनको कूछ भी अलग से यह उपकार के कार्य नही करना पड़े क्योंकि उपकार करना उनका स्वभाव ही था | जहाँ ये कषाय रूपी दोष होंगे बहा कभी भी परमात्मा नही मिलेंगे | "उपरोक्त प्रेरक विचार झाबुआ मे पूज्य आचार्य श्री नित्यसेन सूरीजी और साधु साध्वी भगवंत की निश्रा मे चल रहे आत्मानन्दी चातुर्मास मे पुण्य सम्राट पूज्य जयंत सेन सुरीश्वरजी म सा के सुशिष्य पूज्य मुनिराज़ श्री निपुणरत्न विजयजी म सा नेसोमवार को योग सार ग्रंथ की गाथाओं को समझाते हुए धर्म सभा मे कहे ।





आपने कहाँ की प्रतिदिन परमात्मा के समौशरण मे बेठकर , देह का ऐश्वर्य और वचन का ऐश्वर्य का स्मरण करेंगे तो हमारे जीवन के सारे दुख हो सकते हे | व्यक्ति यदि मात्र परमात्मा के वचन ही प्रतिदिन सुन ले तो वह महाविदेह क्षेत्र मे जहाँ अभी तीर्थंकर प्रभु विचरण कर रहे हे पहुँच कर मोक्ष मार्ग को प्रशस्थ कर सकता हे | गुरू की आज्ञा माने बिना परमात्मा की आज्ञा प्राप्त नही हो सकती हे | कामी और भोगी व्यक्ति कभी भी जगत के विषयों को छोड़ नही सकता हे क्योंकि उसे जिन वचन अच्छे लगते ही नही हे यदि परमात्मा के वचन सुनकर उनकी आज्ञा मे रहेंगे तो इन जगत के विषयों के प्रति कभी भी आकर्षण नही रहेगा | 





  आचार्य श्री नित्य सेन सुरीश्वरजी म सा और साधु साध्वी मंडल की प्रेरणा से 25से अधिक श्रावकों /श्राविकाओ द्वारा गर्म जल के आधार पर उग्र तपस्या कर रहे हे | अध्यक्ष मुकेश जैन और सचिव भारत बावेल ने बताया की नवकार मंत्र आराधाना पूज्य श्री की नीश्रा मे 4अगस्त से 13अगस्त तक होगी | इसमे सम्पूर्ण भारत से गुरुभक्त यहाँ आकर आराधना करेंगे | प्रतिदिन 9बजे से प्रवचन चल रहे हे | रात्रि मे युवा वर्ग के लिये विशेष प्रवचन हो रहे हे ।




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