झाबुआ~अभाविप की पहल पर शासकीय कन्या शिक्षा परिसर (पिटोल) की अधीक्षका नीतू कटारा के खिलाफ हुई कार्रवाई, प्रभार से किया गया मुक्त, छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करने एवं प्रताड़ित करने के चलते सहायक आयुक्त ने की कार्रवाई~~





होस्टल की छात्राओं ने अभाविप को पत्र के माध्यम से अधीक्षिका की तानाशाही एवं समस्याआंे से करवाया था अवगत...............



झाबुआसंजय जैन~~

  विगत 3 अप्रेल-2022 को शासकीय कन्या शिक्षा परिसर पिटोल (झाबुआ) की अधीक्षिका नीतू कटारा द्वारा छात्राओं के साथ दुर्व्यहार कर उन्हें लगातार प्रताड़ित करने तथा होस्टल की समस्याओं से अवगत करवाने पर भी ध्यान नहीं दिए जाने की शिकायत छात्रावास की छात्राओं ने अभाविप को की थी। जिसके बाद अभाविप के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने यहां पहुंचकर वातस्विकता जानने पर आरोप सहीं पाए गए। जिससे परिषद द्वारा ज्ञापन के माध्यम से सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग को अवगत करवाने पर भी काफी दिनों तक कार्रवाई नहीं होने पर अंततः संभागीय उपायुक्त से मिलकर पूरे मामले से अवगत करवाया। उनके निर्देश के बाद आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा आदेश जारी कर वर्तमान अधीक्षिका नीतू कटारा को इस प्रभार से मुक्त कर उनके स्थान पर श्रीमती माया गुंडिया, प्राथमिक शिक्षिका की पदस्थापना की गई है।




 छात्राओ से दुर्व्यवहार एवं प्रताड़ित  किया गया..............
जानकारी देते हुए अभाविप के नगर कार्यालय मंत्री आयुष मिश्रा ने बताया कि विगत 3 अप्रेल 2022 को शासकीय कन्या शिक्षा परिसर की अधीक्षिका नीतू कटारा द्वारा छात्राओ से दुर्व्यवहार एवं प्रताड़ित करने की सूचना विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को मिली। जिसके बाद परिषद् के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और परिषद के कार्यकर्ताओं ने छात्राओ से बात करने पर छात्राओ ने विभिन्न प्रकार की समस्याओं और होस्टल अधीक्षिका के दुर्व्यवहार कर उन्हें प्रताड़ित करने की इस दौरान बात कहीं। छात्राओ द्वारा इस संबंध में एक आवेदन कलेक्टर के नाम बना कर परिषद के कार्यकर्ताओ को सौपा गया। जिसके उपरांत अभाविप के कार्यकर्ताओं द्वारा अधिक्षिका नीतू कटारा से मिलने पर पाया कि उनका व्यवहार वाकई दुर्भावनापूर्ण था ।






तत्काल कार्रवाई में बरती गई ढील.............
अभाविप के नगर मंत्री वैभव जैन ने बताया की बात करते समय अधिक्षिका नीतू कटारा ने पिटोल के कुछ स्थानीय नेताओं को उनके बचाव के लिए परिसर में बुलाया। तत्पश्चात् परिषद के कार्यकर्ताओ द्वारा ज्ञापन के माध्यम से सहायक आयुक्त महोदय प्रशांत आर्य को अवगत करवाया। जिसके महीने भर बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर विद्यार्थी परिषद द्वारा आंदोलन कर चक्का जाम किया गया।  






संभागीय उपायुक्त ने दिए कार्रवाई के निर्देश................
परिणामस्वरूप जांच दल गठित हुआ। जिसमें अधीक्षिका कटारा दोषी पाए जाने के बाद भी कार्रवाई में देरी प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करने से विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विगत 20 जुलाई को भोपाल में संभागीय उपायुक्त से मिलकर पूरे विषय से अवगत कराया। उपायुक्त महोदय द्वारा तत्काल ही कार्रवाई आश्वासन दिया गया। जिसके बाद इस संबंध में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग की ओर आदेश जारी करते हुए शासकीय कन्या शिक्षा परिसर पिटोल की अधीक्षिका नीतू पर लगे आरोप सही पाए जाने पर उन्हें इस पद से मुक्त किया गया है।





 
अभापिव ने किया स्वागत...................
उनके स्थान पर प्राथमिक शिक्षक  माया गुंडिया को पिटोल हॉस्टल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उक्त कार्रवाई की प्रतिलिपि 25 जुलाई, सोमवार को अभाविप को भी प्राप्त हुई है। अभाविप के नगर मंत्री वैभव जैन एवं कार्यालय मंत्री आयुष मिश्रा ने इसे परिषद् की बड़ी जीते बताते हुए संभागीय उपायुक्त का उक्त कार्रवाई हेतु आभार व्यक्त किया है।




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