झाबुआ~अब डॉ. रामशंकर चंचल की बाल कविताओं को भी मिला बेहद उम्दा स्वर पूजा ध्यानी अमोली पारम्परिक लोकगीत गायिका आकाशवाणी, प्रवक्ता हिंदी का~~





झाबुआ  प्रख्यात साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल की साहित्य की गीत, गजल, कविता, कथा आदि को देश और विदेश के अनेकों  चर्चित स्वर साधकों ने स्वर दिया, जिसे लाखों लोगों द्वारा सुना और बहुत बहुत सराहा जाता हैं।





अब उनके  प्रेरक सही दिशा निर्देश देते बाल गीतों को उम्दा खूबसूरत स्वर मिला  उत्तराखंड की स्वर साधिका पूजा ध्यानी अमोली का। जिन्होंने हाल में डॉ रामशंकर चंचल के बेहद खूब सूरत बाल गीत रचना अगड़म बगडम बोलो मत जी को अपना स्वर दिया जिसे बहुत ही पंसद किया जा रहा है ।





इस एक और गौरव पूर्ण उपलब्धि पर डॉ चंचल को अनेका नेक बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं ।डॉ चंचल ने कहा कि मुझे सचमुच बेहद खुशी है कि लुप्त हो रहे बाल साहित्य को बचाने में मेरे स्वर दिये गीत कुछ प्राण अवश्य डालेंगे।




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