भोपाल~जावेद अख्तर की मौजूदगी में हुआ यादगार आयोजन, सराहे गए लीडिंग एज इवेंट्स दुबई के प्रयास~~

भोपाल सैयद रिजवान अली~~

। अदब की महफिलों की रौनक और कार्यक्रम की कामयाबी की गारंटी माने जाने वाले मशहूर शायर जावेद अख्तर खुद किसी प्रोग्राम से मुतास्सिर हो जाएं तो उस आयोजन की खूबी और खूबसूरती को समझा जा सकता है। खाड़ी देशों में ऐसे आयोजनों के माहिर तारिक फैज़ी ने बहरीन में एक ऐसी ही नायाब शाम सजाई। उनकी संस्था लीडिंग एज इवेंट्स दुबई की सतत अदबी मेहनतों के सिलसिले का ये एक हिस्सा था।

बहरीन के रीजेंसी इंटरकांटिनेंटल होटल मनामा में हिज़ हाइनेस शेखा धेया बिन्त अब्राहिम अल खलीफा की अगुआई में आयोजित इस समारोह को जश्न-ए-जावेद अख्तर नाम दिया गया था। दुबई में किए जा चुके सफल और शानदार शो के बाद लीडिंग एज इवेंट्स द्वारा आयोजित दूसरा जश्न-ए-जावेद अख्तर था।

बहरीन के इस भव्य कार्यक्रम में लीडिंग एज इवेंट्स के तारिक फैज़ी की दूरदर्शिता और कड़ी मेहनत थी, उन्होंने अब्बास तबीश, शौकत फ़हमी, अम्मार इकबाल मेगी असनानी जैसे नामवर शायरों को इस महफिल में जोड़ा था। मुशायरे के नाज़िम की ज़िम्मेदारी भारत के मशहूर शायर अजहर इकबाल ने निभाई।

दुनिया भर से पहुंचे लोग

कार्यक्रम में शिरकत के लिए इरफ़ान इज़हर, इमाद उल मलिक और सैफ खान खास तौर से दुबई से बहरीन पहुंचे थे। जबकि सैयद अब्बास अली, सैयद मोहम्मद हुसैनी ने गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में इस कार्यक्रम में शिरकत की।

बांध दिया समां

जश्न-ए-जावेद अख्तर का संचालन दुबई की प्रसिद्ध एंकर / होस्ट तरन्नुम अहमद ने की, जो गुलाम अली और नई दिल्ली में आयोजित कई प्रोग्राम की नियमित एंकर रही हैं।

जावेद की शान में

अपनी कविता के लिए प्रसिद्ध अम्मार इकबाल ने जावेद अख्तर पर गद्य में अपनी त्रुटिहीन कृति से सभी को प्रभावित किया, जिसमें उनकी कविता, उनकी सोच की शैली और समग्र व्यक्तित्व के बारे में विस्तार से बात की गई।

निकली दिल की बात

तारिक फ़ैज़ी, जो आम तौर पर मंच के पीछे से काम करना पसंद करते हैं और लाइमलाइट को चकमा देते हैं, बदलाव के लिए मंच पर आए और इस अवसर पर बोले भी। कवियों के अलावा जावेद अख़्तर ने भी तारिक फ़ैज़ी के लिए अपना अत्यधिक स्नेह और उनके लिए हमेशा सम्मान व्यक्त किया। जावेद अख्तर ने बाद में स्पष्ट रूप से कहा कि यह केवल तारिक फैजी का उर्दू के प्रति समर्पण और उनके निस्वार्थ प्रयास हैं कि वह उनके निमंत्रण पर ही मुशायरों में जाते हैं।

हिज हाइनेस हुईं अभिभूत

हिज़ हाइनेस शेखा धेया बिन्त अब्राहिम अल खलीफा को उर्दू, कविता और ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रासंगिकता पर अपने अनमोल विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने बहुत ही शालीनता से बात की और अपने विचारों की सुंदरता और नवीनता के साथ दर्शकों को प्रबुद्ध किया।उन्होंने बहरीन में ये कार्यक्रम आयोजित करने पर तारिक फैजी का आभार व्यक्त किया।

इन्होंने लूटा मंच

मुशायरे की शुरुआत बहरीन के 2 वरिष्ठ शायर खुर्शीद अलीग और अहमद आदिल के साथ हुई। उसके बाद मेगी असनानी, अम्मार इकबाल, अजहर इकबाल (नाज़िम-ए-मुशायरा), शौकत फ़हमी, अब्बास तबीश और अंत में सदर-ए-मुशायरा जावेद अख्तर ने अपना कलाम सुनाया।

यादें छोड़ गया जश्न

कार्यक्रम आयोजन तारिक फैजी कहते हैं कि बहरीन के दर्शक न केवल समय के पाबंद थे, बल्कि बहुत ग्रहणशील और आकर्षक भी थे। श्रोताओं में से कई लोग विभिन्न कलामों को दिल से जानते थे और मंच पर मौजूद दिग्गजों द्वारा लिखी गई बहुत सी कविताओं का अनुरोध कर रहे थे। फैजी ने कहा कि यह एक मंत्रमुग्ध कर देने वाली शाम थी, जिसने बहरीन के लोगों को और अधिक चाहने के लिए छोड़ दिया


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