धार~शिकायत के बाद जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर
मरीजों के उपचार में हो रही थी लापरवाही ~~

डॉक्टरों सहित स्टाफ को लगाई फटकार
पानी की बोतल मंगा कर कहा- सभी चुलू भर पानी में डूब मरो ~~

धार ( डॉ. अशोक शास्त्री )।

शासकीय अस्पताल से निजी अस्पतालों में भेजे जा रहे मरीजों की शिकायत मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में पहुंच गई, जिसके बाद कलेक्टर डॉ पंकज जैन दोपहर के समय औचक निरीक्षण करने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। जहां पर मरीजों से रुबरु व्यवस्थाओं को चर्चा की। इस दौरान मरीजों के उपचार को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर जैन नाराज हो गए तथा पानी की एक बॉटल बुलवाई और सीएस डॉ एमएल मालवीय सहित डॉक्टरों से कहा चुलू भर पानी में डूब मरना चाहिए। कलेक्टर ने सबसे पहले ऑपरेशन थियेटर में जाकर रजिस्टर चेक कर ऑपरेशन की जानकारी ली। इसके बाद महिला सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों से चर्चा कर सिविल सर्जन को व्य व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
5 दिन से भर्ती महिला को  नहीं हुआ इलाज
महिला सर्जिकल वार्ड में भर्ती महिला अंजना अमरसिंह का सडक दुर्घटना में पैर फ्रैक्चर हो गया था। महिला 5 दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती थी। जब कलेक्टर जैन ने महिला से बात की तो महिला ने बताया 5 दिनों से भर्ती हू। कच्चा पट्टा तक नहीं चढ़ाया, आज डॉक्टरों ने छुट्टी कर दी है। अब हम प्राइवेट हॉस्पिटल में जाकर इलाज कराएंगे। यह सुनने के बाद कलेक्टर जैन ने सिविल सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर छत्रपा‍ल सिंह चौहान सहित डॉक्टरो को फटकार लगाते हुए नाराजगी जताई। कलेक्टर जैन ने डॉक्टरों को कहा तुम लोग दलालो की मोनोपोली चलाते हो, यहां से गए मरीज का प्राइवेट अस्पताल में खुद ही इलाज करोगे। इनके इलाज का जो भी खर्चा आएगा अब तुम उठाओगे। दो घंटे के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने अस्पताल स्टाफ की बंद कमरे में करीब आधा घंटा बैठक भी ली। इधर जिला अस्पताल में निरीक्षण के बाद कलेक्टर जैन ने शहर के उन प्राइवेट अस्पतालों का भी रिकॉर्ड बुलवाया है। जहां पर डॉक्टरों के जाने की शिकायत की गई थी। प्राइवेट अस्पताल और जिला अस्पताल के रिकॉर्ड को मिलाकर मरीजों के नामों की जांच की जाना है। इसमें यदि समानता मिलती है तो बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।


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