धार~पथ प्रदर्शक बनी ‘मां भारती’ केसरिया परिधानों में कावड़ जल लेकर चली मातृशक्ति ~~

नागचंदे्रश्वर के जल से धारेश्वर महादेव का जलाभिषेक, कावड़ियों ने तय किया 7 किमी का सफर ~~

बच्चों से लेकर हर उम्र की महिलाएं रही शामिल, शिव भक्ति के गीतों पर कावड़ियों की कदमताल ~~

धार ( डाॅ. अशोक शास्त्री )।

भोजशाला की मुक्ति एवं उसके गौरव की पुर्नस्थापना के संकल्प के साथ श्रावण मास के तीसरे सोमवार को धार नगर में मां वाग्देवी मातृशक्ति कावडयात्रा पूरे जोश एवं उत्साह के साथ निकली। महाराजा भोज उत्सव समिति के तत्वाधान में प्रतिवर्ष नगर में मां वाग्देवी मातृशक्ति कावडयात्रा का आयोजन किया जाता है। यह मातृशक्ति कावड़ यात्रा पूरे धार जिले की एकमात्र मातृशक्ति कावड़ यात्रा है जिसमें हजारों माता बहनों द्वारा कावड में मां नर्मदा का जल भर कर हिन्दूओं के पवित्र श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाता है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर से हुई शुरु
मातृशक्ति कावडयात्रा धार के प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर नागचंद्रेश्वर से प्रारंभ हुई। सर्वप्रथम मां वाग्देवी का पूजन एवं अर्चना तथा कावड़ का पूजन प्रमुख रूप से अशोक जैन, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव यादव, किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री दिलीप पटोंदिया, जिला उपाध्यक्ष भाजपा विश्वास पांडे कृष्णा नागर  आदि ने किया।  यात्रा ने करीब 7 किलोमीटर की दूरी तय की।
मातृशक्ति ने किया बोलबम का जयघोष किया, लोगों ने किया स्वागत
कावड़ एवं मां वाग्देवी के पूजन के पश्चात हजारों मातृशक्ति अपनी-अपनी कावड़ को कंधे पर उठाकर हर-हर महादेव एवं भोले शंभू-भोलेनाथ के शिवकारे लगाती नगर के प्रमुख मार्गों से पूरे उत्साह के साथ निकली। इस दौरान अनेक स्थानों पर लोगों ने मंच लगाकर स्वागत किया। यात्रा नगर से निकलती हुई पहले भोजशाला पहुंची जहां सभी मातृशक्ति ने भोजशाला दर्शन कर अखंड संकल्प ज्योति मंदिर पर अल्पाहार किया। तत्पश्चात पुन: कावड़ उठाकर श्रद्धा के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई मातृशक्ति कावड़ यात्रा धारा नगरी के अधिपति धारनाथ के धारेश्वर मंदिर पहुंची। मातृशक्ति कावड़ यात्रा में सम्मिलित माता बहनों ने धारेश्वर मंदिर में महाराजा भोज के आराध्य एवं धारानगरी के ईश्वर धारनाथ भगवान का मां नर्मदा के पवित्र जल से जलाभिषेक किया गया। कावड़ यात्रा में हजारों माता बहनों ने कावड़ उठाकर एवं जलाभिषेक किया।
बलिदानियों को समर्पित थी यात्रा
कावड़यात्रा स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ पर स्वराज महोत्सव कार्यक्रम के तहत मां भारती के ज्ञात अज्ञात वीर बलिदानियों के सम्मान में निकली तथा उन्हें ही समर्पित की गई। कावड़यात्रा में तिरंगे का स्वरूप बनाकर बहनों द्वारा तिरंगा हाथ मे लेकर कावड़यात्रा को आकर्षक बनाया गया। कावड़यात्रा का नगर के प्रमुख मार्गों पर अनेक स्थानों पर समाज के लोगों लारा भव्य स्वागत किया गया। कावड़यात्रा में प्रमुखता से समिति के अध्यक्ष राजेश शुक्ला, महामंत्री हेमंत दौराया, आर बैरागी, गोपाल शर्मा, प्रवीण गोधा, बाबूलाल नायक, अभिषेक चतुर्वेदी, राजेश कलसाड़िया, जगदीश राठौड़, सुमित चौधरी, पप्पू डामोर, बडू भाबर, दिनेश पटेल, बलराम प्रजापत, सतीश सोनी, ओम प्रजापत, दिनेश पटेल, बंटी राठौड़, सुधीर वाजपेयी, संजू शर्मा, करुण जोशी, श्याम मालवा, शुभम राठौड़, पवन गजादेशी, विक्रम लववंशी, चुन्नू जायसवाल, निखिल जोशी, श्रीश दुबे, सागर मेहता, पवन चौहान, नीलेश परमार आदि ने व्यवस्था संभाली।


Share To:

Post A Comment: