धार~आस्था ने मिट्टी में भी कराया देवत्व का एहसास
बांबी पर श्रद्धालुओं का पूजन, नागपंचमी पर लालबाग में लगा मेला ~~

धार। नाग पंचमी पर नागदेवता के पूजन का विशेष महत्व है। पौराणिक गाथाओं में नागकुल की दंत कथाएं, देवताओं के साथ शेषनाग तो शिव के साथ कंठ हार के रूप में नाग को देवत्व तुल्य माना गया हैं। इसी आस्था ने मिट्टी में भी देवत्व का एहसास कराया है। धार नगर के लालबाग उद्यान में मंगलवार को नागपंचमी का मेला आयोजित किया गया। इस स्थान पर मेले का आयोजन धार्मिक दृष्टि से किया जाता है। उद्यान परिसर में वर्षों पुराना मिट्टी का ढेर हैं जिसे नागराज की बांबी के रूप में पूजा-जाता है। दशकों से यहां किसी ने बांबी में नागदेवता को नहीं देखा है, लेकिन आस्था और भावना ने मिट्टी के ढेर को भगवान का दर्जा दिला दिया हैं। मेले में लोग अपने बच्चों को लाकर नाग देव की बांबी पर मत्था टिकाते हैं और उसकी   मिट्टी माथे पर लागकर उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।
नाग मंदिरों में रही भीड़
मंगलवार को नागपंचमी पर पूरे शहर में नागदेवता के दर्शन के लिए नाग मंदिरों में श्रृद्धालुओं की भीड़ रही। सुबह से ही भक्तों द्वारा नाग को दूध पिलाने का सिलसिला जो शुरू हुआ वह शाम तक चलता रहा। वहीं दूसरी और बायपास पर बने अति प्राचीन नागचन्दे्रश्वर मंदिर में भी भक्त दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे। 
बांबी का किया पूजन
नागपंचमी के अवसर पर एक दिवसीय मेले का आयोजन परंपरागत रुप से लालबाग परिसर में आयोजित किया गया। मेले में जहां महिलाओं ने नागदेवता की बांबी का पूजन किया। वहीं बच्चों ने झुले व चकरी आदि का लुत्फ उठाया। पूजा-अर्चना करने के लिए प्रात: से श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतार लगने लगी थी। श्रद्धालु महिलाओं ने धूप, दीप, नेवैद्य लगाकर पूजा-अर्चना की। दोपहर बाद लालबाग परिसर में पैर रखने की जगह नहीं थी। मेले में महिलाओं, बच्चों ने विशेष रूप से आनंद लिया। खेल-खिलौने, गुब्बारे आदि की खरीदी भी की।
घर-घर में हुई नागदेवता की पूजा
नागपंचमी पर सुुबह से ही सपेरे नाग को लेकेर गली मोहल्लों में नजर आए। सपेरे ‘पिलाओं नाग को दूध’ की आवाज लगाते हुए नजर आए। इस मौके पर जहां परिवारजनों ने नाग को दूध पिलाया व उनकी पूजा-अर्चना की।  साथ ही सपेरो को भी दान दक्षिणा दी। बच्चों ने कौतुहल के साथ नाग को देख अशीर्वाद लिया।  
गुड-धानी की हुई बिक्री
नागपंचमी पर परंपरानुसार गुड़-धानी का विशेष महत्व रहता है। इस दिन लालबाग परिसर में लगे मेले में अनेक दुकानदारों ने गुड़-धानी (चना-चिंरोजी) से बनी मिठाई की दुकानें भी लगाई। मेले में आए श्रद्धालुओं ने पूजा के लिए गुड़-धानी के साथ श्रीफल की भी जमकर खरीदी की।
नौगांव नागमंदिर से निकली शोभायात्रा
शहर के नौगांव स्थित नौ नाग मंदिर में आकर्षक शृंगार किया गया था। नागदेव की प्रतिमा की पुष्पमालाओं और प्रसादी चढ़ाई गई। इस दौरान महाआरती का आयोजन भी किया गया। इसके पूर्व मंदिर के पुजारी मनीष बाबा के नेतृत्व में एक शोभायात्रा नौगांव के मार्गों से निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने उपस्थिति दर्ज करवाई।


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