झाबुआ~पहले मिशन सेहत के नाम से शुरू होने वाली योजना को शासन ने बदलकर संपूर्ण कायाकल्प अभियान कर दिया-मरीजों को अब गांव के अस्पतालों में ही मुफ्त मिलेगी शुगर-बीपी की दवा~~



झाबुआसंजय जैन

उप स्वास्थ्य केंद्रों पर पहले मिलती थी 94 प्रकार की दवाएं अब मिलेंगी 126 प्रकार की दवा-जिला अस्पताल में अब मिलेंगी 530 प्रकार की दवाएं स्वास्थ्य सेवाओं में सरकार 8 अगस्त से बदलाव कर रही है। उप-स्वास्थ्य,प्राथमिक,सामुदायिक,सिविल और जिला अस्पताल में दवाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। उप-स्वास्थ्य केंद्र में अब 94 की जगह अब 126 प्रकार की दवाएं मिलेंगी। 28 दवाएं अधिक मिलेंगी। वहीं जिला अस्पताल में 295 की जगह 530 दवाओं की उपलब्धता रहेगी।





 
मरीजों को हायर सेंटर पर आने से राहत देने का प्रयास.........................
सब-हेल्थ सेंटर पर शुगर,ब्लड प्रेशर और कई एंटीबायोटिक दवाएं नहीं मिलती थी,जो अब आसानी से मरीजों को उपलब्ध होगी। पहले सामान्यत मरीजों को शुगर और बीपी के इलाज व जांच के लिए प्राथमिक या हायर सेंटर पर आना पड़ता था। अब शासन ने दवाओं की संख्या में बढ़ोतरी करमरीजों को हायर सेंटर पर आने से राहत देने का प्रयास किया है। वहीं नए सिरे से अब स्वास्थ्य केंद्रों पर दिव्यांग के लिए अलग काउंटर बनाए जाएंगे।जहां पर इलाज व परामर्श दोनों ही मिलेेंगे।





 
बदलकर संपूर्ण कायाकल्प अभियान कर दिया........................
पहले मिशन सेहत के नाम से शुरू होने वाली योजना को शासन ने बदलकर संपूर्ण कायाकल्प अभियान कर दिया। 8 अगस्त को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसी दिन सीएम चौहान एक क्लिक से स्वास्थ्य केंद्रों के आवश्यक मरम्मत,बिजली,पानी,भवन और परिसर के लिए सीधे संस्था के खाते में राशि भी जारी करेंगे। जिले में 1 जिला,2 सिविल अस्पताल,5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,19 प्राथमिक
292 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं।






स्क्रीनिंग-30 साल आयु वर्ग के युवाओं की हो रही शुगर-बीपी की स्क्रीनिंग
अनियमित दिनचर्या और तनाव के कारण कम उम्र में युवा शुगर और ब्लड प्रेशर के शिकार हो रहे हैं। शासन के आदेश पर इलाज कराने आने वाले 30 साल आयु वर्ग के युवाओं की अब शुगर व बीपी की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर भी सर्वे कर फार्म भरा जा रहा है,वहीं शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे कर फार्म नहीं भरा जा रहा है,। इसमें 15 साल से अधिक आयु के युवाओं की भी बीमारी की जानकारी दर्ज की जा रही है। 31 जुलाई तक जिला अस्पताल में शुगर के 501 और बीपी के अबतक 709 मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं।




स्वास्थ्य केंद्र                   दवा पहले       दवा अब        बड़े
उप-स्वास्थ्य केंद्र                94             126             28
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र        204            299             95
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र     253            373            120
सिविल अस्पताल             271            448            177
जिला अस्पताल              295            530             235
(सीएमएचओ कार्यालय की जानकारी के अनुसार।)





अब ये दवाइयां उप-स्वास्थ्य केंद्र पर भी उपलब्ध होंगी......................
दवा का नाम                                     उपयोग
इंजेक्शन आयरन सुक्रोज                 ब्लड बढ़ाने के लिए।
टेबलेट कैल्शियम कार्बोनेट            कैल्सियम की कमी पूरा करने में।
टेबलेट मिसोप्रोस्टोल                    रक्तस्राव रोकने में।
कंबो ईयर ड्रॉप                           कान की बीमारी ठीक करने में ।
टैबलेट मेटफार्मिन                        शुगर में।
टेबलेट ड्रोटेवरिन                        प्रसव के दौरान दर्द में उपयोग।
टेबलेट फ्रुसेमाइड                     शरीर में पेशाब की मात्रा बढ़ाने में।
टेबलेट सेफएक्सिम                   एंटीबॉयोटिक सर्दी-खांसी,बुखार में।
टेबलेट आर्टिसुनेट                   मलेरिया की दवा ।






उप-स्वास्थ्य केंद्र पर मिलेगी 126 प्रकार की दवा............................
शासन की संपूर्ण कायाकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के इलाज की सुविधाओं के साथ दवाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है।अभियान के तहत जिला अस्पताल सहित उप-स्वास्थ्य केंद्र में दवाएं ज्यादा मरीजों के लिए 126 प्रकार की दवा उपलब्ध रहेगी।
.................................डॉ.जेएस ठाकुर ,सीएमएचओ




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