धार~कारम का डर धार में..... 4 दिन बाद देवी सागर से पानी की लिफ्टिंग मुंज में ~~

सीएमओ ने कहा पानी वेस्ट नहीं हो रहा, इस तालाब से उस तालाब में संरक्षित रहेगा ~~

धार ( डाॅ. अशोक शास्त्री )।

 कारम बांध टूटने के बाद जल संरचनाओं को लेकर कोई भी विभाग अब रिस्क लेने के मुड में नहीं है। जो सुझाव मिल रहे हैं उसी सुझाव पर अमल किया जा रहा है। इस तरह की कवायद दुर्घटना की स्थिति में आरोप-प्रत्यारोप से बचने के लिए की जा रही है। ऐसा ही मामला शहर के देवी सागर तालाब में देखने में आया है। जहां आसपास के बोरिंग के रिसाव से तालाब में पानी संग्रहित होने से लबालब हो चुके देवी सागर को 4 दिन बाद आंशिक खाली किया जा रहा है। रविवार को मोटरें लगाकर देवी सागर से पानी लिफ्ट करके मुंज सागर में डाला गया है। यह कवायद जब की गई है कि नगरपालिका ने दो दिन पूर्व डब्ल्यूआरडी को तालाब निरीक्षण के लिए पत्र लिखा है। निरीक्षण होने के पूर्व ही अज्ञात भय से तालाब का पानी शाम को करीब 5 बजे लिफ्ट करना शुरु किया गया है। पीएचई शाखा के वरिष्ठ कर्मचारी रामा भैया ने बताया कि करीब 24 घंटे तक मोटर चलाई जाएगी। 
दोनों तालाबों के मध्य का नाला निजी!
रविवार को देवी सागर तालाब में मोटर लगाई गई। इस मोटर के साथ मतलबपुरा पुलिया के नीचे पासिंग से पाईप के माध्यम से मुंज में पानी छोड़ा गया। मुंज सागर में गहरीकरण होने के कारण अभी तक हुई बारिश में वह पूर्ण रूप से भराया नहीं है। अभी भी पाल से उसका सतह काफी  हद तक सुखी है। इधर जहां मोटर लगाई गई है वहां से दोनों तालाबों के जल निकासी चेनल तक बड़ी भूमि निजी कब्जे के तौर पर दिखाई दी। तीन दिन पूर्व अधिकारियों के समक्ष भी जमीन निजी होने की बातें बताई गई थी। सवाल उठने लगे है कि राजा भोज की तालाब निर्माण व्यवस्था में 1 तालाब के पूर्ण भराने पर दूसरे तालाब में पानी जाने के लिए चेनल बनाई गई थी। जिसे आम भाषा में नाला भी कहा जाता है। नाले की जमीन निजी कैसे हो सकती है।
यह है मामला 
4 दिन पहले देवी सागर तालाब के लबालग होने की स्थिति सामने आने के बाद नगरपालिका सीएमओ निशिकांत शुक्ला ने अधिकारियों के साथ तुरंत तालाब क्षेत्र का दौरा कर रिसाव रोकने के लिए निर्देश जारी किए थे। इधर लबालब तालाब में लगातार ओवरफ्लो बोरिंगों का पानी आने से तालाब को नुकसान ना हो इसके लिए डब्ल्यूआरडी को पत्र लिखकर तालाब निरीक्षण एवं उचित मार्गदर्शन के लिए बुलाया गया था। दो दिन अवकाश होने के कारण डब्ल्यूआरडी की और से कोई भी अभियंता नहीं पहुंचा। जिसके बाद तुरंत रविवार को तालाब को आंशिक रूप से खाली करने का निर्णय लिया गया। 
इनका कहना है 
तालाब में अभी भी ओवरफ्लो बोरिंगों का पानी आ रहा है। तालाब में पानी रिसाव रोक दिया गया है, लेकिन तालाब को कोई खतरा ना हो इसके लिए मोटर से पानी दूसरे तालाब में लिफ्ट किया गया है। हमारा उद्देश्य तालाब और जल दोनों को संरक्षित करने का है। इसी के तहत यह कवायद की गई है। 
निशिकांत शुक्ला, सीएमओ नपा धार 

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