धार~हिन्दी-अंग्रेजी की पढ़ाई ना होने पर बच्चों ने स्कूल गेट पर जड़े ताले ~~

मामला सरदारपुर तहसील के ग्राम पंचायत बोला हाईस्कूल का, बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी परेशान ~~

धार ( डाॅ. अशोक शास्त्री )। 

सरकारी शालाएं शिक्षकों की कमी से जुझ रही है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर हो रहा है। पढ़ने के इच्छूक बच्चे अब आंदोलन के लिए बाध्य हो गए है। सोमवार को कुछ ऐसा ही नजारा सरदारपुर तहसील के ग्राम पंचायत बोला हाईस्कूल में देखने को मिला है। यहां पर विद्यार्थियों ने अंगे्रजी और हिन्दी विषय की पढ़ाई ना होने के कारण स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। बच्चों के प्रदर्शन की जानकारी पालकों को लगी तो वे शाला में पहुंचे और अपने बच्चों को समझाईश देने लगे थे। हालांकि बच्चे उच्च अधिकारियों से आश्वासन चाहते थे। इधर शिक्षकों के अतिरिक्त पेयजल एवं अन्य सुविधाओं को लेकर भी विद्यार्थियों की समस्याएं सामने आई। 
अंग्रेजी पढ़ी नहीं, 19 से पेपर 
तहसील मुख्यालय से करीब  6 किमी दूर बोला हाईस्कूल में पढ़ने पहुंचे बच्चों ने शाला के गेट पर ताला जड़ दिया। बच्चों ने करीब आधे-पौन घंटे तक परिसर में नारेबाजी की। इस दौरान शाला शिक्षकों ने भी बच्चों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बच्चे स्कूली शक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से बात करने पर ह अड़े हुए थे। विद्यार्थियों का कहना था कि 19 सितंबर से त्रैमासिक परीक्षाएं प्रारंभ होने वाली है। पहला पर्चा अंग्रेजी का है और अभी तक स्कूल अंग्रेजी विषय की पढ़ाई नहीं कराई गई है। ऐसी स्थिति में हम पर्चे में लिखेंगे क्या। 
बाउंड्रीवाल और पानी भी नहीं 
शाला की छात्रा दिव्या धर्मचंद्र, अभिनंदन अमृतलाल , चंदन बंकट, अर्जुन परमानंद, माया खेमराज ने बताया कि स्कूल गांव से 1 किलोमीटर दूर है जहां आसपास सुनसान माहौल रहता है। कई बार स्कूल बाउंड्री वाल नहीं होने की वजह से जंगली  जानवर स्कूल परिसर में आ जाते हैं। पीने के पानी की व्यवस्था के साथ लाइट की व्यवस्था भी नहीं है। बच्चों का कहना था कि जब तक समस्याओं का निराकरण नहीं होगा हम प्रदर्शन जारी रखेंगे। बोला ग्राम के सरपंच धोली राम बाबर से चर्चा तो की तो उन्होंने बताया कि मैं अभी चुनाव जीता हूं। मेरे जानकारी में यह मामला नहीं है। मैं इस विषय में उच्च अधिकारियों से चर्चा करूंगा।  
इनका कहना है 
बोला हाईस्कूल में विद्यार्थियों के प्रदर्शन के संबंध में अभी आपके माध्यम से जानकारी मिली है। इस संदर्भ में शिक्षकों से चर्चा के बाद वस्तस्थिति समझने पर जवाब दे पाऊंगी। विषयवार शिक्षक नहीं है तो दूसरे शिक्षक पढ़ा रहे होंगे। यदि ऐसा नहीं है तो शिक्षक भेजे जाएंगे और अन्य समस्याओं का भी निराकरण किया जाएगा। 
श्रीमती सुप्रिया बिसेन, सहायक आयुक्त धार 

Share To:

Post A Comment: